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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 128566 (ALL)

RAMAKANT v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO

BAIL/2234/2025 · 2025-03-20

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:16083 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2234 of 2025 Applicant :- Ramakant Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko Counsel for Applicant :- Arvind Kumar Verma,Harish Kumar,Suraj Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अरवविविंद कक मप्रार विमप्रार्मा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री वदविप्राकर धसविंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. पस्तकत पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सविंख्यप्रा 321 सन 2024 अन्तरर्मात धिप्रारप्रा 115 (2), 352, 351 (3), 105 भप्रारतश्रीय न्यप्राय सविंवहतप्रा रप्रानप्रा वमततौलश्री धजिलप्रा लखश्रीमपकर धखरश्री मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै। 3. वदनप्राविंक 13.10.2024 कको 13.46 बजिके पप्रारर्थी सवहत तश्रीन व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम कहप्रा रयप्रा हहै वक उसश्री वदन करश्रीब 12 बजिके सभश्री अवभयककरण नके वशकप्रायतकतर्थी कके पवत तरप्रा उसककी पकतश्री कको लप्राठश्री डण्डके सके मप्रारप्रा तरप्रा उसकके पवत कप्रा इलप्राजि वमततौलश्री सस्रत सरकप्रारश्री अस्पतप्राल मम चल रहप्रा हहै। धजिसकके पश्चप्रातत् घप्रायल व्यवक कको धजिलप्रा अस्पतप्राल ओयल, खश्रीरश्री तरप्रा विहप्राविं सके रटप्रामप्रा समरर मकेवडकल ककॉलकेजि , लखनऊ रकेफर कर वदयप्रा रयप्रा तरप्रा लखनऊ जिप्रातके समय रप्रास्तके मम घप्रायल व्यवक ककी ममृत्यक हको रई। शवि परश्रीक्षण मम मप्रारके पर ससूजिन कके कई वनशप्रान रके तरप्रा ममृत्यक कप्रा कप्रारण पसूविर्मा मम धसर मम आई चकोर बतप्रायप्रा रयप्रा। वशकप्रायतकतर्थी तरप्रा उसककी चकोवरल पकतश्री अविंजिलश्री दकेविश्री नके सभश्री अवभयककरण दप्रारप्रा लप्राठश्री - डण्डके सके मप्रारनके कप्रा आरकोप लरप्रायप्रा। वविविकेचनप्रा कके दतौरप्रान सह -अवभयकक अविंवकत कके वविरुद्ध आरकोपको ककी पकवष्टि नहहीं हहई हहै तरप्रा पप्रारर्थी एविविं सह - अवभयकक अनक उफर्मा रकोवहत कके वविरुद्ध आरकोप -पत पस्तकत वकयप्रा रयप्रा हहै। सह-अवभयकक अनक उफर्मा रकोवहत कको जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा -पत 1489 सनत् 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्राविंक 18.02.2025 दप्रारप्रा जिमप्रानत पप्राप्त हको चकककी हहै। 4. अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक पप्रारर्थी सके एक डण्डके ककी बरप्रामदरश्री हहई हहै तरप्रा उसकप्रा पकरण सह- अवभयकक सके वभन हको जिप्रातप्रा हहै। 5. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 6. उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिरत रखतके हहए जिबवक परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी एविविं चकोवरल सप्राक्षश्री कके बयप्रान मम पप्रारर्थी तरप्रा सह -अवभयकक अनक उफर्मा रकोवहत कके वविरुद्ध समप्रान करन वकए रए हह एविविं सह-अवभयकक अनक उफर्मा रकोवहत कको जिमप्रानत पप्राप्त हको चकककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 7. तद्नकसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 8. आविकेदक रमप्राकप्राविंत कको वनम्नधलधखत शतर्दोविं कके अधिश्रीन सविंबविंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी सविंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकरत बविंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - ( ) i आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेरप्रा; ( ) ii आविकेदक अवभयकोजिन पक्ष कके रविप्राहयों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा; ( iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्मा दप्रारप्रा तय ककी रई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोरप्रा। Order Date :- 20.3.2025 Sumit Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench