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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 129269 (ALL)

SANDEEP PAL v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/2393/2025 · 2025-03-21

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:16509 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2393 of 2025 Applicant :- Sandeep Pal Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Santosh Kumar Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश ससंततोष कक मप्रार शशविप्रास्तवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश अमरशष विमप्रार्मा कतो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश कप्रा अविलतोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 439 दसं०प०ससं०/483 भप्रारतशय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 408 सन 2023, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 376-D, 120-B भप्रा०द०ववि०, धिप्रारप्रा 5 एविसं 6 ययौन अपरप्राधिधों सके बच्चधों कके ससंरकण (POCSO) अधधिवनयम, 2012, रप्रानप्रा रप्राजकेसकल्तप्रानपकर, धजलप्रा अम्बकेडकर नगर मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. उपरतोक पकरण वदनप्रासंक 30.12.2023 कतो धिप्रारप्रा 363 कके अन्तगर्मात अजप्रात व्यवक कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपतोरर्मा कके आधिप्रार पर असंवकत हिहआ रप्रा। 4. पशवड़ितप्रा कप्रा शवि वमलनके कके पश्चप्रात पकरण धिप्रारप्रा 147, 302, 201, 364 भप्रा०दसं०ववि० तरप्रा (3)(2)(5) एस.सश./एस.रश एक्र जतोड़ि वदए गए रके। वक्रिवमवनल अपशल ससंख्यप्रा 2375/2024 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासंक 12.02.2025 दप्रारप्रा पसूविर्मा मम जमप्रानत वमल चकककी हिहै। 5. वविविकेचनप्रा कके दयौरप्रान फफॉरमधसक जप्राजाँच ररपतोरर्मा मम विशयर्मा पप्राए जप्रानके पर धिप्रारप्रा 376 (घ) तरप्रा 120 (ख) भप्रा०दसं०ससं० एविसं 5/6 पफॉक्सतो कप्रा अपरप्राधि जतोड़िप्रा गयप्रा हिहै। 6. सहि-अवभयककगण नशतकेश, वनषप्राद तरप्रा रप्राहिहल मयौयप्रार्मा कतो उपरतोक धिप्रारप्राओसं मम जमप्रानत वमल चकककी हिहै। 7. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा कप्रा करन हिहै वक पप्रारर्थी परम ससूचनप्रा ररपतोरर्मा मम कहिके गए करनधों कतो दृवष्टिगत रखतके हिहए पसूविर्मा मम हिश जमप्रानत पप्रा चककप्रा हिहै। वविविकेचनप्रा कके दयौरप्रान कक छ धिप्रारप्राएसं जकड़िश हिह तरप्रा जकड़िश हिहई धिप्रारप्राओसं मम समप्रान आरतोपधों विप्रालके दतो सहि -अवभयककधों कतो जमप्रानत वमल चकककी हिहै तरप्रा पप्रारर्थी भश इस कप्रारण सके समप्रानतप्रा कके आधिप्रार पर जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश हिहै। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा इस तकर्मा कप्रा वविरतोधि नहिहीं कर पप्राए। 9. उपरतोक तथ्यधों कके दृवष्टिगत , न्ययप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी पश्नगत अपरप्राधि ककी उपरतोक धिप्रारप्राओसं जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश हिहै। 10. तदनकसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विशकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 11. आविकेदक ससंदशप पप्राल कतो वनम्नधलधखत शतरसं कके अधिशन ससंबसंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दतो जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरतोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयतोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयतोजन पक कके गविप्राहिधों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारशख पर उपसस्रत हितोगप्रा। Order Date :- 21.3.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench