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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 130347 (ALL)
ARJUN v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.
BAIL/2550/2025 · 2025-03-26
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 130347 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:17183 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2550 of 2025 Applicant :- Arjun Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. Counsel for Applicant :- Brijesh Kumar Yadav,Lalit Kishore Tiwari,Shiv Kumar Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री लधलत वकशशोर वतविप्रारश्री , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री वदिविप्राकर धससिंह कशो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. पस्तसुत पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदिमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 123 सन 2024 अन्तररत धिप्रारप्रा 115(2), 351(2), 352, 118 (1), 105 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससिंवहतप्रा,2023 रप्रानप्रा हधलयप्रापसुर , धजिलप्रा ससुल्तप्रानपसुर मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदिनप्रासिंक 27.11.2024 कशो 20.17 बजिके पप्रारर्थी सवहत 3 व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक वदिनप्रासिंक 26.11.2024 कशो ससुबह 9 बजिके पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतर्थी कके वपतप्रा सके अपनश्री जिमश्रीन मम लरश्री हहई धिप्रान कके पहैरप्रा ककी खरहश्री हरप्रानके कशो कहप्रा। वशकप्रायतकतर्थी कके वपतप्रा नके कहप्रा वक खरहश्री उनककी जिमश्रीन मम लरश्री रश्री वि इतनश्री जिल्दिश्री नहह हरप्राई जिप्रा सकतश्री हहै एविसिं बप्रादि मम हरप्रा लकेनके कशो कहप्रा और मप्रामलप्रा शप्रासिंत हशो रयप्रा। वशकप्रायतकतर्थी कके वपतप्रा शप्राम 4 बजिके जिप्रानविर लकेकर जिसिंरल ककी तरफ चरप्रानके रए। वविपकश्रीरणयों नके जिसिंरल मम उन पर लप्राठश्री-डण्डम वि हधसयप्रा सके पहप्रार
वकयप्रा धजिससके उनकप्रा चकेहरप्रा वि रलप्रा कर रयप्रा वि रसिंभश्रीर चशोरम आईसिं। घप्रायल व्यवक कके शशोर मचप्रानके पर गप्रामश्रीणयों कशो आतप्रा दिकेखकर अवभयसुकरण जिप्रान सके मप्रारनके ककी धिमककी दिकेकर भप्रार रए। घप्रायल कशो रप्रासिंवि विप्रालयों नके 112 नसिंबर पर फशोन करकके एसिंबसुलमस सके वपठलप्रा अस्पतप्राल वभजिविप्रायप्रा जिहप्रासिं सके धजिलप्रा अस्पतप्राल, फहै जिप्राबप्रादि भकेजि वदियप्रा रयप्रा। घप्रायल ककी अस्पतप्राल मम वदिनप्रासिंक 28.11.2024 कशो ममृत्यसु हशो रई।
4. वचवकत्सश्रीय परश्रीकण मम दिप्रावहनके रप्राल पर चप्रार रप्रासिंकके , दिप्रावहनके कप्रान कके ऊपर पप्रासिंच रप्रासिंकके , दिप्रावहनके पहैर मम घसुरनके कके नश्रीचके तश्रीन खरशोचम वि ससूजिन एविसिं पहैर ककी हडश्री मम फहै क्चर बतप्रायप्रा रयप्रा। ममृत्यसु कप्रा कप्रारण ममृत्यसु पसूविर आई चशोरयों कके कप्रारण अविघप्रात वि रकसप्रावि बतप्रायप्रा रयप्रा।
5. पसुधलस नके सभश्री अवभयसुकरण कशो वररफ्तप्रार वकयप्रा तरप्रा उनकके बतप्रानके पर जिसिंरल सके एक झप्राड़ कके नश्रीचके सके एक हधसयप्रा और एक लप्राठश्री बरप्रामदि ककी रई। हधसयप्रा और लप्राठश्री सके रसिंक रसिंधजित हशोनके कप्रा करन फदिर बरप्रामदिरश्री मम नहह हहै।
6.
वविविकेचनप्रा कके दिदौरप्रान वविविकेचक नके ममृतक ककी पसुवतययों रश्रीतप्रा , रसुवड़यप्रा तरप्रा पसुत रप्राजिकेन्द्र कके बयप्रान असिंवकत वकए हह। धजिन सभश्री नके परम ससूचनप्रा ररपशोरर कके करनयों कप्रा समररन वकयप्रा हहै।
7. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 62 विरर्थीय वनदिर्दोर व्यवक हहै तरप्रा उसकप्रा कशोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहह हहै।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरशोधि करतके हहए कहप्रा वक अवभयसुकरणयों ककी वनशप्रानदिकेहश्री पर लप्राठश्री तरप्रा हधसयप्रा ककी बरप्रामदिरश्री हहई हहै। वविविकेचनप्रा मम आरशोपयों ककी पसुवष्टि हहई हहै और इसश्री कके उपरप्रासिंत आरशोप पत
वदिनप्रासिंक 12.12.2024 कप्रा पस्तसुत ककी जिप्रा चसुककी हहै।
9. उपरशोक तथ्ययों कशो दृवष्टिरत रखतके हहए जिबवक परम ससूचनप्रा ररपशोरर तरप्रा वविविकेचनप्रा कके दिदौरप्रान असिंवकत बयप्रानयों मम लरप्रातप्रार यह कहप्रा रयप्रा हहै वक पश्रीवड़त घप्रायल व्यवक कके शशोर मचप्रानके पर गप्रामविप्रासश्री विहप्रासिं पहहसिंच रए रके इसकके बप्रादि अवभयसुकरण भप्रार रए, तरप्रा घप्रायल कके पररविप्रारश्रीजिन कप्रा मदौकके कप्रा उपसस्रत हशोनप्रा नहह कहप्रा रयप्रा रप्रा , वकसिं तसु वविविकेचक नके मप्रात घप्रायल व्यवक कके पररविप्रारश्रीजिनयों कके बयप्रान असिंवकत वकए हह तरप्रा वकसश्री गप्रामविप्रासश्री कप्रा बयप्रान असिंवकत नहह हहआ हहै;पप्रारर्थी एक 62 विरर्थीय विमृद्ध व्यवक हहै धजिसकप्रा कशोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहह हहै तरप्रा विह वदिनप्रासिंक 29.11.2024 सके जिकेल मम हहै एविसिं वविविकेचनप्रा पसूणर हशो चसुककी हहै। न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
10. तद्नसुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
11. आविकेदिक अजिसुरन कशो वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकरत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दिशो जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरशोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - ( ) i आविकेदिक अवभयशोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहह करकेरप्रा; ( ) ii आविकेदिक अवभयशोजिन पक कके रविप्राहयों पर दिबप्रावि नहह डप्रालकेरप्रा; ( iii) आविकेदिक रटप्रायल कशोरर दप्रारप्रा तय ककी रई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हशोरप्रा। Order Date :- 26.3.2025/Sumit Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench