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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 129292 (ALL)
NEERAJ VERMA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. (HOME) LKO.
BAIL/2399/2025 · 2025-03-21
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 129292 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:16545 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2399 of 2025 Applicant :- Neeraj Verma Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. (Home) Lko. Counsel for Applicant :- Vimal Kishor Singh,Premkant Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविमल वकशशोर धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री वदिविप्राकर धससिंह कशो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलशोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदिमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0041 सन 2025, अन्तगरत धिप्रारप्रा 69, 352, 351(2) बश्री०एन०एस०, रप्रानप्रा-सतररखप्रा, धजिलप्रा-बप्रारप्राबसिंककी मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदिनप्रासिंक 22.1.2025 कशो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतप्रार ककी 20 विरर्थीय पसुतश्री कशो शप्रादिश्री कप्रा झप्रासिंसप्रा दिकेकर लगभग दिशो विररसिं तक शप्रारश्रीररक ससिंबसिंधि बनप्राए तरप्रा अन्तततः शप्रादिश्री करनके सके मनप्रा कर वदियप्रा।
4. पश्रीवड़ितप्रा नके धिप्रारप्रा 180 बश्रीएनएसएस कके अन्तगरत वदिए गए अपनके बयप्रान मम कहप्रा वक विह दिशो विरर तक पप्रारर्थी सके बप्रात करतश्री रहश्री रश्री तरप्रा कई बप्रार उसकके सप्रार शप्रारश्रीररक ससिंबसिंधि बनप्राए, वफिर शप्रादिश्री ककी बप्रात हहई, वकन्तसु दिशोननों एक धिमर कके नहहीं रके, इसधलए पश्रीवड़ितप्रा नके स्वियसिं हश्री पप्रारर्थी सके शप्रादिश्री करनके सके मनप्रा कर वदियप्रा।
5. पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसकके पररविप्रार कशो परकेशप्रान करनके , पहैसके ककी मप्रामाँग करनके तरप्रा उसककी फिशोरशो वि विश्रीवडियशो गप्रामाँवि कशो वदिखप्रानके तरप्रा विप्रायरल करनके ककी धिमककी दिकेनके कप्रा आरशोप लगप्रायप्रा। धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगरत असिंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी दप्रारप्रा कभश्री-भश्री कशोई ज़बरदिस्तश्री उसकके सप्रार न करनके कप्रा करन वकयप्रा। पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक उसकके कसु छ फिशोरशो पप्रारर्थी कके पप्रास हह , धजिसकशो विप्रायरल करनके ककी धिमककी पप्रारर्थी बप्रार-बप्रार दिकेतप्रा हहै।
6. एक पसूरक शपर पत कके सप्रार कके स-डिप्रायरश्री कके ससिंगत असिंशनों ककी पवत ससिंलग्न ककी गई हहै , धजिसकके अनसुसप्रार वचवकत्सककीय परश्रीकण मम वकसश्री भश्री पकप्रार ककी चशोर अरविप्रा बल पयशोग कप्रा वचन्ह न पप्रायप्रा जिप्रानप्रा एविसिं पहैरशोललॉजिश्री ररपशोरर मम शसुकप्राणसु न पप्रायप्रा जिप्रानप्रा कहप्रा गयप्रा। एक्स- रके जिप्रामाँच कके अनसुसप्रार पश्रीवड़ितप्रा ककी आयसु लगभग 20 विरर आई।
7. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदिरर हहै और उसकप्रा कशोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
8.
उपरशोक तथ्यनों कके दृवष्टिगत , जिबवक पश्रीवड़ितप्रा नके वविविकेचक कके समक कहप्रा वक उसनके वपछलके दिशो विरर मम कई बप्रार पप्रारर्थी कके सप्रार शप्रारश्रीररक ससिंबसिंधि बनप्राए हह तरप्रा शप्रादिश्री ककी बप्रात उसकके बप्रादि हहई एविसिं एक धिमर कके न हशोनके कके कप्रारण पश्रीवड़ितप्रा नके स्वियसिं हश्री शप्रादिश्री सके इसिंकप्रार कर वदियप्रा एविसिं मधजिस्रटकेर कके समक पश्रीवड़ितप्रा नके स्पष्टि रूप सके कहप्रा वक पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार कभश्री कशोई ज़बरदिस्तश्री नहहीं ककी, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
9. तदिनसुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
10. आविकेदिक नश्रीरजि विमप्रार कशो वनम्नधलधखत शतरसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दिशो जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरशोक पकरण मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदिक अवभयशोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदिक अवभयशोजिन पक कके सप्रावकयनों पर दिबप्रावि नहहीं डिप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदिक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हशोगप्रा। Order Date :- 21.3.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench