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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 128971 (ALL)
SHYAMJI MISHRA @ KALLU v. STATE OF U.P. THRU. ITS PRIN. SECY. HOME LKO. AND 4 OTHERS
BAIL/2328/2025 · 2025-03-19
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 128971 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:15968 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2328 of 2025 Applicant :- Shyamji Mishra @ Kallu Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Its Prin. Secy. Home Lko. And 4 Others Counsel for Applicant :- Satyendra Nath Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री सत्यकेन्द्र नप्रार वमिशप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अरवविन्द शश्रीविप्रास्तवि कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मिसुकदमिप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 457 सन 2024 अन्तगरत धिप्रारप्रा 70(1), 114(2), 351(3) भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा वि धिप्रारप्रा 5-G/6 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससंरकण अधधिवनयमि रप्रानप्रा लम्भसुविप्रा धजिलप्रा ससुल्तप्रानपसुर मिम जिमिप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रासंक 21.12.2024 कको 14:25 बजिके पप्रारर्थी तरप्रा वविकप्रास यप्रादवि कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परमि ससूचनप्रा ररपकोरर मिम यहि कहिप्रा हिहै वक जिब वदनप्रासंक 19.12.2024 कको रप्रावत 10 बजिके वशकप्रायतकतप्रार कके पररविप्रार कके सभश्री लकोग एक समिप्रारकोहि मिम गयके रके तरप्रा उसककी बकेरश्री घर पर अकके लश्री रश्री, अवभयसुकगण नके उसकके सप्रार बलप्रात्कप्रार, मिप्रारपश्रीर ककी एविसं वविवडियको बनप्रानके कके बप्राद जिप्रान सके मिप्रारनके ककी धिमिककी दश्री।
4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मिम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी 25 विरर कप्रा वनदर्दोर नवियसुविक तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
5. धिप्रारप्रा 180 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मिम पश्रीवड़ितप्रा नके कहिप्रा वक सहि-अवभयसुक वविकप्रास अपनके घर सके इशप्रारप्रा करकके पश्रीवड़ितप्रा कको बसुलप्रा रहिप्रा रप्रा, धजिस पर पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके पप्रापप्रा कके मिकोबप्राइल सके वविकप्रास कको कप्राल ककी तको वविकप्रास नके अपनके घर बसुलप्रायप्रा। पश्रीवड़ितप्रा पहिलके भश्री वविकप्रास सके बप्रातचश्रीत करतश्री रश्री। पश्रीवड़ितप्रा नके कहिप्रा वक उसनके मिनप्रा कर वदयप्रा तको दकोनधों अवभयसुकगण उसकके घर आयके और उसके जिबरदस्तश्री वविकप्रास कके घर लके गयके जिहिप्राहाँ वविकप्रास नके उसकके सप्रार बलप्रात्कप्रार वकयप्रा।
6. वचवकत्सककीय परश्रीकण कके समिय भश्री पश्रीवड़ितप्रा नके वविकप्रास यप्रादवि दप्रारप्रा बलप्रात्कप्रार वकयप्रा जिप्रानप्रा कहिप्रा एविसं पप्रारर्थी दप्रारप्रा वविवडियको बनप्रायप्रा जिप्रानप्रा एविसं दसुरयरविहिप्रार वकयप्रा जिप्रानप्रा कहिप्रा।
7. पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर वकसश्री भश्री पकप्रार ककी बप्राहिरश्री-अन्दरूनश्री चकोर नहिहीं पप्रायश्री गयश्री। कसु छ नमिसूनके पहैरप्राललॉजिश्री जिप्रासंच कके धलए भकेजिके गयके वकन्तसु उनककी ररपकोरर अभश्री अपप्राप्त हिहै।
8. धिप्रारप्रा 183 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मिम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके पसूविर कके बयप्रान कको दकोहिरप्रायप्रा।
9.
वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उनकको पप्राप्त धलधखत अनसुदकेशधों कके आधिप्रार पर पप्राररनप्रा-पत कप्रा घकोर वविरकोधि वकयप्रा तरप्रा उन्हिधोंनके कहिप्रा वक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके बयप्रानधों मिम
पप्रारर्थी कके वविरुद्ध भश्री ययौन अपरप्राधि कप्रा आरकोप लगप्रायप्रा हिहै। यद्यवप पश्रीवड़ितप्रा नके वविवडियको बनप्रायके जिप्रानके एविसं उसकको विप्रायरल करनके ककी धिमिककी दकेनके कप्रा करन वकयप्रा वकन्तसु ऐसप्रा ककोई वविवडियको वविविकेचनप्रा कके दयौरप्रान बरप्रामिद नहिहीं हिहआ हिहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर हिको गयश्री हिहै एविसं आरकोप पत वदनप्रासंक 08.01.2025 कको न्यप्रायप्रालय भकेजिप्रा जिप्रा चसुकप्रा हिहै।
10. उपरकोक तथ्यधों कको दृवष्टिगत रखतके हिहए , जिबवक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके बयप्रानधों मिम वविकप्रास यप्रादवि सके पसूविर सके बप्रात हिकोनप्रा तरप्रा उसकके दप्रारप्रा बलप्रात्कप्रार करनप्रा कहिप्रा गयप्रा हिहै ; पप्रारर्थी दप्रारप्रा वविवडियको बनप्रायके जिप्रानके कप्रा करन वविविकेचनप्रा कके दयौरप्रान वकसश्री सप्रामिगश्री सके समिधररत नहिहीं हिहआ हिहै, पप्रारर्थी एक 25 विरर्थीय नवियसुविक हिहै, धजिसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। विहि वदनप्रासंक 24.12.2024 सके कप्रारप्रागप्रार मिम वनरुद्ध हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मित हिहै वक पप्रारर्थी जिमिप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
11. तद्नसुसप्रार, जिमिप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिहै।
12. आविकेदक श्यप्रामिजिश्री वमिशप्रा उरर कलसू कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मिधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक रयवकगत बसंधिपत और समिप्रान रप्रावश ककी दको जिमिप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मिप्रामिलके मिम जिमिप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहिधों पर दबप्रावि नहिहीं डिप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 19.3.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench