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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 130893 (ALL)
IRSHAD ALI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME LKO.
BAIL/2659/2025 · 2025-04-01
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 130893 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:17976 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2659 of 2025 Applicant :- Irshad Ali Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. Counsel for Applicant :- Mohd. Sabir Farooqui,Kanchan Maurya Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ममोहम्मद सप्रावबिर फप्रारूकक़ी तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासकक़ीय अधधिविकप्रा शश्री अननंत पतप्राप धसनंह कमो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलमोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सनंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि सनंख्यप्रा 483 सनन् 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 105 बिश्री०एन०एस, रप्रानप्रा-पप्रालश्री, धजिलप्रा-हरदमोई मम जिमप्रानत कक़ी पप्राररनप्रा कक़ी हहै।
3. वदनप्रानाँक 10.11.2024 कमो पप्रारर्थी तरप्रा उसकके अजप्रात पररविप्रारश्रीजिन कके वविरुद्ध पप्रारर्थी कके भप्रानंजिके दप्रारप्रा धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपमोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार कके एक मप्रामप्रा इसरप्रार अलश्री उरर बिप्रादशप्राह कक़ी शप्रादश्री नहहीं हहई और विह अलग रहतके हह एविनं वशकप्रायतकतप्रार कक़ी मप्रानाँ उनकके सप्रार रहतश्री रश्री। इसरप्रार अलश्री अत्यधधिक नशप्रा करतके रके , धजिस कप्रारण घरविप्राललों सके आए -वदन वविविप्राद हहआ करतप्रा रप्रा। वदनप्रानाँक 07.11.2024 कक़ी शप्राम कमो इसरप्रार अलश्री शरप्राबि पश्रीकर आए और पप्रारर्थी कके घर विप्राललों सके वविविप्राद हमो गयप्रा , धजिसमम इसरप्रार अलश्री कके सप्रार मप्रार-पश्रीर कक़ी गई। बिप्राद मम पतप्रा चलप्रा वक इसरप्रार अलश्री उरर बिप्रादशप्राह कमो चमोरम भश्री आई रश्री। उनकमो इलप्राजि हकेतसु अस्पतप्राल लके जिप्रायप्रा गयप्रा। वदनप्रानंक 08.11.2024 कमो तवबियत खरप्राबि हमोनके पर पसुननः अस्पतप्राल लके गए और पसुननः विप्रापस घर लके आए, जिहप्रानाँ रप्रात 11 बिजिके उनकक़ी ममृत्यसु हमो गई।
4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै और उसकप्रा कमोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
5. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम शरश्रीर पर कई चमोरम पप्राई गई हह तरप्रा ममृत्यसु कप्रा कप्रारण ममृत्यसु पसूविर आई चमोरलों कके कप्रारण घप्रात एविनं रकसप्रावि हमोनप्रा बितप्रायप्रा गयप्रा हहै।
6. वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान वदए गए अपनके बियप्रान मम वशकप्रायतकतप्रार नके सह -अवभयसुक शश्रीमतश्री तहसश्रीन एविनं रहनसुमप्रा दप्रारप्रा ममृतक कके सप्रार मप्रार-पश्रीर वकयप्रा जिप्रानप्रा तरप्रा रहनसुमप्रा दप्रारप्रा ममृतक कके सर मम ईनंर कप्रा रसुकडप्रा मप्रार वदयप्रा जिप्रानप्रा कहप्रा हहै। शश्रीमतश्री तहसश्रीन तरप्रा कसु ० रहनसुमप्रा कमो जिमप्रानत पप्राररनप्रा पत सनंख्यप्रा 1842 सनन् 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रानंक 03.03.2025 दप्रारप्रा जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा आदकेश हमो चसुकप्रा हहै।
7. वविदप्रान अपर शप्रासकक़ीय अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरमोपलों कक़ी पसुवष्टि हहई हहै और वदनप्रानंक 06.01.2025.
कमो आरमोप पत पस्तसुत वकयप्रा जिप्रा चसुकप्रा हहै।
8. उपरमोक तथ्यलों कके दृवष्टिगत , जिबिवक वविविकेचक कमो वदए गए बियप्रान मम शश्रीमतश्री तहसश्रीन तरप्रा कसु ० रहनसुमप्रा कके वविरुद्ध चमोर कप्राररत करनके कके वविशकेष करन वकए गए हह एविनं उनकमो जिमप्रानत वमल चसुकक़ी हहै तरप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध वकसश्री चमोर कप्राररत करनके कप्रा वविशकेष आरमोप नहहीं हहै, वविविकेचनप्रा पसूणर हमो चसुकक़ी हहै और पप्रारर्थी वदनप्रानंक 02.01.2025 सके जिकेल मम वनरुद्ध, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
9. तदनसुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
10. आविकेदक इरशप्राद अलश्री कमो वनम्नधलधखत शतर्दोनं कके अधिश्रीन सनंबिनंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय कक़ी सनंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बिनंधिपत और समप्रान रप्रावश कक़ी दमो जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरमोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयमोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयमोजिन पक कके सप्रावकयलों पर दबिप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत कक़ी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हमोगप्रा। Order Date :- 1.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench