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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 130679 (ALL)

RAM BHARAT v. STATE OF U.P. THRU. THE PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.

BAIL/2635/2025 · 2025-04-02

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:18397 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2635 of 2025 Applicant :- Ram Bharat Opposite Party :- State Of U.P. Thru. The Prin. Secy. Home Deptt. Lko. Counsel for Applicant :- Brijesh Kumar Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A.,Vinod Kumar,Vinod Kumar Pandey Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. शशिककायतकतकार्ता कके अधधिवकका शश्री शवननोद कक मकार पकापांडकेय नके वककालतनकामका प्रस्तकत शकयका धजिसके , अशभिलकेख पर धलयका जिकातका हहै। 2. प्रकारर्थी कके शवदकान अधधिवकका शश्री बबृजिकेशि कक मकार यकादव तरका शवदकान अपर शिकासककीय अधधिवकका शश्री अपांशिकमकान वमकार्ता कनो सकनका तरका पतकावलश्री कका अवलनोकन शकयका। 3. धिकारका 439 दपां०प्र०सपां०/483 भिकारतश्रीय नकागररक सकरकका सपांशहतका (B.N.S.S.) मम प्रस्तकत इस प्रकारर्तानका-पत दकारका प्रकारर्थी नके मककदमका अपरकाधि सपांख्यका 123 सन 2024, अन्तगर्तात धिकारका 115(2), 351(2), 352, 118(1), 105 बश्री०एन०एस,रकानका-हधलयकापकर, धजिलका-सकल्तकानपकर मम जिमकानत ककी प्रकारर्तानका ककी हहै। 4. शदनकापांक 27.11.2024 कनो 20.17 बजिके प्रकारर्थी सशहत 3 व्यशकययों कके शवरुद्ध धलखकाई गई प्ररम ससूचनका ररपनोरर्ता मम शशिककायतकतर्थी नके कहका शक शदनकापांक 26.11.2024 कनो सकबह 9 बजिके प्रकारर्थी नके शशिककायतकतर्थी कके शपतका सके अपनश्री जिमश्रीन मम लगश्री हहई धिकान कके पहैरका ककी खरहश्री हरकानके कनो कहका। शशिककायतकतर्थी कके शपतका नके कहका शक खरहश्री उनककी जिमश्रीन मम लगश्री रश्री व इतनश्री जिल्दश्री नहहीं हरकाई जिका सकतश्री हहै एवपां बकाद मम हरका लकेनके कनो कहका और मकामलका शिकापांत हनो गयका। शशिककायतकतर्थी कके शपतका शिकाम 4 बजिके जिकानवर लकेकर जिपांगल ककी तरफ चरकानके गए। अशभियककगण नके जिपांगल मम उन पर लकाठश्री-डण्डके व हधसयका सके प्रहकार शकयका धजिससके उनकका चकेहरका व गलका कर गयका व गपांभिश्रीर चनोरम आईपां। घकायल व्यशक कके शिनोर मचकानके पर गकामश्रीणयों कनो आतका दकेखकर अशभियककगण जिकान सके मकारनके ककी धिमककी दकेकर भिकाग गए। घकायल कनो गकापांव वकालयों नके 112 नपांबर पर फनोन करकके एपांबकलमस सके शपठलका अस्पतकाल शभिजिवकायका जिहकापां सके धजिलका अस्पतकाल, फहै जिकाबकाद भिकेजि शदयका गयका। घकायल ककी अस्पतकाल मम शदनकापांक 28.11.2024 कनो मबृत्यक हनो गई। 5. शचशकत्सश्रीय परश्रीकण मम दकाशहनके गकाल पर चकार रकापांकके , दकाशहनके ककान कके ऊपर पकापांच रकापांकके , दकाशहनके पहैर मम घकरनके कके नश्रीचके तश्रीन खरनोचम व ससूजिन एवपां पहैर ककी हडश्री मम फहै क्चर बतकायका गयका। मबृत्यक कका ककारण मबृत्यक पसूवर्ता आई चनोरयों कके ककारण अपघकात व रकसकाव बतकायका गयका। 6. पकधलस नके सभिश्री अशभियककगण कनो शगरफ्तकार शकयका तरका उनकके बतकानके पर जिपांगल सके एक झकाड़ कके नश्रीचके सके एक हधसयका और एक लकाठश्री बरकामद ककी गई। हधसयका और लकाठश्री सके रक रपांधजित हनोनके कका करन फदर्ता बरकामदगश्री मम नहहीं हहै। 7. शववकेचनका कके ददौरकान शववकेचक नके मबृतक ककी पकशतययों रश्रीतका , गकशड़यका तरका पकत रकाजिकेन्द्र कके बयकान अपांशकत शकए हह। धजिन सभिश्री नके प्ररम ससूचनका ररपनोरर्ता कके करनयों कका समरर्तान शकयका हहै। 8. प्रकारर्तानका पत कके सकार प्रस्तकत शिपर पत मम कहका गयका हहै शक प्रकारर्थी एक शनदर्दोष व्यशक हहै तरका उसकका कनोई पसूवर्ता आपरकाधधिक इशतहकास नहहीं हहै। प्रस्तकत प्रकरण मम सह-अशभियकक अजिकर्तान एवपां सकदकामका शनषकाद कनो इस न्यकायकालय दकारका जिमकानत प्रकारर्तानका पत सपांख्यका 2550 सनन् 2025 एवपां 1946 सनन् 2025 कनो कबृ मशिशः जिमकानत दश्री जिका चकककी हहै। 9. शवदकान अपर शिकासककीय अधधिवकका नके प्रकारर्तानका पत कका शवरनोधि करतके हहए कहका शक अशभियककगण ककी शनशिकानदकेहश्री पर लकाठश्री तरका हधसयका ककी बरकामदगश्री हहई हहै। शववकेचनका मम आरनोपयों ककी पकशष्टि हहई हहै और इसश्री कके उपरकापांत आरनोप पत शदनकापांक 12.12.2024 कका प्रस्तकत ककी जिका चकककी हहै। 10. शशिककायतकतकार्ता कके शवदकान अधधिवकका नके प्रकारर्तानका पत कका घनोर शवरनोधि करतके हहए कहका शक मबृतकका कनो धसर पर चनोरम ककाररत ककी गई तरका उसककी पकतश्री तरका पकत घरनका कके चककदशिर्थी हह। 11. प्ररम ससूचनका ररपनोरर्ता मबृतक ककी पकतश्री लकालमतश्री नके धलखकाई और उसनके प्ररम ससूचनका ररपनोरर्ता मम कहका शक उसकके शपतका जिश्री कके हलका-गकहकार पर गकामश्रीणयों कनो आतका दकेखकर अशभियककगण जिकान सके मकारनके ककी धिमककी दकेकर चलके गए और प्ररम ससूचनका ररपनोरर्ता मम कहहीं भिश्री शशिककायतकतर्थी नके मबृतक ककी पकशतययों और पकत कनो मदौकके पर पहहहुँचनका नहहीं कहका हहै, धजिससके यह प्रतश्रीत हनोतका हहै शक वह लनोग घरनका कके चककदशिर्थी सकाकश्री नहहीं हहै तरका उन्हयोंनके बकाद मम अपनके कनो चककदशिर्थी हनोनके कका करन कर शदयका हहै। 12. उपरनोक तथ्ययों कनो दृशष्टिगत रखतके हहए जिबशक प्ररम ससूचनका ररपनोरर्ता तरका शववकेचनका कके ददौरकान अपांशकत बयकानयों मम लगकातकार यह कहका गयका हहै शक पश्रीशड़त घकायल व्यशक कके शिनोर मचकानके पर गकामवकासश्री वहकापां पहहपांच गए रके इसकके बकाद अशभियककगण भिकाग गए, तरका घकायल कके पररवकारश्रीजिन कका मदौकके कका उपसस्रत हनोनका नहहीं कहका गयका रका , शकपां तक शववकेचक नके मकात घकायल व्यशक कके पररवकारश्रीजिनयों कके बयकान अपांशकत शकए हह तरका शकसश्री गकामवकासश्री कका बयकान अपांशकत नहहीं हहआ हहै, प्रकारर्थी एक शनदर्दोष व्यशक हहै धजिसकका कनोई आपरकाधधिक इशतहकास नहहीं हहै तरका वह शदनकापांक 29.11.2024 सके जिकेल मम हहै एवपां शववकेचनका पसूणर्ता हनो चकककी हहै। न्यकायकालय कका मत हहै शक प्रकारर्थी जिमकानत पर ररहका शकए जिकानके कका अधधिककारश्री हहै। 13. तदनकसकार, जिमकानत प्रकारर्तानका-पत स्वश्रीककार शकयका जिकातका हहै। 14. आवकेदक रकाम भिरत कनो शनम्नधलधखत शितर्दोपां कके अधिश्रीन सपांबपांधधित मधजिस्रटकेर/न्यकायकालय ककी सपांतकशष्टि कके अनकसकार एक व्यशकगत बपांधिपत और समकान रकाशशि ककी दनो जिमकानतम प्रस्तकत करनके पर उपरनोक मकामलके मम जिमकानत पर ररहका शकयका जिकाए : - (i) आवकेदक अशभियनोजिन सकाक्ष्य कके सकार छकेड़छकाड़ नहहीं करकेगका; (ii) आवकेदक अशभियनोजिन पक कके गवकाहयों पर दबकाव नहहीं डकालकेगका; (iii) आवकेदक रटकायल कनोरर्ता दकारका तय ककी गई प्रत्यकेक तकारश्रीख पर उपसस्रत हनोगका। Order Date :- 2.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench