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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 129103 (ALL)
SANJAY KUMAR GUPTA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/2320/2025 · 2025-03-19
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 129103 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:15895 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2320 of 2025 Applicant :- Sanjay Kumar Gupta Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Shravan Kumar Verma,Dileep Kumar Awasthi,Sharda Verma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री शविण कक मप्रार विमप्रार्मा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अरवविन्द कक मप्रार पप्राण्डकेय कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके दप्रारप्रा पस्तकत पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 0411 सन 2024 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 62, 64, 75, 126(2), 127(2), 140(3), 140(4) भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा वि धिप्रारप्रा 5F, 6, 18 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा मकहिम्मदप्राबप्राद धजिलप्रा सश्रीतप्रापकर मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै।
3. उपरकोक पकरण मम वदनप्रासंक 24.09.2024 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी 11 विरर्थीय पकतश्री जिब वदनप्रासंक 24.09.2024 कको सकबहि 7 बजिके स्कसू ल जिप्रा रहिश्री रश्री तको रप्रास्तके मम पप्रारर्थी , जिको उसश्री कके वविदप्रालय मम वशकक हिहै, वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी पकतश्री कको रकोककर डरप्रा-धिमकप्राकर अपनके सप्रार अपनके वकरप्रायके कके मकप्रान मम लके गयप्रा और दरविप्राजिप्रा बसंद कर तप्रालप्रा लगप्रा वदयप्रा तरप्रा अभद्रतप्रा करनके ककी ककोवशश ककी। शकोर-शरप्राबप्रा हिकोनके पर मकहिलके कके लकोग इकटप्रा हिको गयके। ससंदकेहि हिकोनके पर वशकप्रायतकतप्रार्मा भश्री पप्रारर्थी कके कमरके पर पहिहहुँचके तको मकहिलके कके आसपप्रास लकोगधों नके गकेर कके उपर सके लड़ककी कको वनकप्राल वदयप्रा तरप्रा पकधलस कको ससूचनप्रा दश्री।
4. धिप्रारप्रा 180 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा अधधिवनयम कके असंतगर्मात वदयके गयके अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतप्रार्मा नके यहि भश्री कहिप्रा वक पप्रारर्थी उसककी पकतश्री कको टसूशन पढप्रातप्रा रप्रा वकन्तक उसकप्रा पढप्रानप्रा ठश्रीक न लगनके पर वशकप्रायतकतप्रार्मा नके पप्रारर्थी कको मनप्रा कर वदयप्रा रप्रा। पप्रारर्थी कके वकरप्रायके कके मकप्रान पर पहिहहुँचनके पर विहिप्राहुँ भश्रीड़ लगश्री रश्री। पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी पकतश्री कको कमरके मम बन्द कर तप्रालप्रा लगप्राकर बसंधिक बनप्रा धलयप्रा रप्रा। पप्रारर्थी ककी बकेरश्री कके वचलप्रानके पर आसपप्रास कके लकोग पहिहहुँच गयके तरप्रा उसककी पकतश्री कको दरविप्राजिप्रा तकोड़कर बप्राहिर वनकप्रालप्रा गयप्रा। ससूचनप्रा वमलनके पर पकधलस ममौकके पर आयश्री और तप्रालप्रा तकोड़कर पप्रारर्थी कको अपनके सप्रार लके गयश्री। पप्रारर्थी नके यहि भश्री कहिप्रा वक उसकके बड़के भप्राई रप्राधिके श्यप्राम घर सके हिश्री उसकके सप्रार गयके रके। पश्रीवड़तप्रा नके भश्री ऐसप्रा हिश्री बयप्रान वदयप्रा और उसनके कहिप्रा वक मकहिलके कके लकोगधों नके आकर दरविप्राजिप्रा तकोड़कर उसके बप्राहिर वनकप्रालप्रा रप्रा।
5.
धिप्रारप्रा 183 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात वदयके गयके अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके उसकको कमरके मम बसंद कर पप्रारर्थी दप्रारप्रा बप्राहिर सके तप्रालप्रा डप्रालनप्रा कहिप्रा एविसं यहि कहिप्रा
वक जिब पप्रारर्थी गलत कप्राम करनके जिप्रा हिश्री रहिप्रा रप्रा तको उसनके वचलप्रायप्रा और वफिर मकहिलके विप्रालधों नके आकर उसके बचप्रा धलयप्रा।
6. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हिहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
7. पकधलस दप्रारप्रा पदप्रान धलधखत अनकदकेशधों कके आधिप्रार पर वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा -पत कप्रा वविरकोधि वकयप्रा और उन्हिधोंनके कहिप्रा वक पश्रीवड़तप्रा ककी जिन्मवतधर 04.10.2013 हिहै एविसं पप्रारर्थी, जिको पश्रीवड़तप्रा कप्रा वशकक हिहै, नके उसकके सप्रार दकष्कमर्मा करनके कप्रा पयप्रास वकयप्रा जिको अत्यसंत गसंभश्रीर अपरप्राधि हिहै अततः पप्रारर्थी कको जिमप्रानत नहिहीं पदप्रान ककी जिप्रानश्री चप्रावहिए।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा कको पदप्रान वकयके गयके पपतधों मम वगरफ्तप्रारश्री मकेमको समम्मधलत हिहै, धजिसकके अनकसप्रार पप्रारर्थी कको सप्रामकदप्रावयक स्विप्रास्थ्य कके न्द्र महिमसूदप्राबप्राद सके वगरफ्तप्रार वकयप्रा गयप्रा। पप्रारर्थी कके शरश्रीर पर चकोरम रश्री और धसर मम अस्पतप्राल ककी पटश्री बसंधिश्री रश्री।
9. उपरकोक तथ्यधों कको दृवष्टिगत रखतके हिहए, जिबवक परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम पश्रीवड़तप्रा कको गकेर कके उपर सके वनकप्रालप्रा जिप्रानप्रा कहिप्रा गयप्रा तरप्रा बयप्रानधों मम दरविप्राजिप्रा तकोड़कर वनकप्रालप्रा जिप्रानप्रा कहिप्रा गयप्रा हिहै; परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा तरप्रा बयप्रानधों कके अनकसप्रार ममौकके पर कप्राफिकी भश्रीड़ इकटप्रा रश्री, लकेवकन वकसश्री स्वितसंत सप्राकश्री कप्रा बयप्रान वविविकेचक नके असंवकत नहिहीं वकयप्रा हिहै ; धिप्रारप्रा 183 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके स्वियसं कहिप्रा हिहै वक पप्रारर्थी नके उसके बसंद कर बप्राहिर सके तप्रालप्रा लगप्रायप्रा रप्रा धजिससके पतश्रीत हिकोतप्रा हिहै वक पप्रारर्थी पश्रीवड़तप्रा कके सप्रार कमरके मम उपमस्रत नहिहीं हिको सकतप्रा हिहै ; बयप्रानधों कके अनकसप्रार पकधलस ममौकके सके हिश्री पप्रारर्थी कको पकड़ कर लके गयश्री जिबवक वगरफ्तप्रारश्री मकेमको कके अनकसप्रार सप्रामकदप्रावयक स्विप्रास्थ्य कके न्द्र सके वगरफ्तप्रार वकयप्रा गयप्रा, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक वबनप्रा पकरण कके गकण -दकोर कको पभप्राववित वकयके हिहए उपरकोक तथ्य जिमप्रानत पदप्रान वकयके जिप्रानके कप्रा पयप्रार्माप्त आधिप्रार पदप्रान करतके हिल।
10. तद्नकसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिहै।
11.
आविकेदक ससंजिय कक मप्रार गकप्तप्रा कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहिधों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपमस्रत हिकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 19.3.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench