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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 130498 (ALL)

SHIKHA VERMA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/2606/2025 · 2025-04-01

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:17967 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2606 of 2025 Applicant :- Shikha Verma Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Vivek Chandra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी वविविकेक चचंदप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा शनी अचंशशुमप्रान विमप्रार कको सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलनी कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतनीय नप्रागररक सशुरकप्रा सचंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तशुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदमप्रा अपरप्राधि सचंख्यप्रा 32 सन 2025, अन्तगरत धिप्रारप्रा 111 बनी०एन०एस एविचं 8/22 स्विप्रापक औषरधि और मन:पभप्राविनी पदप्रारर अरधिवनयम, रप्रानप्रा-ककोतविप्रालनी दकेहिप्रात, रजिलप्रा-सशुल्तप्रानपशुर मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्राचंक 28.01.2025 कको एक पशुरलस वनरनीकक दप्रारप्रा पप्रारररननी सवहित छछः व्यवकययों कके वविरुद्ध रलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम यहि कहिप्रा गयप्रा हिहै वक एक मशुखवबर सके पप्राप ससूचनप्रा कके आधिप्रार पर एक बस कको रकोकप्रा गयप्रा तरप्रा मशुखवबर कके हिनी बतप्रानके कके अनशुसप्रार बस सके पप्रारररननी तरप्रा सहि-अवभयशुक सचंतकोष कशु मप्रार झप्रा कको उनकके सप्रामप्रान सवहित बस सके ननीचके उतरविप्रा कर बहैग ककी तलप्राशनी लनी गई तको बहैग कके अचंदर सके दको पहैकके र बरप्रामद हिहए रजिनकको खकोलनके पर उसकके अचंदर बहिहत सप्रारके छकोरके-छकोरके पहैकके र बरप्रामद हिहए। परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक "रजिसकको पसूछनके पर चरस बतप्रा रहिप्रा हिहै ", जिको करन पप्रारररननी सके सचंबचंरधित नहिहीं हिको सकतप्रा क्यशुयुँवक पप्रारररननी एक मवहिलप्रा हिहै। दकोनयों पहैकके रयों कके अचंदर सके कशु ल 108 पहैकके र बरप्रामद हिहए रजिनकप्रा कशु ल विजिन 5.628 वकलकोगप्राम पप्रायप्रा गयप्रा हिहै। एक पहैकके र अलग सके नमसूनके कके रूप मम वनकप्रालकर सनील वकयप्रा गयप्रा। 4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तशुत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै ककी पप्रारररननी एक वनदर्दोष मवहिलप्रा हिहै और उसकप्रा ककोई आपरप्रारधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। 5. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा नके उनकको पप्राप अनशुदकेशयों कके आधिप्रार पर पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरकोधि वकयप्रा और उन्हियोंनके कहिप्रा वक लगप्राए गए आरकोप गचंभनीर पकक वत कके हिह। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा नके एक पश्न कके उत्तर मम यहि बतप्रायप्रा ककी पप्रारररननी तरप्रा सहि- अवभयशुक सचंतकोष कशु मप्रार झप्रा कको मप्रात मशुखवबर ककी ससूचनप्रा कके आधिप्रार पर पकडप्रा गयप्रा हिहै और ऐसनी ककोई सप्रामगनी वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान पकप्राश मम नहिहीं आई हिहै , रजिससके उनमम आपस मम ककोई सचंपकर स्रप्रावपत हिको सकके । 6. उपरकोक तथ्ययों कके दृवष्टिगत, जिबवक पश्नगत विस्तशु ककी बरप्रामदगनी बस मम रखके हिहए एक बहैग सके हिहई हिहै; अवभरकप्रा मम दनी गई स्विनीकप्रारकोवक कके अवतररक बहैग कप्रा पप्रारर्थी कके स्विप्रावमत्वि मम हिकोनके कके सचंबचंधि मम ककोई अन्य सप्राक्ष्य नहिहीं हिहै; यद्यवप पश्नगत सप्रामगनी 108 पहैकरयों सके बरप्रामद हिहई हिहै, नमसूनके कके रूप मम मप्रात एक पहैकके र रलयप्रा गयप्रा हिहै तरप्रा सभनी पहैकके रयों सके नमसूनप्रा नहिहीं वनकप्रालप्रा गयप्रा हिहै; नमसूनप्रा स्विप्रापक ओषरधि और मन:पभप्राविनी पदप्रारर अरधिवनयम कके पप्राविधिप्रानयों कके अनशुसप्रार नहिहीं वनकप्रालप्रा गयप्रा हिहै तरप्रा पप्रारररननी एक मवहिलप्रा हिहै रजिसकप्रा ककोई आपरप्रारधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै ककी पप्रारररननी जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जिप्रानके ककी अरधिकप्राररणनी हिहै। 7. तदनशुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विनीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिहै। 8. आविकेवदकप्रा वशखप्रा विमप्रार कको वनम्नरलरखत शतर्दोचं कके अधिनीन सचंबचंरधित मरजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी सचंतशुवष्टि कके अनशुसप्रार एक व्यवकगत बचंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तशुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेवदकप्रा अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहिहीं करकेगनी; (ii) आविकेवदकप्रा अवभयकोजिन पक कके सप्रावकययों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगनी; (iii) आविकेवदकप्रा वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतरर पर उपसस्रत हिकोगनी। Order Date :- 1.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench