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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 129118 (ALL)
SANJAY KUMAR CHAURASIYA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. HOME LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/2380/2025 · 2025-03-24
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 129118 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:16741 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2380 of 2025 Applicant :- Sanjay Kumar Chaurasiya Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Aniket Srivastav,Satish Chandra Kashish Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अवनकके त शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रप्राजश्रीवि कक मप्रार विमप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 ददं०प०सदं०/483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा सदंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 0124 सन 2021, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 363, 366, 376 भप्रा०द०ववि० एविदं 3/4 पपॉक्सको एक्ट, रप्रानप्रा ककोतविप्रालश्री दकेहिप्रात , धजलप्रा बलरप्रामपकर मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रादंक 26.05.2021 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक उसककी तश्रीन पकवतयप्रादं हिह, धजनमम सके दको कप्रा वविविप्राहि विहि कर चकककी हिहै। सबसके छकोटश्री पकतश्री वदनप्रादंक 22.05.2021 कको घर सके बप्राहिर चलश्री गई , वकन्तक विप्रापस नहिहीं आई। धिप्रारप्रा 161 ददं०प०सदं० कके अन्तगर्मात अदंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयक 20 विरर्मा कहिप्रा तरप्रा उसनके कहिप्रा वक विहि पप्रारर्थी सके चप्रार विरर्मा सके बप्रात करतश्री हिहै तरप्रा उससके प्यप्रार करतश्री हिहै। लगभग तश्रीन मप्राहि पसूविर्मा घर सके भप्रागकर उसनके अपनश्री मजर्थी सके पप्रारर्थी सके शप्रादश्री करलश्री हिहै तरप्रा विहि उसकके सप्रार हिश्री रहिनप्रा चप्राहितश्री हिहै। ऐसप्रा हिश्री बयप्रान पश्रीवड़ितप्रा नके धिप्रारप्रा 164 ददं०प०सदं० कके अन्तगर्मात भश्री वदयप्रा हिहै। अपनके अवतररक बयप्रान मम भश्री पश्रीवड़ितप्रा नके यहिश्री करन वकयप्रा हिहै।
4. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हिहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
5. वदनप्रानाँक 18.08.2021 कको वविविकेचक नके आरकोप पत पस्तकत कर वदयप्रा हिहै।
6. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार वविविप्राहि पमप्राण पत भश्री सदंलग्न वकयप्रा गयप्रा हिहै , धजसकके अनकसप्रार वशकप्रायतकतर्थी नके पप्रारर्थी सके वदनप्रादंक 15.06.2021 कको वविविप्राहि कर धलयप्रा हिहै और उस वविविप्राहि कके समय उसनके अपनश्री जन्म वतधर 03.05.2002 बतप्राई।
7. पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी कके सप्रार सदंयकक रूप सके इस न्यप्रायप्रालय कके समक ररट यप्रावचकप्रा सदंख्यप्रा 12452 (एम०बश्री०) सनन् 2021 पस्तकत करकके परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा कको वनरस्त करनके ककी मप्रानाँग ककी रश्री, धजसमम वविविकेचक कको पश्रीवड़ितप्रा कप्रा बयप्रान अदंवकत करनके कप्रा वनदरश हिहआ रप्रा। उक यप्रावचकप्रा मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनप्रा नप्राम शश्रीमतश्री उधिप्रा उरर्मा उरप्रा दकेविश्री कहिप्रा रप्रा। वविविप्राहि
पमप्राण पत मम भश्री नप्राम उधिप्रा अदंवकत हिहै।
8.
वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक वचवकत्सककीय पमप्राण पत कके अनकसप्रार पश्रीवड़ितप्रा ककी जन्म वतधर 06.07.2008 हिहै। शहैवकक पमप्राणपत कक मप्रारश्री सररतप्रा कके नप्राम वनगर्मात एक अन्तरण पमप्राण पत हिहै तरप्रा इसमम उधिप्रा अरविप्रा उरप्रा नप्राम अदंवकत नहिहीं हिहै।
9. उपरकोक तथ्ययों कके दृवष्टिगत, जबक पश्रीवड़ितप्रा नके लगप्रातप्रार यहि कहिप्रा हिहै वक विहि बप्राधलग हिहै एविदं पप्रारर्थी कके सप्रार अपनश्री मजर्थी सके गई तरप्रा उसनके स्वियदं हिश्री परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा वनरस्तश्रीकरण कके धलए इस न्यप्रायप्रालय कके समक ररट यप्रावचकप्रा पस्तकत ककी रश्री , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
10. तदनकसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै।
11. आविकेदक सदंजय कक मप्रार चचौरधसयप्रा कको वनम्नधलधखत शतर्दोदं कके अधिश्रीन सदंबदंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सदंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बदंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहियों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक टटप्रायल ककोटर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। Order Date :- 24.3.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench