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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 129884 (ALL)

ABHISHEK AWASTHI v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. DEPTT. HOME LKO.

BAIL/2485/2025 · 2025-03-25

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:16951 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2485 of 2025 Applicant :- Abhishek Awasthi Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Deptt. Home Lko. Counsel for Applicant :- Ripu Daman Shahi,Arun Pratap Singh Counsel for Opposite Party :- G.A.,Irfan Khan Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. शशिककायतकतकार्ता ककी तरफ ससे अधधिवकका शश्री इरफकान खकान नसे वककालतनकामका प्रस्ततुत शकयका, धजिससे अशभिलसेख पर धलयका गयका। 2. प्रकारर्थी कसे शवदकान अधधिवकका शश्री ररपतु दमन शिकाहश्री , शवदकान अपर शिकासककीय अधधिवकका प्ररम शश्री अनतुरकाग वमकार्ता एववं शशिककायतकतकार्ता कसे शवदकान अधधिवकका शश्री इरफकान खकान कको सतुनका तरका पतकावलश्री कका अवलकोकन शकयका। 3. धिकारका 439 दवं०प्र०सवं०/483 भिकारतश्रीय नकागररक सतुरकका सवंशहतका (B.N.S.S.) मम प्रस्ततुत इस प्रकारर्तानका-पत दकारका प्रकारर्थी नसे मतुकदमका अपरकाधि सवंख्यका 0024 सन 2025, अन्तगर्तात धिकारका 85, 108 बश्री०एन०एस० एववं 3/4 दहसेजि प्रशतषसेधि अधधिशनयम, रकानका तकालकटकोरका, धजिलका लखनऊ मम जिमकानत ककी प्रकारर्तानका ककी हहै। 4. शदनकानाँक 28.01.2025 कको प्रकारर्थी, उसकसे मकातका-शपतका एववं दको बहननों कसे शवरुद धलखकाई गई प्ररम ससूचनका ररपकोटर्ता मम कहका गयका हहै शक शशिकयकातकतकार्ता नसे अपनश्री बसेटश्री कका शववकाह प्रकारर्थी कसे सकार शदनकानाँक 25.01.2015 कको शकयका रका। सभिश्री अशभियतुकगण दहसेजि कसे धलए शशिककायतकतकार्ता ककी पतुतश्री कको प्रतकाशड़ित करतसे रसे तरका शदनकानाँक 25.01.2025 कको इस प्रतकाड़िनका कसे ककारण शशिककायतकतकार्ता ककी पतुतश्री नसे आत्महत्यका करलश्री। 5. पवंचकायतनकामसे ककी ककायर्तावकाहश्री शशिककायतकतकार्ता उसकसे भिकाई तरका पतुत ककी उपसस्रशत मम हहई। सभिश्री गवकाहनों नसे कहका शक ममृतकका नसे अपनसे दतुपटसे ससे गलसे मम फवं दका लगकाकर आत्महत्यका ककी हहै। प्रतकाड़िनका कका ककोई करन पवंचकायतनकामसे कसे समय नहहीं शकयका गयका। 6. शिव शवच्छसेदन आख्यका मम ममृतकका कसे गलसे कसे चकारनों ओर लटकनसे कका शनशिकान पकायका गयका एववं ममृत्यतु कका ककारण लटकनसे कसे ककारण दम घतुटनका बतकायका गयका। 7. प्रकारर्तानका पत कसे सकार प्रस्ततुत शिपर पत मम कहका गयका हहै शक प्रकारर्थी शनदर्दोष हहै और उसकका ककोई आपरकाधधिक इशतहकास नहहीं हहै। 8. शवदकान अपर शिकासककीय अधधिवकका तरका शशिककायतकतकार्ता कसे अधधिवकका नसे प्रकारर्तानका पत कका शवरकोधि शकयका। शवदकान अपर शिकासककीय अधधिवकका नसे कसे स डकायरश्री कसे सवंगत अवंशि न्यकायकालय कसे अवलकोकन कसे धलए प्रस्ततुत शकए। एक गवकाह गकागर्थी आयकार्ता नसे ममृतकका कसे सकार व्हकाट्सएप पर हहई बकातचश्रीत कसे कतु छ अवंशि उपलब्धि करकाए, धजिसमम पश्रीशड़ितका नसे अपनसे जिश्रीवन ससे परसेशिकान हकोनसे कका करन शकयका, शकन्ततु शकसश्री भिश्री सवंदसेशि मम शकसश्री अशभियतुक कसे शवरुद ककोई शवशिसेष करन नहहीं शकयका। एक अन्य गवकाह रकाशगनश्री दश्रीशकत नसे भिश्री ऐसका हश्री करन शकयका , शकन्ततु ककोई ऐसका ककोई सवंदसेशि वह भिश्री नहहीं शदखका सकक , धजिसमम शकसश्री अशभियतुक कसे शवरुद ककोई शवशशिष्ट करन हको। शवदकान अपर शिकासककीय अधधिवकका नसे कहका शक शववसेचनका पसूणर्ता हको चतुककी हहै एववं आरकोप पत शदनकावंक 23.03.2025 प्रस्ततुत हको चतुकका हहै। 9. अन्य सह-अशभियतुकनों दकारका प्रस्ततुत इस न्यकायकालय दकारका आपरकाधधिक प्रककीणर्ता ररट यकाशचकका सवंख्यका 1317 सनन् 2025 मम पकाररत आदसेशि शदनकावंक 14.02.2025 दकारका उनककी शगरफ्तकारश्री पर रकोक लगकाई जिका चतुककी हहै। 10. उपरकोक तथ्यनों कसे दृशष्टगत , जिबशक पश्रीशड़ितका नसे अपनसे शववकाह कसे दस वषर्ता कसे पश्चकात अपनसे घर मम फकावंशिश्री लगकाकर आत्महत्यका ककी ; पवंचकायतनकामसे ककी ककायर्तावकाहश्री पश्रीशड़ितका कसे शपतका, भिकाई एववं चकाचश्री तरका पशत एववं ससतुर ककी उपसस्रशत मम हहई और शकसश्री व्यशक नसे ककोई आरकोप नहहीं लगकायका; प्ररम ससूचनका ररपकोटर्ता घटनका कसे तश्रीन शदन बकाद हहई; शिव शवच्छसेदन आख्यका मम बल प्रयकोग कका ककोई शचन्ह नहहीं हहै तरका प्रकारर्थी कका ककोई आपरकाधधिक इशतहकास नहहीं हहै, न्यकायकालय कका मत हहै शक प्रकारर्थी जिमकानत पर ररहका शकए जिकानसे कका अधधिककारश्री हहै। 11. तदनतुसकार, जिमकानत प्रकारर्तानका-पत स्वश्रीककार शकयका जिकातका हहै। 12. आवसेदक अशभिषसेक अवस्रश्री कको शनम्नधलधखत शितर्दोवं कसे अधिश्रीन सवंबवंधधित मधजिस्टटसेट/न्यकायकालय ककी सवंततुशष्ट कसे अनतुसकार एक व्यशकगत बवंधिपत और समकान रकाशशि ककी दको जिमकानतम प्रस्ततुत करनसे पर उपरकोक मकामलसे मम जिमकानत पर ररहका शकयका जिकाए: - (i) आवसेदक अशभियकोजिन सकाक्ष्य कसे सकार छसेड़िछकाड़ि नहहीं करसेगका; (ii) आवसेदक अशभियकोजिन पक कसे गवकाहनों पर दबकाव नहहीं डकालसेगका; (iii) आवसेदक टटकायल ककोटर्ता दकारका तय ककी गई प्रत्यसेक तकारश्रीख पर उपसस्रत हकोगका। Order Date :- 25.3.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench