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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 130000 (ALL)

AMIR KHAN @ AMIR AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. PRINCIPAL SECY. HOME DEPTT. LKO.

BAIL/2532/2025 · 2025-04-04

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:18779 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2532 of 2025 Applicant :- Amir Khan @ Amir And Another Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Principal Secy. Home Deptt. Lko. Counsel for Applicant :- Praveen Kumar Yadav,Arpit Verma,Rishabh Chauhan Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थीगण ककी तरफ ससे पपूरक शपर पत्र पस्ततुत ककयप्रा गयप्रा , जजिससे अकभिलसेख पर जलयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 2. पप्रारर्थीगण कसे कविदप्रान अजधिविकप्रा शश्री ऋषभि चचौहप्रान तरप्रा कविदप्रान अपर शप्रासककीय अजधिविकप्रा शश्री आललोक कतु मप्रार कत्रपप्राठश्री कलो सतुनप्रा तरप्रा पत्रप्राविलश्री कप्रा अविललोकन ककयप्रा। 3. धिप्रारप्रा 483 भिप्रारतश्रीय नप्रागररक सतुरकप्रा ससंकहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्ततुत इस कदतश्रीय पप्राररनप्रा-पत्र दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नसे मतुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 307 सन 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 111 बश्री०एन०एस, रप्रानप्रा-बप्रासंगरमऊ, जजिलप्रा-उनप्रावि, मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 4. उपरलोक परम सपूचनप्रा ररपलोरर कदनप्रासंक 17.08.2024 कलो पप्रारर्थीगण सकहत छछः व्यककयय कसे कविरुद्ध यह कहतसे हहए जलखप्राई गई कक सभिश्री अकभियतुकगण नसे अरबप्राजि इन्रर पप्राइजिसेजि पप्राइविसेर जलकमरसेड नप्राम ससे एक फमर खलोल रखश्री हहै तरप्रा उन्हयनसे शसेयर रटसेकडसंग कसे मप्राध्यम ससे लप्राभि कदलप्रानसे कप्रा लप्रालच दसेकर कशकप्रायतकतप्रारगण ससे धिनरप्राकशयय कप्रा कनविसेश करप्रायप्रा, ककन्ततु उनकलो उनकसे कनविसेश कसे पश्चप्रात कलोई भिश्री धिनरप्राकश ककी अदप्रायगश्री नहहीं ककी गई हहै। 5. इसश्री मतु०अ०ससं मम पप्रारर्थीगण कलो असंतगरत धिप्रारप्रा 316(2), 115(2), 191(2), 352, 351(3) बश्री०एन०एस० एविसं बड्स एक्र ककी धिप्रारप्रा 3/5/21/23, मम जिमप्रानत पप्राररनप्रा पत्र ससंख्यप्रा 11626 सनन् 2024 मम पप्राररत आदसेश कदनप्रासंक 07.11.2024 दप्रारप्रा जिमप्रानत कमल चतुककी हहै। कविविसेचनप्रा कसे दचौरप्रान धिप्रारप्रा 111 बश्री०एन०एस० ककी विवृकद्ध हलोनसे पर उपरलोक अपरप्राधि कसे जलए जिमप्रानत हसेततु यह पप्राररनप्रा पत्र पस्ततुत ककयप्रा गयप्रा हहै। 6. एक पपूरक शपर पत्र कसे मप्राध्यम ससे पप्रारर्थी ससंख्यप्रा 1 ककी 10 अन्य आपरप्राजधिक पकरणय मम ससंजलप्ततप्रा दशप्रारई गई हहै, जजिसमम ससे तश्रीन पकरणय मम उससे जिमप्रानत कमल चतुककी हहै। पप्रारर्थी ससंख्यप्रा 2, 9 आपरप्राजधिक पकरणय मम समममजलत हहै तरप्रा उसकलो तश्रीन पकरणय मम जिमप्रानत कमल चतुककी हहै। दलोनय पप्रारर्थीगण कसे कविरुद्ध सभिश्री अपरप्राधि समप्रान पकवृ कत कसे हह। 7. जिबकक पप्रारर्थीगण कलो पकरण कसे समस्त ससंगत तथ्यय कलो दृकष्टिगत रखतसे हहए पपूविर मम हश्री जिमप्रानत कमल चतुककी हहै तरप्रा उन्हश्री तथ्यय कसे आधिप्रार पर मप्रात्र एक नई धिप्रारप्रा जिलोडश्री गई हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै कक पप्रारर्थीगण जिलोडश्री गई धिप्रारप्रा मम भिश्री जिमप्रानत पर ररहप्रा ककए जिप्रानसे कसे अजधिकप्रारश्री हह। 8. तदनतुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत्र स्विश्रीकप्रार ककयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 9. आविसेदकगण आकमर खप्रान @ आकमर और अज़हर@अज़हरुदश्रीन कलो कनमनजलजखत शतरसं कसे अधिश्रीन ससंबसंजधित मजजिस्रटसेर /न्यप्रायप्रालय ककी ससंततुकष्टि कसे अनतुसप्रार एक व्यककगत बसंधिपत्र और समप्रान रप्राकश ककी दलो जिमप्रानतम पस्ततुत करनसे पर उपरलोक मप्रामलसे मम जिमप्रानत पर ररहप्रा ककयप्रा जिप्राए: - (i) आविसेदकगण अकभियलोजिन सप्राक्ष्य कसे सप्रार छसेडछप्राड नहहीं करमगसे; (ii) आविसेदकगण अकभियलोजिन पक कसे सप्राककयय पर दबप्रावि नहहीं डप्रालमगसे; (iii) आविसेदकगण कविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा कनयत ककी गई पत्यसेक कतजर पर उपमस्रत हयगसे। Order Date :- 4.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench