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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 129792 (ALL)

RAVI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/2556/2025 · 2025-03-26

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:17190 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2556 of 2025 Applicant :- Ravi Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Rahul Agnihotri Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रप्राहहल अवग्निहहोतश्री तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अंशशुमप्रान विमप्रार्मा कहो सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. पस्तशुत पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदमप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा 348 सन 2024 अन्तरर्मात धिप्रारप्रा 137 (2), 87, 64 (1) भप्रारतश्रीय न्यप्राय सअंवहतप्रा एविअं ¾ पपॉक्सहो एक्ट, रप्रानप्रा मझरई, धजिलप्रा लखश्रीमपशुर खश्रीरश्री मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै। 3. वदनप्राअंक 24.10.2024 कहो धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपहोटर्मा मम वशकप्रायतकतप्रार्मा नके कहप्रा वक उसककी पशुतश्री वदनप्राअंक 15.10.2024 कप्रा सशुबह 11 बजिके अचप्रानक कहहीं चलश्री रई रश्री। वदनप्राअंक 24.10.2024 कहो उसके पतप्रा चलप्रा वक उसककी पशुतश्री वविपकश्री भरप्रा लके रयप्रा रप्रा। 4. धिप्रारप्रा 180 बश्री.एन.एस.एस. कके अंतरर्मात अंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयशु 17 विरर्मा बतप्राई हहै और कहप्रा वक विह पढश्री-धलखश्री नहहीं हहै। विह वदनप्राअंक 15.10.2024 कहो स्वियअं हश्री अपनके घर सके चलश्री रई रश्री। विह पप्रारर्थी कहो तश्रीन सप्राल सके जिप्रानतश्री हहै और विह वदनप्राअंक 25.10.2024 कहो पप्रारर्थी कके सप्रार अपनश्री मजिर्थी सके सश्रीतप्रापशुर कके एक मअंवदर मम शप्रादश्री कर लश्री। पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार कहोई जिहोर -जिबरदस्तश्री नहहीं ककी हहै। वचवकत्सश्रीय परश्रीकण मम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर वकसश्री चहोट यप्रा बल पयहोर कप्रा कहोई वचन्ह्र नहहीं पप्रायप्रा रयप्रा हहै। 5. धिप्रारप्रा 183 बश्री.एन.एस.एस. कके अंतरर्मात अंवकत वकए रए अपनके बयप्रान मम भश्री पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके पसूविर्मा करन कहो दहोहरप्रायप्रा तरप्रा उसनके स्पष्ट कहप्रा वक पप्रारर्थी नके उसककी मजिर्थी कके वबनप्रा उसकके सप्रार कशु छ भश्री रलत कप्राम नहहीं वकयप्रा हहै। 6. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तशुत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक बश्रीस विरर्थीय वनदर्दोर नवियशुविक हहै तरप्रा उसकप्रा कहोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक पप्रारर्मानप्रा -पत ककी ससूचनप्रा पश्रीवड़ितप्रा कहो पशुधलस दप्रारप्रा दश्री जिप्रा चशुककी हहै वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान आरहोपपों ककी पशुवष्ट हहई हहै और आरहोप-पत वदनप्राअंक 27.01.2025 कहो पस्तशुत वकयप्रा जिप्रा चशुकप्रा हहै। 8. उपरहोक तथ्यपों कहो दृवष्टरत रखतके हहए जिबवक पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी दप्रारप्रा बलपसूविर्माक कहोई भश्री कक त्य करनके कप्रा आरहोप नहहीं लरप्रायप्रा हहै ;यद्यवप पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके बयप्रान मम अपनश्री आयशु 17 विरर्मा कहप्रा हहै तरप्रा पप्रारर्थी बप्राधलर हहै , वकअं तशु दहोनपों हश्री व्यवक यशुविप्रा विय कके हह; पप्रारर्थी कप्रा कहोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै एविअं वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हहो चशुककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 9. तद्नशुसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 10. आविकेदक रववि कहो वनम्नधलधखत शतर्दोअं कके अधिश्रीन सअंबअंधधित मधजिस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सअंतशुवष्ट कके अनशुसप्रार एक व्यवकरत बअंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दहो जिमप्रानतम पस्तशुत करनके पर उपरहोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - ( ) i आविकेदक अवभयहोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेरप्रा; ( ) ii आविकेदक अवभयहोजिन पक कके रविप्राहपों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा; ( iii) आविकेदक टटप्रायल कहोटर्मा दप्रारप्रा तय ककी रई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हहोरप्रा। Order Date :- 26.3.2025 Sumit Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench