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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 129782 (ALL)

MUKESH SAROJ v. STATE OF UP THR. PRINCIPAL SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/2479/2025 · 2025-03-25

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:17094 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2479 of 2025 Applicant :- Mukesh Saroj Opposite Party :- State Of Up Thr. Principal Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Ramakar Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रमप्राकर शशुक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रप्राजश्रीवि कशु मप्रार विमप्रार्मा कको सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा ससंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तशुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 247 सन 2022, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 363, 366, 376 भप्रा०द०ववि० एविसं 3/4 पपॉक्सको एक्ट, रप्रानप्रा महिकेशगसंज, धजलप्रा पतप्रापगढ़ मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्रानाँक 13.10.2022 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम वशकप्रायतकतप्रार्मा नके कहिप्रा वक पप्रारर्थी वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी नप्राबप्राधलग पशुतश्री कको वदनप्रानाँक 06.10.2022 कको भगप्रा लके गयप्रा। पश्रीवड़ितप्रा वदनप्रासंक 17.10.2022 सके पप्रारर्थी कके सप्रार बरप्रामद हिको गई। धिप्रारप्रा 161 दसं०प०ससं० कके अन्तगर्मात असंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयशु 17 विरर्मा बतप्राई और उसनके कहिप्रा वक विहि पप्रारर्थी कको वपछलके दको विरर्मा सके जप्रानतश्री हिहै , विहि पप्रारर्थी कके सप्रार गई और पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार वकसश्री पकप्रार ककी ज़बरदस्तश्री नहिह ककी। 4. पश्रीवड़ितप्रा नके अपनप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके मनप्रा कर वदयप्रा। 5. धिप्रारप्रा 164 दसं०प०ससं० कके अन्तगर्मात असंवकत अपनके बयप्रान मम भश्री पश्रीड़ितप्रा नके अपनके पसूविर्मा करन कको हिश्री दकोहिरप्रायप्रा तरप्रा कहिप्रा वक बप्राधलग हिकोनके कके बप्राद विहि पप्रारर्थी कके पप्रास हिश्री जप्राएगश्री। 6. वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके पश्रीवड़ितप्रा कप्रा बयप्रान असंवकत कर धलयप्रा हिहै। अपनश्री मशुख्य परश्रीकप्रा मम पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई भश्री करन नहिह वकयप्रा हिहै। 7. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तशुत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हिहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिह हिहै और विहि वदनप्रासंक 17.10.2022 सके जकेल मम वनरुद्ध हिहै। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा पत कप्रा वविरकोधि वकयप्रा। 9. उपरकोक तथ्ययों कके दृवष्टिगत, जबवक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके वकसश्री भश्री बयप्रान मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई करन नहिह वकयप्रा हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 10. तदनशुसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 11. आविकेदक मशुकके श सरकोज कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतशुवष्टि कके अनशुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तशुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिह करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहियों पर दबप्रावि नहिह डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक टटप्रायल ककोटर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। Order Date :- 25.3.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench