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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 128547 (ALL)

AMIT v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. DEPTT. HOME LKO

BAIL/2258/2025 · 2025-03-20

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:16102 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2258 of 2025 Applicant :- Amit Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Deptt. Home Lko Counsel for Applicant :- Laxmi Narayan Gupta Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके पपूरक शपर -पत्र पस्ततुत वकयप्रा धजिसके अवभिलकेख पर धलयप्रा जिप्राए। 2. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री लक्ष्मश्री नप्रारप्रायण गतुपप्रा , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा सतुशश्री वशखप्रा धसन्हप्रा तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्ता कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री गतुलप्राम मतुस्तफप्रा कको सतुनप्रा वि पत्रप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 3. धिप्रारप्रा 483 भिप्रारतश्रीय नप्रागररक सतुरकप्रा ससंवहतप्रा कके असंतगर्तात पस्ततुत इस पप्रारर्तानप्रा-पत्र दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मतुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 0268 सन 2024 अन्तगर्तात धिप्रारप्रा 191(2), 103(1). 115(2), 352, 351(3) भिप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहतप्रा रप्रानप्रा आसश्रीविन धजिलप्रा उनप्रावि मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्तानप्रा ककी हहै। 4. वदनप्रासंक 22.09.2024 कको पप्रारर्थी, एक अन्य तरप्रा अजप्रात व्यवक कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम सपूचनप्रा ररपकोरर्ता मम कहप्रा गयप्रा वक पपूविर्ता मम दजिर्ता करप्रायके गयके अवभियकोग मम जिबरन सतुलह -समझझौतप्रा करनके कप्रा दबप्रावि बनप्रानके तरप्रा समझझौतप्रा करनके सके मनप्रा करनके पर नप्रारप्राजि हकोकर अवभियतुकगण नके वदनप्रासंक 21.09.2024 कको रप्रात 10 बजिके वशकप्रायतकतप्रार्ता कके वपतप्रा कको गप्राधलयप्रायाँ दश्री , लप्राठश्री-डण्डके एविसं लप्रात -घपूससों सके मप्रारप्रा धजिससके उनकके शरश्रीर मम कप्राफकी चकोरम आयश्री और उनकप्रा इलप्राजि सप्रामतुदप्रावयक स्विप्रास्थ्य कके न्द्र मम चल रहप्रा रप्रा। 5. वशकप्रायतकतप्रार्ता नके धिप्रारप्रा 180 भिप्रारतश्रीय नप्रागररक सतुरकप्रा ससंवहतप्रा कके असंतगर्तात वदयके गयके बयप्रान मम परम सपूचनप्रा ररपकोरर्ता कके करनसों कप्रा समरर्तान वकयप्रा वकन्ततु पश्रीवड़ित व्यवक नके अपनके बयप्रान मम कहप्रा वक जिब विह अपनके ससतुरप्राल सके पहैदल घर जिप्रा रहप्रा रप्रा तको रप्रास्तके मम अवभियतुकगण शरप्राब कके नशके मम आए और गप्रालश्री- गलझौजि करतके हहए उससके मप्रार -पश्रीर करनके लगके और उसके धिक्कप्रा दके वदयप्रा , धजिससके विह सपूखश्री नहर मम वगर गयप्रा और उसके बहहत जिगह असंदरूनश्री चकोरम आयश्री। पश्रीवड़ित कको बप्राद मम इलप्राजि कके धलए कप्रानपतुर रकेफर वकयप्रा गयप्रा जिहप्रायाँ इलप्राजि कके दझौरप्रान वदनप्रासंक 28.09.2024 कको उसककी ममृत्यतु हको गयश्री। 6. ममृत्यतु पश्चप्रात परश्रीकण ररपकोरर्ता मम पप्रारर्थी कके शरश्रीर पर ककोई भिश्री ममृत्यतु पपूविर्ता चकोर कप्रा आनप्रा नहहीं बतप्रायप्रा गयप्रा तरप्रा ममृत्यतु कप्रा कप्रारण मकेरुदण्ड मम चकोर कके कप्रारण हहआ आघप्रात एविसं जिवरलतप्राएयाँ बतप्रायश्री गयश्री। 7. वशकप्रायतकतप्रार्ता कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके पप्रारर्तानप्रा-पत्र कप्रा घकोर वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक पप्रारर्थी पपूविर्ता कके मतुकदमम मम सतुलह कप्रा दबप्रावि बनप्रानके तरप्रा सतुलह सके इसंकप्रार करनके कके धलए वकयप्रा गयप्रा तरप्रा अपरप्राधि कप्रा कप्रारण अत्यन्त गसंभिश्रीर हहै। 8. सह-अवभियतुक दकेविकेन्द्र कतु मप्रार उफर्ता दकेविप्रानसंद कप्रा जिमप्रानत पप्रारर्तानप्रा पत्र ससंख्यप्रा 2327 सनन् 2025 आदकेश वदनप्रासंक 19.03.2025 पपूविर्ता मम स्विश्रीकप्रार हको चतुकप्रा हहै। 9. उपरकोक तथ्यसों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , जिबवक पश्रीवड़ित व्यवक नके मप्रात्र शरप्राब कके नशके मम गप्रालश्री -गलझौजि, मप्रारपश्रीर करनके एविसं धिक्कप्रा दकेनके कप्रा करन वकयप्रा; पश्रीवड़ित ककी ममृत्यतु इलप्राजि कके दझौरप्रान लगभिग एक सपप्राह कके बप्राद हहई तरप्रा पश्रीवड़ित कके शरश्रीर पर ककोई भिश्री जिप्रावहरप्रा चकोर नहहीं पप्रायश्री गयश्री एविसं ममृत्यतु कप्रा कप्रारण मकेरुदण्ड मम चकोर कके कप्रारण हहई जिवरलतप्राओसं कको बतप्रायप्रा गयप्रा ; पप्रारर्थी वदनप्रासंक 10.10.2024 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 10. तद्नतुसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्तानप्रा-पत्र स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 11. आविकेदक अवमत कको वनम्नधलधखत शतरसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंततुवष्टि कके अनतुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत्र और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्ततुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए:- ( ) i आविकेदक अवभियकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; ( ) ii आविकेदक अवभियकोजिन पक कके गविप्राहसों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; ( iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्ता दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। Order Date :- 20.3.2025 Sumit Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench