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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 130030 (ALL)

SUSHEEL KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME SECTT. LKO AND 3 OTHERS

BAIL/2546/2025 · 2025-03-26

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:17169 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2546 of 2025 Applicant :- Susheel Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Sectt. Lko And 3 Others Counsel for Applicant :- Dilip Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A.,Praveen Shukla Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वदिलश्रीप वमिशप्रा , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रप्राजश्रीवि कक मिप्रार विमिप्रार्मा तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पविश्रीन शकक्लप्रा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. पस्तकत पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मिककदिमिप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 199 सन 2024 अन्तरर्मात धिप्रारप्रा 137 (2), 3(5), 87, 64 (1), 351 (2) भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा एविसं ¾ पपॉक्सको एक्ट , रप्रानप्रा फतनपकर , धजलप्रा पतप्रापरढ़ मिम जमिप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. वदिनप्रासंक 12.09.2024 कको धलखप्राई रई परमि ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मिम कहिप्रा रयप्रा हिहै वक वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी अवियस्क पकतश्री वदिनप्रासंक 09.09.2024 कको सकबहि 8 बजके घर सके खकेत मिम जप्रानके ककी बप्रात कहिकर वनकलश्री वकसं तक विप्रापस नहिह आई। वशकप्रायतकतप्रार्मा नके स्वियसं हिश्री पकधलस कके सप्रार जप्राकर पश्रीवड़ितप्रा कको सहि - अवभयकक भरवितश्री कके घर सके बरप्रामिदि वकयप्रा। 4. धिप्रारप्रा 180 बश्री.एन.एस.एस. कके असंतरर्मात असंवकत अपनके बयप्रान मिम पश्रीवड़ितप्रा नके कहिप्रा वक विहि बश्री .एस.सश्री. वदतश्रीय विरर्मा मिम अध्ययनरत हिहै, सहि-अवभयकक भरवितश्री पत्नश्री घनश्यप्रामि सके उसकके फकोन कके मिप्राध्यमि सके ससंपकर्मा हिहआ। सहि - अवभयकक भरवितश्री नके ननौकरश्री लरविप्रानके कप्रा झप्रासंसप्रा दिकेकर पश्रीवड़ितप्रा कके शहैक्षवणिक पमिप्राणि-पत वि पप्रासंच सके छछः लप्राख रुपयके सप्रार लकेकर आनके कको कहिप्रा। पश्रीवड़ितप्रा अपनके घर सके शहैक्षवणिक पमिप्राणि-पत एविसं आधिप्रार-कप्रारर्मा लकेकर चलश्री रई रश्री। उसनके कहिप्रा वक उसके नहिह मिप्रालसूमि वक विहि घनश्यप्रामि कके घर उनप्रावि कहै सके पहिहसंचश्री। उसकप्रा मिकोबप्राइल फकोन एविसं शहैक्षवणिक पमिप्राणि-पत छश्रीनकर रख धलए रए। एक वदिन चकपकके सके सहि-अवभयकक भरवितश्री कके मिकोबप्राइल फकोन सके वपतप्रा कको फकोन वकयप्रा, उसकके बप्रात वपतप्रा पकधलस कको लकेकर आए उसके बरप्रामिदि वकयप्रा। पश्रीवड़ितप्रा नके यहि भश्री कहिप्रा वक पप्रारर्थी भश्री घनश्यप्रामि कके घर रहि रहिप्रा रप्रा और दिको वदिन सकबहि उठनके पर पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर कपड़िके नहिह रके। सहि - अवभयकक भरवितश्री नके पश्रीवड़ितप्रा सके पप्रारर्थी कके सप्रार शप्रादिश्री करनके कको कहिप्रा। पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार जबरदिस्तश्री शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनप्राए धजसमिम भरवितश्री भश्री शप्रावमिल रश्री। वचवकत्सश्रीय परश्रीक्षणि मिम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर वकसश्री पकप्रार ककी चकोट वि बल पयकोर कके वचन्ह्र नहिह वमिलप्रा। रकेवरयकोलपॉधजकल परश्रीक्षणि मिम पश्रीवड़ितप्रा ककी आयक लरभर 19 विरर्मा बतप्राई रई हिहै। 5. धिप्रारप्रा 183 बश्री.एन.एस.एस. धिप्रारप्रा 183 बश्री.एन.एस.एस. कके असंतरर्मात असंवकत वकए रए अपनके बयप्रान मिम पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध बलप्रात्कप्रार कप्रा आरकोप नहिह लरप्रायप्रा। 6. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मिम कहिप्रा रयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदिर्दोर हिहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिह हिहै। 7. वशकप्रायतकतप्रार्मा कके वविदप्रान अधधिविकप्रा वि वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके जमिप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत कप्रा वविरकोधि वकयप्रा। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा कके दिनौरप्रान आरकोपप ककी पकवष्टि हिहई हिहै और आरकोप-पत वदिनप्रासंक 04.10.2024 कको पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हिहै। 9. वशकप्रायतकतप्रार्मा कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहिप्रा वक पश्रीवड़ितप्रा कके शहैक्षवणिक पमिप्राणि-पत सहि-अवभयककरणि नके विप्रापस नहिह वकए हिह। 10. उपरकोक तथ्यप कको दृवष्टिरत रखतके हिहए जबवक वचवकत्सश्रीय परश्रीक्षणि मिम पश्रीवड़ितप्रा बप्राधलर पप्राई रई हिहै, शहैक्षवणिक पमिप्राणि-पतप कके अनकसप्रार पश्रीवड़ितप्रा नप्राबप्राधलर हिहै उसकको ननौकरश्री वमिलनके ककी ससंभप्राविनप्रा नहिह हिहै। पश्रीवड़ितप्रा नके सहि - अवभयकक भरवितश्री दप्रारप्रा ननौकरश्री कके नप्रामि पर पप्रासंच सके छछः लप्राख रुपयके मिप्रासंरप्रा जप्रानप्रा कहिप्रा हिहै, वकसं तक विहि ककोई भश्री धिनरप्रावश लकेकर सहि-अवभयकक भरवितश्री कके पप्रास नहिह रई हिहै; यद्यवप पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके पप्रारसंवभक करन मिम पप्रारर्थी दप्रारप्रा पश्रीवड़ितप्रा नके बलप्रात्कप्रार वकयप्रा जप्रानप्रा कहिप्रा हिहै, वकसं तक इस आरकोप ककी वचवकत्सश्रीय परश्रीक्षणि सके पकवष्टि नहिह हिहई हिहै तरप्रा धिप्रारप्रा 183 बश्री.एन.एस.एस. कके बयप्रान मिम पश्रीवड़ितप्रा नके यहि आरकोप नहिह लरप्रायप्रा हिहै तरप्रा पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिह हिहै, पप्रारर्थी वदिनप्रासंक 24.09.2024 सके जकेल मिम हिहै और वविविकेचनप्रा पसूणिर्मा हिको चकककी हिहै। 11 . तद्नकसप्रार, जमिप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 12. आविकेदिक सकशश्रील कक मिप्रार कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मिधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकरत बसंधिपत और समिप्रान रप्रावश ककी दिको जमिप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मिप्रामिलके मिम जमिप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - ( ) i आविकेदिक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिह करकेरप्रा; ( ) ii आविकेदिक अवभयकोजन पक्ष कके रविप्राहिप पर दिबप्रावि नहिह रप्रालकेरप्रा; ( iii) आविकेदिक टटप्रायल ककोटर्मा दप्रारप्रा तय ककी रई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोरप्रा। Order Date :- 26.3.2025 Sumit Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench