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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 130221 (ALL)
DHARMENDRA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.
BAIL/2658/2025 · 2025-04-01
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 130221 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:17973 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2658 of 2025 Applicant :- Dharmendra Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. Counsel for Applicant :- Amit Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अवमित कक मिप्रार तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अननंत पतप्राप धसनंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 दनं०प०सनं०/483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा सनंवहतप्रा (B.N.S.S.) मिम पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मिककदमिप्रा अपरप्राधि सनंख्यप्रा 48 सन 2025, अन्तगरत धिप्रारप्रा 85, 80(2) बश्री०एन०एस एविनं 3/4 दहकेज पवतषकेधि अधधिवनयमि, रप्रानप्रा-खमिररयप्रा, धजलप्रा- खश्रीरश्री, मिम जमिप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रानंक 03.02.2025 कको पप्रारर्थी, उसकके छकोटके भप्राई तरप्रा मिप्रानं कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परमि ससूचनप्रा ररपकोटर मिम वशकप्रायतकतप्रार नके कहप्रा वक उसनके अपनके पकतश्री कप्रा वविविप्राह पप्रारर्थी कके छकोटके भप्राई कके सप्रार 5 विषर पसूविर वकयप्रा रप्रा , धजसकप्रा एक 4 विषर कप्रा पकत हहै। अवभयककगण वशकप्रायतकतप्रार ककी पकतश्री कको दहकेज कके धलए पतप्रावड़ित करतके रके तरप्रा उन लकोगगों नके वदनप्रानंक 02/03.02.2025 ककी रप्रात मिम वशकप्रायतकतप्रार ककी पकतश्री ककी हत्यप्रा कर दश्री।
4. पनंचप्रायतनप्रामिके ककी कप्रायरविप्राहश्री पप्रारर्थी तरप्रा उसकके छकोटके भप्राई सह -अवभयकक पप्पसू ककोरश्री ककी मिमौजसूजू़दगश्री मिम हहई तरप्रा पनंचप्रायतनप्रामिके मिम यह अनंवकत हहै वक पनंचप्रायतनप्रामिके कके समिय मिमृतकप्रा कके मिप्रायकके कके लकोग भश्री उपसस्रत रके। शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मिम मिमृतकप्रा कके गलके कके चप्रारगों ओर लटकनके कप्रा वनशप्रान पप्रायप्रा गयप्रा, धजसमिम बप्राईनं तरफ 2 सनं.मिश्री कप्रा ररक स्रप्रान भश्री रप्रा तरप्रा मिमृत्यक कप्रा कप्रारण लटकनके कके कप्रारण दमि घकटनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा हहै।
5. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मिम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मिम आरकोपगों ककी पकवष्टि हहई हहै और पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरकोप पत वदनप्रानाँक 13.02.2025 कको पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हहै।
7.
उपरकोक तथ्यगों कके दृवष्टिगत, जबवक पप्रारर्थी मिमृतकप्रा कके पवत कप्रा बड़िप्रा भप्राई हहै और उसकके वविरुद्ध ककोई वविशकेष करन नहहीं वकयप्रा गयप्रा हहै; यद्यवप परमि ससूचनप्रा ररपकोटर मिम मिप्रारनके-पश्रीटनके एविनं हत्यप्रा कर दकेनके कप्रा करन वकयप्रा गयप्रा हहै , उपरकोक करन शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा सके
समिधररत नहहीं हकोतप्रा हहै तरप्रा पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै , विह वदनप्रानंक 4.2.2025 सके जकेल मिम हहै एविनं वविविकेचनप्रा पसूणर हको चकककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मित हहै वक पप्रारर्थी जमिप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
9. तदनकसप्रार, जमिप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
10. आविकेदक धिमिरनंद कको वनम्नधलधखत शतर्दोनं कके अधिश्रीन सनंबनंधधित मिधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सनंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बनंधिपत और समिप्रान रप्रावश ककी दको जमिप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मिप्रामिलके मिम जमिप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके सप्रावकयगों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हकोगप्रा। Order Date :- 1.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench