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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 130171 (ALL)
DHARMENDRA @ DHARMU v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/2557/2025 · 2025-03-26
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 130171 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:17191 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2557 of 2025 Applicant :- Dharmendra @ Dharmu Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Shailendra Singh Rajawat,Vinay Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविनय कक मप्रार धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री असिंशकमप्रान विमप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. पस्तकत पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 423 सन 2024 अन्तरर्मात धिप्रारप्रा 137 (2), 87, 64 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससिंवहतप्रा एविसिं ¾ पपॉक्सको एक्ट, रप्रानप्रा रप्रामककोट, धजिलप्रा सश्रीतप्रापकर मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 09.11.2024 कको धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक पप्रारर्थी उसककी 16 विरर्थीय पकतश्री कको वदनप्रासिंक 08.11.2024 कको बहलप्रा-फक सलप्राकर अपनके सप्रार लके रयप्रा तरप्रा उसककी पकतश्री घर मम रखप्रा जिकेविर वि पप्रासिंच हजिप्रार रुपयके नरद सप्रार लके रई।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री.एन.एस.एस. कके असिंतरर्मात असिंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयक 17 विरर्मा बतप्राई तरप्रा उसनके कहप्रा वक विह अपनके मप्रातप्रा -वपतप्रा सके नप्रारप्राजि हकोकर पप्रारर्थी कके सप्रार चलश्री रई , उसनके पप्रारर्थी कके सप्रार रप्रासिंवि कके
मसिंवदर मम शप्रादश्री कर लश्री और विह अपनके पवत कके सप्रार हश्री रहनप्रा चप्राहतश्री हहै। पश्रीवड़ितप्रा नके वचवकत्सककीय परश्रीक्षण करप्रानके सके मनप्रा कर वदयप्रा।
5. धिप्रारप्रा 183 बश्री.एन.एस.एस. कके असिंतरर्मात असिंवकत वकए रए अपनके बयप्रान मम भश्री पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके पसूविर्मा करन कको दकोहरप्रायप्रा तरप्रा उसनके स्पष्ट रूप सके कहप्रा वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हहै और उसनके ककोई रलत कप्राम नहहीं वकयप्रा हहै।
6. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 22 विरर्थीय वनदर्दोर नवियकविक हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा -पत कप्रा वविरकोधि वकयप्रा।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक पप्रारर्मानप्रा -पत ककी ससूचनप्रा पश्रीवड़ितप्रा कको पकधलस दप्रारप्रा दश्री जिप्रा चकककी हहै वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान आरकोपपों ककी पकवष्ट हहई हहै और आरकोप-पत वदनप्रासिंक 27.12.2024 कको पस्तकत वकयप्रा जिप्रा चककप्रा हहै।
9.
उपरकोक तथ्यपों कको दृवष्टरत रखतके हहए जिबवक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके पप्रारर्थी कके वविरूद्ध ककोई करन नहहीं वकयप्रा हहै तरप्रा स्पष्ट रूप सके कहप्रा हहै वक पप्रारर्थी नके ककोई रलत कप्राम नहहीं वकयप्रा हहै ; यद्यवप पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके बयप्रान मम अपनश्री आयक 17 विरर्मा कहप्रा हहै तरप्रा पप्रारर्थी बप्राधलर हहै, वकसिं तक दकोनपों हश्री व्यवक यकविप्रा विय कके हह; पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै एविसिं वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हको चकककी
हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
10. तद्नकसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
11. आविकेदक धिमकेन्द्र उफर्मा धिमसूर्मा कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजिस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्ट कके अनकसप्रार एक व्यवकरत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - ( ) i आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेरप्रा; ( ) ii आविकेदक अवभयकोजिन पक्ष कके रविप्राहपों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा; ( iii) आविकेदक टटप्रायल ककोटर्मा दप्रारप्रा तय ककी रई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोरप्रा। Order Date :- 26.3.2025 Sumit Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench