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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 130017 (ALL)
AJAY MISHRA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO AND 3 OTHERS
BAIL/2568/2025 · 2025-04-02
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 130017 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:18336 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2568 of 2025 Applicant :- Ajay Mishra Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko And 3 Others Counsel for Applicant :- Rakesh Kumar Tripathi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रप्राकके श कक मप्रार वत्रिपप्राठश्री तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रप्राजश्रीवि कमप्रार विमप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पत्रिप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 ददं०प०सदं०/483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा सदंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत्रि दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 122 सन 2024, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 363, 366, 376(3)भप्रा०द०ववि०एविदं 5j(2)/6 बप्राल ययौन अपरप्राधि सदंरकण अधधिवनयम, रप्रानप्रा-ननैवमषप्रारण्य, धजलप्रा-सश्रीतप्रापकर, मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिनै।
3. वदनप्रादंक 14.06.2024 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम कहिप्रा गयप्रा हिनै वक वशकप्रायतकतर्थी ककी 17 विषर्थीय पकत्रिश्री कको वदनप्रादंक 13.06.2024 कको ककोई व्यवक भगप्राकर लके गयप्रा।
4. पश्रीवड़ितप्रा नके धिप्रारप्रा 161 ददं०प०सदं० कके अदंतगर्मात अदंवकत अपनके बयप्रान मम अपनश्री आयक 17 विषर्मा बतप्राई तरप्रा उसनके कहिप्रा वक पप्रारर्थी दसूर कके ररश्तके मम उसकप्रा मप्रामप्रा लगतप्रा हिनै , विहि उसके बहिलप्रा-फक सलप्रा कर शप्रादश्री करनके कके बहिप्रानके सके लके गयप्रा और उसकके बप्राद ज़बरदस्तश्री मदंवदर मम शप्रादश्री करकके अपनश्री पत्नश्री ककी तरहि रखप्रा और उसके गभर्मावितश्री कर वदयप्रा। पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी सके लड़िप्राई-झगड़िप्रा वकयप्रा और उसकके घर सके चकप-चप्राप वनकल कर अपनके घर आ गई।
5. पश्रीवड़ितप्रा नके वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इदंकप्रार कर वदयप्रा। रकेवडियकोललॉधजकल परश्रीकण मम पश्रीवड़ितप्रा ककी आयक 18 विषर्मा आई तरप्रा अल्रटप्रासकोनकोगप्राफकी परश्रीकण मम पश्रीवड़ितप्रा गभर्मावितश्री पप्राई गई।
6. धिप्रारप्रा 164 ददं०प०सदं० कके अन्तगर्मात अदंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके वदनप्रादंक 14.06.2024 कको पप्रारर्थी कके सप्रार शप्रादश्री कर लकेनप्रा कहिप्रा तरप्रा यहि भश्री कहिप्रा वक अभश्री विहि अपनके पररविप्रार कके सप्रार रहिनप्रा चप्राहितश्री हिनै, क्ययोंवक उसकके पररविप्रार विप्रालयों नके कहिप्रा हिनै वक विहि बप्राद मम पप्रारर्थी सके उसककी शप्रादश्री करप्रा दमगके। पश्रीवड़ितप्रा नके कहिप्रा वक पप्रारर्थी उसके बहिलप्रा-फक सलप्राकर नहिहीं लके गयप्रा, बलल्क विहि अपनके मजर्थी सके पप्रारर्थी कके सप्रार गई रश्री।
7. एक अन्य पसूरकर शपर पत्रि कके मप्राध्यम सके पप्रारर्थी ककी तरफ सके यहि कहिप्रा गयप्रा हिनै वक पप्रारर्थी नके वदनप्रादंक 14.06.2024 कको पश्रीवड़ितप्रा कके सप्रार वविविप्राहि कर धलयप्रा हिनै तरप्रा जकेल सके
छसू रनके कके बप्राद पप्रारर्थी अपनके विनैविप्रावहिक दप्रावयत्वियों कप्रा वनविर्माहिन करकेगप्रा।
8.
पप्रारर्मानप्रा पत्रि कके सप्रार पस्तकत शपर पत्रि मम कहिप्रा गयप्रा हिनै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हिनै एविदं उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिनै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा पत्रि कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरकोपयों ककी पकवष्टि हिहई हिनै और वदनप्रादंक 21.02.2025 कको आरकोप पत्रि पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हिनै।
9. उपरकोक तथ्ययों कके दृवष्टिगत, जबवक उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिनै तरप्रा विहि वदनप्रादंक 17.01.2025 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हिनै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिनै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिनै।
10. तदनकसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत्रि स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिनै।
11. आविकेदक अजय वमशप्रा कको वनम्नधलधखत शतर्दोदं कके अधिश्रीन सदंबदंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी सदंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बदंधिपत्रि और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके सप्रावकययों पर दबप्रावि नहिहीं डिप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपलस्रत हिकोगप्रा। Order Date :- 2.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench