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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 130506 (ALL)

SHAHID v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. GOVT. LKO AND 3OTHERS

BAIL/2638/2025 · 2025-04-04

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:18782 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2638 of 2025 Applicant :- Shahid Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Govt. Lko And 3others Counsel for Applicant :- Dharmendra Kumar Misra,Jyoti Tripathi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री धिररन्द्र कक रप्रार वरशप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कक रप्रार वत्रिपप्राठश्री कलो सकनप्रा तरप्रा पत्रिप्राविलश्री कप्रा अविललोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 439 ददं०प०सदं०/483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा सदंवहितप्रा (B.N.S.S.) रम पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत्रि दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके रककदरप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 0286 सन 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 70(2), 115(2), 127(2), 123 बश्री०एन०एस एविदं 5(g)/6 पपॉक्सलो एक्ट (POCSO Act) 2012, रप्रानप्रा-अचलगदंज, धजलप्रा-उनप्रावि रम जरप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्रादंक 06.09.2024 कलो तश्रीन नप्राबप्राधलग लड़वकययों नके पप्रारर्थी सवहित चप्रार व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परर ससूचनप्रा ररपलोटर रम यहि कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वदनप्रादंक 28.08.2024 कलो सप्रादंय 5 बजके जब विके तश्रीनलो गप्रागाँवि विप्रापस आनके कके धलए आजप्राद रप्रागर बप्राईपप्रास पर सप्राधिन कप्रा इदंतजप्रार कर रहिके रके, तब अवभयककगण नके उन सबकलो वरठप्राई खप्रानके कलो दश्री और उनकलो विहैन रम बहैठप्रा धलयप्रा। उसकके बप्राद तश्रीनलो लड़वकयप्रादं बकेहिलोश हिलो गईदं और हिलोश आनके पर विके हिहैदरगढ कके कलोटरप्रा रम डकेरके रम रश्री। सभश्री अवभयकक नके डरप्रा -धिरकप्राकर तश्रीनयों लड़वकययों कके सप्रार कई बप्रार शप्रारश्रीररक सदंबदंधि बनप्राए एविदं भप्रागनके कप्रा पयप्रास करनके पर रप्रारप्रा -पश्रीटप्रा। वदनप्रादंक 31.08.2024 कलो विके वकसश्री पकप्रार भप्रागनके रम सफल हिहई। 4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगरत अदंवकत अपनके बयप्रान रम पश्रीवडड़तप्राओदं नके पसूविर करनयों कप्रा सरररन करतके हिहए कहिप्रा वक, हिलोश आनके पर उन ललोगयों नके पसूछप्रा तलो अवभयककगण नके बतप्रायप्रा वक विके ललोग हिहैदरगढ रम रके, तब विहिप्रागाँ सके कलोटरप्रा लके गए। एक पश्रीवड़तप्रा नके कहिप्रा वक चप्रारयों ललोगयों नके सब सके छकेड़खप्रानश्री ककी और उसकके सप्रार गदंदप्रा कप्रार वकयप्रा। एक वदन बप्राररूर जप्रानके कके बहिप्रानके विहिप्रागाँ सके भप्रागकर तश्रीनयों पश्रीवड़तप्राएदं अपनके घर आ गईदं। अन्य दलोनयों पश्रीवड़तप्राओदं नके भश्री सरप्रान पकक वत कके करन वकयके। 5. वचवकत्सककीय परश्रीकण रम वकसश्री भश्री पश्रीवड़तप्रा कके शरश्रीर पर चलोट अरविप्रा बल पयलोग कप्रा कलोई वचन्हि नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा हिहै। 6. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत अदंवकत अपनके बयप्रानयों रम तश्रीनयों पश्रीवड़तप्राओदं नके कहिप्रा वक जब विके वदनप्रादंक 28.08.2024 कलो सप्रादंय 8 बजके सप्राधिन कप्रा सहिप्रारप्रा दकेख रहिके रके, गप्रागाँवि कके चप्रार लड़कके (अवभयककगण) विहैन सके आए और वरठप्राई धखलप्राकर उन ललोगयों कके सप्रार बकरप्रा कप्रार वकयप्रा हिहै। पश्रीवड़तप्राओदं नके कहिप्रा वक उसकके बप्राद उन ललोगयों कलो जदंगल रम भश्री दलो वदन रखप्रा गयप्रा तरप्रा विहिप्रागाँ पर भश्री गलत कप्रार वकयप्रा, वफर भश्री विके ललोग कहै सके भश्री भप्राग गए। 7. पप्राररनप्रा पत्रि कके सप्रार पस्तकत शपर पत्रि रम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 65 विरर्थीय वनदर्दोर व्यवक हिहै तरप्रा उसकप्रा कलोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत्रि कप्रा वविरलोधि करतके हिहए कहिप्रा वक लगप्राए गए आरलोप गदंभश्रीर पकक वत कके हिह और वविविकेचनप्रा अभश्री पचधलत हिहै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके यहि भश्री कहिप्रा वक इस जरप्रानत पप्राररनप्रा पत्रि ककी ससूचनप्रा तश्रीनयों पश्रीवड़तप्राओदं कलो पकधलस दप्रारप्रा दश्री जप्रा चकककी हिहै , वकन्तक उनककी तरफ सके कलोई भश्री जरप्रानत पप्राररनप्रा पत्रि कप्रा वविरलोधि करनके कके धलए उपसस्रत नहिहीं हिहआ हिहै। 9. उपरलोक तथ्ययों कके दृवष्टिगत , जबवक परर ससूचनप्रा ररपलोटर रम पश्रीवड़तप्राओदं कलो वदनप्रादंक 28.08.2024 सके एक डकेकके रम रखकर गलत कप्रार करनप्रा तरप्रा विहिप्रादं सके रमौकप्रा वरलनके पर वदनप्रादंक 31.08.2024 कलो भप्रागनप्रा कहिप्रा हिहै। धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस कके बयप्रानयों रम भश्री पश्रीवड़तप्राओदं नके उनकलो कलोटरप्रा कके डकेरके रम हिश्री रखनप्रा कहिप्रा हिहै , वकन्तक धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत बयप्रानयों रम पश्रीवड़तप्राओदं नके विहैन रम गलत कप्रार करनके कके बप्राद दलो वदन तक जदंगल रम रखनके कके बप्रारके रम कहिप्रा हिहै; वचवकत्सककीय परश्रीकण रम वकसश्री भश्री पकप्रार कके बल पयलोग कप्रा कलोई वचन्हि नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा हिहै; यद्यवप धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके बयप्रानयों रम पश्रीवड़तप्राओदं नके कहिप्रा हिहै वक चप्रारयों अवभयककगण कप्रा नप्रार लकेकर कहिप्रा हिहै वक विके सभश्री अवभयककगण गप्रागाँवि कके हिश्री लड़कके हिह, वकन्तक पप्रारर्थी उन्हिहीं रम सके एक नप्रावरत अवभयकक हिहै और उसककी आयक 65 विरर हिहै, वबनप्रा ऐसप्रा कलोई रत व्यक करतके हिहए, जलो वविचप्रारण कलो पभप्राववित करके, न्यप्रायप्रालय कप्रा रत हिहै वक उपरलोक तथ्य पप्रारर्थी कलो जरप्रानत पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा पयप्रारप्त आधिप्रार पदप्रान करतके हिह। 11. तदनकसप्रार, जरप्रानत पप्राररनप्रा-पत्रि स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 12. आविकेदक शप्रावहिद कलो वनम्नधलधखत शतर्दोदं कके अधिश्रीन सदंबदंधधित रधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सदंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बदंधिपत्रि और सरप्रान रप्रावश ककी दलो जरप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरलोक रप्रारलके रम जरप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयलोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयलोजन पक कके सप्रावकययों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हिलोगप्रा। Order Date :- 4.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench