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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 129260 (ALL)
SANJAY SINGH @ RAJA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/2377/2025 · 2025-03-24
Subhash Vidyarthi
body2025
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:16711 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2377 of 2025 Applicant :- Sanjay Singh @ Raja Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Amiruddin Khan,Shaukat Ali Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री शशौकत अलश्री तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कक मप्रार वतविप्रारश्री कलो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 459 सन 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 137(2), 65(1) बश्री०एन०एस०एस० एविसं धिप्रारप्रा 5/6 यशौन अपरप्राधिधों सके बच्चधों कके ससंरकण (POCSO) अधधिवनयम, 2012, रप्रानप्रा-भदलोखर, धजिलप्रा-रप्रायबरकेलश्री मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रासंक 15.11.2024 कलो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपलोरर मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वशकप्रायतकतप्रार ककी 14 विरर्थीय पकतश्री वदनप्रासंक 14.11.2024 शप्राम 8 बजिके घर सके अपनप्रा मलोबप्राइल फलोन लकेकर चलश्री गई। पश्रीवड़ितप्रा नके धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस०कके अन्तगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम कहिप्रा वक विहि पप्रारर्थी कके सप्रार उसकके घर गई रश्री तरप्रा उसककी मजिर्थी सके शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनके, जिब पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके घर विप्रापस जिप्रानके ककी इच्छप्रा व्यक ककी तब पप्रारर्थी उसके घर कके पप्रास विप्रापस छलोड़ि गयप्रा। ऐसप्रा हिश्री बयप्रान पश्रीवड़ितप्रा नके धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत भश्री वदयप्रा हिहै। वचवकत्सककीय परश्रीकण ररपलोरर मम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर बल पयलोग कप्रा कलोई वचन्हि नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा।
4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 19 विरर्थीय वनदर्दोर नवि-यकविक हिहै और उसकप्रा कलोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
5. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उनकलो पप्राप्त धलधखत अनकदकेशधों कके आधिप्रार पर ससूवचत वकयप्रा वक पप्राररनप्रा पत ककी ससूचनप्रा वशकप्रायतकतप्रार/पश्रीवड़ितप्रा कलो पकधलस दप्रारप्रा दके दश्री गई हिहै, वकन्तक उनककी तरफ सके कलोई जिमप्रानत पप्राररनप्रा पत कके वविरलोधि करनके कके धलए कलोई उपसस्रत नहिहीं हिहै।
6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहिप्रा वक पश्रीवड़ितप्रा नप्राबप्राधलक हिहै। अततः उसककी सहिमवत वविधधि मम कलोई मप्रायनके नहिहीं रखतश्री हिहै। वदनप्रासंक 06.01.2025 कलो आरलोप पत अगकेवरत वकयप्रा जिप्रा चककप्रा हिहै
7.
उपरलोक तथ्यधों कलो दृवष्टिगत रखतके हिहए परम -दृष्टियप्रा यहि पतश्रीत हिलोतप्रा हिहै वक यद्यवप
पश्रीवड़ितप्रा नप्राबप्राधलक हिहै, वकन्तक पप्रारर्थी भश्री मप्रात 19 विरर्थीय नवि-यकविक हिहै, धजिसकप्रा कलोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै तरप्रा पश्रीवड़ितप्रा नके उसकके वविरुद्ध वकसश्री भश्री पकप्रार कप्रा कलोई भश्री करन नहिहीं वकयप्रा हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी पस्तकत पकरण मम जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
8. तदनकसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिहै।
9. आविकेदक ससंजिय धससंहि@रप्राजिप्रा कलो वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दलो जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरलोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयलोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयलोजिन पक कके गविप्राहिधों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कलोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिलोगप्रा। Order Date :- 24.3.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench