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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 129327 (ALL)
AVANISH KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME LKO.
BAIL/2378/2025 · 2025-03-24
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 129327 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:16722 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2378 of 2025 Applicant :- Avanish Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Sunil Dixit Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससुनश्रील दश्रीवक्षित तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कसु मप्रार वतविप्रारश्री कलो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविललोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरक्षिप्रा ससंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 352 सन 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 103(2), 115(2), 190, 191(2), 191(3), 333, 352 बश्री०एन०एस०, रप्रानप्रा हिहैदरप्राबप्राद, धजिलप्रा लखश्रीमपसुर खश्रीरश्री मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रासंक 14.12.2024 कलो चप्रार नप्रावमत व्यवकयय, धजिसमम पप्रारर्थी समममधलत नहिहीं हिहै तरप्रा अजप्रात व्यवकयय कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपलोरर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक अवभयसुकगण उक वतधर कलो रप्रात 8:45 बजिके वशकप्रायतकतर्थी कके घर आए एविसं दरविप्राजिप्रा तलोड़कर असंदर घसुसकर हिहॉककी, डसंडप्रा वि ललोहिके ककी रप्राड सके उसकके पवत कलो मप्रारनके लगके जिब वशकप्रायतकतर्थी और उसककी सप्रास नके बचप्रानप्रा चप्राहिप्रा तलो अवभयसुकगण नके उन्हिम भश्री मप्रारप्रा। वशकप्रायतकतर्थी कके पवत कलो इलप्राजि कके धलए लके जिप्रातके समय उसककी ममृत्यसु हिलो गई।
4. शवि परश्रीक्षिण आख्यप्रा मम ममृतक कके मप्रारके, सर तरप्रा सश्रीनके पर तश्रीन चलोरम पप्राई गई हिह तरप्रा उसककी पसधलयप्रासं रसूरश्री हिहई पप्राई गई हिह। ममृत्यसु कप्रा कप्रारण ममृत्यसु पसूविर चलोरय कके कप्रारण आघप्रात एविसं रकसप्रावि बतप्रायप्रा गयप्रा।
5. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 22 विरर्थीय नवि- यसुविक हिहै और उसकप्रा कलोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
6. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस कके असंतरगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपलोरर कके करनय कप्रा समररन वकयप्रा हिहै।
7. पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरलोधि करतके हिहए उनकलो पप्राप्त धलधखत अनसुदकेशय कके आधिप्रार पर वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहिप्रा वक सभश्री अवभयसुकगण एक सप्रार पकड़के गए एविसं अवभरक्षिप्रा मम वदए अपनके बयप्रान पप्रारर्थी नके ममृतक कलो लप्रात-घसूसम एविसं रप्पड़ सके मप्रारनप्रा स्विश्रीकप्रार वकयप्रा हिहै।
8. पप्राप्त अनसुदकेशय कके आधिप्रार पर कहिप्रा वक एक गविप्राहि पविश्रीन कसु मप्रार विमप्रार नके कहिप्रा वक उसकके
घर पर लगके सश्री.सश्री.रश्री.विश्री मम यहि ररकहॉडर हिहआ वक दलो विप्राहिनय मम अवभयसुकगण हिहरर बजिप्रातके हिहए आए रके और बप्राद मम पतप्रा चलप्रा वक उन ललोगय नके यहि घरनप्रा कप्राररत ककी हिहै।
9.
उपरलोक तथ्यय कके दृवष्टिगत, जिबवक मप्रात अवभरक्षिप्रा मम दश्री गई स्विश्रीकप्रारलोक कके अवतररक पप्रारर्थी कके अवतररक इस स्तर पर अन्य कलोई सप्राक्षिश्री नहिहीं हिहै तरप्रा सश्री.सश्री.रश्री.विश्री ररकहॉवडरग मम उसकप्रा चकेहिरप्रा दकेखप्रा जिप्रानप्रा नहिहीं कहिप्रा हिहै, अवभरक्षिप्रा मम वदए अपनके बयप्रान मम भश्री पप्रारर्थी नके मप्रात लप्रात-घसूसम एविसं रप्पड़ सके मप्रारनप्रा स्विश्रीकप्रार वकयप्रा हिहै तरप्रा ममृतक कलो कप्राररत तश्रीन चलोरय मम सके कलोई भश्री कप्राररत करनके कप्रा परम-दृष्टियप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध कलोई सप्राक्षिश्रीय पतश्रीत नहिहीं हिलो रहिप्रा हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
10. तदनसुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिहै।
11. आविकेदक अविनश्रीश कसु मप्रार कलो वनमनधलधखत शतरसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दलो जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरलोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयलोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयलोजिन पक्षि कके गविप्राहिय पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कलोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपमस्रत हिलोगप्रा। Order Date :- 24.3.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench