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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 130422 (ALL)

JASVEER SINGH YADAV v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/2636/2025 · 2025-04-02

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:18425 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2636 of 2025 Applicant :- Jasveer Singh Yadav Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Vishal Kumar Yadav,Santosh Kumar Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविशप्राल कक मप्रार यप्रादवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अंशकमप्रान विमप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा सअंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा 382 सनन् 2024, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 87, 143, 64, 137(2) बश्री०एन०एस एविअं 5(L)/6 पपॉक्सको एक्ट, 3(2)(V) अनकससूवचित जप्रावत/जनजप्रावत (अत्यप्राचिप्रार वनविप्रारण) अधधिवनयम, 1989, रप्रानप्रा-हिरदश्री,धजलप्रा-बहिरप्राइचि मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्राअंक 22.10.2024 कको धलखप्राई गई परम ससूचिनप्रा ररपकोटर्मा मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वदनप्राअंक 09.10.2024 कको वदन मम तश्रीन बजके नप्रावमत अवभयकक छकोटसू वशकप्रायतकतर्थी ककी 16 विरर्थीय पकतश्री कको शप्रादश्री कप्रा झप्राअंसप्रा दकेकर बहिलप्रा-फक सलप्राकर भगप्रा लके गयप्रा। 4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगर्मात अंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके कहिप्रा वक उसककी आयक 16 विरर्मा हिहै, विहि स्वियअं हिश्री बहिरप्राइचि गई रश्री, जहिप्राहाँ एक भईयप्रा वमलके, धजनकके सप्रार विहि लखनऊ गई एविअं लगभग 15 वदन उनककी दश्रीदश्री कके घर पर रहिश्री , वफर उन्हिहोंनके पश्रीवड़ितप्रा ककी शप्रादश्री पप्रारर्थी कके सप्रार करप्रा दश्री। पश्रीवड़ितप्रा पप्रारर्थी कके सप्रार उसककी पत्नश्री कके रूप मम रहि रहिश्री रश्री वक वदनप्राअंक 13.11.2024 कको पप्रारर्थी कके घर मम उसके पकड़ि धलयप्रा गयप्रा। 5. वचिवकत्सककीय परश्रीकण मम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर बल पयकोग कप्रा ककोई वचिन्हि नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा। रकेवडियकोलपॉधजकल परश्रीकण मम पश्रीवड़ितप्रा ककी आयक लगभग 16 सके 17 विरर्मा पप्राई गई। पहैरकोलपॉजश्री जप्राहाँचि मम विश्रीयर्मा ककी उपसस्रवत नहिहीं पप्राई गई। 6. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगर्मात अंवकत अपनके बयप्रान मम भश्री पश्रीवड़ितप्रा नके यहि कहिप्रा वक उसककी मजर्थी सके उसककी शप्रादश्री पप्रारर्थी सके करप्रा दश्री गई हिहै , विहि बप्राधलग हिकोनके कके पश्चिप्रात पप्रारर्थी कके सप्रार हिश्री रहिनप्रा चिप्राहितश्री हिहै। 7. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हिहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचिनप्रा मम आरकोपहों ककी पकवष्टि हिहई हिहै और वदनप्राअंक 04.02.2025 कको आरकोप पत पस्तकत वकयप्रा जप्रा चिककप्रा हिहै। 9. पकरण मम सहि-अवभयककगण रप्राम चिअंद, वविदप्रादकेविश्री एविअं अरुन कक मप्रार कको इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा पत सअंख्यप्रा 1748 सनन् 2025 एविअं 1525 सनन् 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्राअंक 28.02.2025 एविअं 18.02.2025 दप्रारप्रा जमप्रानत वमल चिकककी हिहै। 10. उपरकोक तथ्यहों कके दृवष्टिगत, जबवक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके वकसश्री बयप्रान मम पप्रारर्थी दप्रारप्रा बल पयकोग अरविप्रा ककोई आपरप्राधधिक कक त्य वकए जप्रानके कप्रा ककोई आरकोप नहिहीं लगप्रायप्रा हिहै और उसनके अपनश्री मजर्थी सके पप्रारर्थी कके सप्रार वविविप्राहि करनप्रा कहिप्रा हिहै , पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै और विहि वदनप्राअंक 13.11.2024 सके जकेल मम वनरुद्ध हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 11. तदनकसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 12. आविकेदक जसविश्रीर धसअंहि यप्रादवि कको वनम्नधलधखत शतर्दोअं कके अधिश्रीन सअंबअंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सअंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बअंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके सप्रावकयहों पर दबप्रावि नहिहीं डिप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचिप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हिकोगप्रा। Order Date :- 2.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench