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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 129708 (ALL)
RAHUL SINGH v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME U.P. LKO.
BAIL/2547/2025 · 2025-04-02
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 129708 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:18293 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2547 of 2025 Applicant :- Rahul Singh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home U.P. Lko. Counsel for Applicant :- Avnish Kumar Tiwari Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अविनश्रीश कक मप्रार वतिविप्रारश्री तिरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रप्राजश्रीवि कमप्रार विमप्रार्मा कको सकनप्रा तिरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 ददं०प०सदं०/483 भप्रारतिश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा सदंवहितिप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तिकति इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 278 सनन् 2016, अन्तिगर्माति धिप्रारप्रा 302,147 भप्रा०द०ववि०, रप्रानप्रा-ककोतिविप्रालश्री शहिर, धजलप्रा-हिरदकोई मम जमप्रानति ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रानाँक 25.05.2016 कको पप्रारर्थी सवहिति पप्रानाँच व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक अवभयककगण वशकप्रायतिकतिप्रार्मा कके पकत कको अपनके सप्रार कदं पनश्री गप्रारर्मान मम नहिप्रानके कके धलए लकेकर गयके रके। अवभयककगण कके सप्रार वशकप्रायतिकतिप्रार्मा कके पकत कको जप्रातिके हिहए वशकप्रायतिकतिप्रार्मा एविदं उसककी पकत नके दकेखप्रा। जब कप्राफकी दकेर तिक वशकप्रायतिकतिप्रार्मा कप्रा पकत विप्रापस नहिहीं आयप्रा तिको तिलप्राश करनके पर उसकके पकत सप्रायदं 7 बजके पकत कके धजलप्रा अस्पतिप्राल कके आकसस्मक वचवकत्सप्रा विप्रारर्मा मम भतिर्थी हिकोनके ककी ससूचनप्रा वकसश्री अजप्राति व्यवक नके वशकप्रायतिकतिप्रार्मा कके घर पर दश्री तिरप्रा उसकप्रा पकत अस्पतिप्राल मम ममृति अविस्रप्रा मम वमलप्रा। वशकप्रायतिकतिप्रार्मा नके यहि शक व्यक वकयप्रा वक पप्रारर्थी कको वशकप्रायतिकतिप्रार्मा कके पकत पर शक रप्रा वक पप्रारर्थी ककी पत्नश्री कके अविहैधि सदंबदंधि वशकप्रायतिकतिप्रार्मा ककी पत्नश्री सके हिह तिरप्रा इस कप्रारण अवभयककगण नके उसककी हित्यप्रा कर दश्री।
4. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम ममृतिक कके धसर कके दप्रावहिनश्री तिरफ ससूजन तिरप्रा दप्रावहिनश्री ककोहिनश्री पर ससूजन पप्राई गई। ममृत्यक कप्रा कप्रारण धसर ककी चकोर कके कप्रारण ककोमप्रा बतिप्रायप्रा गयप्रा हिहै।
5. वविविकेचनप्रा कके पश्चप्राति वविविकेचक नके अदंवतिम आख्यप्रा न्यप्रायप्रालय मम पस्तिकति कर दश्री गई रश्री , वकन्तिक वशकप्रायकतिप्रार्मा कके वविरकोधि पर अदंवतिम आख्यप्रा अस्विश्रीकप्रार करकके सभश्री -अवभयककगण कको वविचप्रारण हिकेतिक तिलब वकयप्रा गयप्रा।
6.
तिलबश्री आदकेश वदनप्रादंक 18.12.2020 मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके यहि अदंवकति वकयप्रा हिहै वक वविविकेचक कको वशकप्रायतिकतिप्रार्मा नके अपनके वविरकोधि पप्रारर्मानप्रा पत मम करन वकयप्रा वक उसकके पकत कको अवभयककगण दप्रारप्रा कदं पनश्री गप्रारर्मान मम मप्रारके-पश्रीरके जप्रानके कके कई सप्राक्ष्य ममौजसूद हिह, वकन्तिक ऐसप्रा ककोई भश्री सप्राक्ष्य इस स्तिर पर वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक पस्तिकति नहिहीं वकयप्रा गयप्रा हिहै।
वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके मप्रात यहि पप्रायप्रा वक पकरण कके तिथ्य अवभयककगण ककी भसूवमकप्रा पर पश्नवचन्हि लगप्रातिके हिह और वविविकेचनप्रा ककी वनष्पकतिप्रा पर भश्री पश्नवचन्हि लगप्रातिके हिह तिरप्रा इस कप्रारण सके वविविकेचक दप्रारप्रा पस्तिकति अदंवतिम आख्यप्रा वनरस्ति कर दश्री गई एविदं अवभयककगण कको तिलब कर धलयप्रा गयप्रा।
7. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तिकति शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हिहै तिरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतिहिप्रास नहिहीं हिहै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके मककदमप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 753 सनन् 2013, अदंतिगर्माति धिप्रारप्रा 34, 323, 504, 506, 352, 336 भप्रा०ददं०सदं०, रप्रानप्रा-ककोतिविप्रालश्री शहिर, जनपद-हिरदकोई मम पप्रारर्थी ककी सदंधलप्ततिप्रा दशप्रार्माई। एक पसूरक शपर पत कके मप्राध्यम सके यहि कहिप्रा गयप्रा हिहै वक इस मप्रामलके मम पप्रारर्थी सदंधलप्त नहिहीं हिहै और यहि आपरप्राधधिक इवतिहिप्रास गलति तिरहि सके दशप्रार्मायप्रा गयप्रा हिहै। 8 .उपरकोक तिथ्ययों कके दृवष्टिगति , जबवक घरनप्रा वदनप्रादंक 15.05.2016 एविदं परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा, दस वदन बप्राद वदनप्रादंक 25.05.2016 कको धलखप्राई गई; परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम मप्रात पप्रारर्थी कके वविरुद्ध सदंदकेहि व्यक वकयप्रा गयप्रा ; वविविकेचनप्रा कके दमौरप्रान वविविकेचक नके आरकोपयों कको पकष्टि हिकोनप्रा नहिहीं पप्रायप्रा; यद्यवप अदंवतिम आख्यप्रा कके वविरुद्ध पस्तिकति आपधत्ति मम वशकप्रायतिकतिप्रार्मा नके कहिप्रा वक अवभयककगण दप्रारप्रा ममृतिक कको मप्रारके-पश्रीरके जप्रानके कके कई सप्राक्ष्य ममौजसूद हिहै, ऐसप्रा ककोई सप्राक्ष्य न्यप्रायप्रालय कके समक इस स्तिर पर उपलब्धि नहिहीं हिहै एविदं पप्रारर्थी कको मप्रात पररसस्रवतिययों कके आधिप्रार पर सदंदकेहि कके कप्रारण वविचप्रारण हिकेतिक आहिहति वकयप्रा गयप्रा हिहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मति हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानति पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
9. तिदनकसप्रार, जमप्रानति पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातिप्रा हिहै।
10.
आविकेदक रप्राहिहल धसदंहि कको वनम्नधलधखति शतिर्दोदं कके अधिश्रीन सदंबदंधधिति मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी सदंतिकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगति बदंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतिम पस्तिकति करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानति पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके सप्रावकययों पर दबप्रावि नहिहीं रप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयति ककी गई पत्यकेक वतिधर पर उपसस्रति हिकोगप्रा। Order Date :- 2.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench