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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 128538 (ALL)

Surajpal v. STATE OF U.P. THRU PRINCIPAL SEC. HOME AND ANOTHER

ABAIL/315/2025 · 2025-03-18

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:15727 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 315 of 2025 Applicant :- Surajpal Opposite Party :- State Of U.P. Thru Principal Sec. Home And Another Counsel for Applicant :- Ashok Kumar,Chandra Prakash,Muzammil Asad Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. इस प्रकरण कके पपुककारके जकानके पर प्रकारर्थी कके वविदकान अधधिविकका शश्री अशशोक कपु मकार तरका वविदकान अपर शकासककीय अधधिविकका शश्री आलशोक कपु मकार वतविकारश्री नके अपनके तकर रखनके प्रकाररंभ वकयके, वकन्तपु इसश्री बश्रीच अविधि बकार एसशोधसएशन कके महकासवचवि अनकेक अधधिविककाओरं कके सकार न्यकायकालय मम आयके और उन्हहोंनके अधधिविककाओरं कशो न्यकावयक ककायर सके वविरत हशोनके ककी बकात कहतके हहए सभश्री अधधिविककाओरं कशो न्यकायकालय सके बकाहर वनकलनके कके धलए कहका तरका इस पर प्रकारर्थी कके वविदकान अधधिविकका बश्रीच मम हश्री अपनके तकर छशोड़कर न्यकायकालय सके बकाहर चलके गयके। जबवक प्रस्तपुत प्रकरण मम प्रकारर्थी ककी वनजश्री स्वितरंत्रतका कके ममूल अधधिककारहों कके हनन कका प्रश्न वनवहत हहै अततः न्यकायवहत मम न्यकायकालय नके पत्रकाविलश्री कका अविलशोकन करकके तरका वविदकान अपर शकासककीय अधधिविकका कके तकररं कशो सपुनकर प्रकाररनका-पत्र कशो वनस्तकाररत करनका न्यकायशोवचत समझका। 2. धिकारका 482 भकारतश्रीय नकागररक सपुरकका सरंवहतका, 2023 कके अरंतगरत प्रस्तपुत इस प्रकाररनका-पत्र दकारका प्रकारर्थी नके मपुकदमका अपरकाधि सरंख्यका 371 सन 2024 धिकारका 85, 80 बश्री०एन०एस० एविरं धिकारका 3/4 दहकेज प्रवतषकेधि अधधिवनयम रकानका नश्रीमगकारंवि धजलका लखश्रीमपपुर खश्रीरश्री मम अवग्रिम जमकानत ककी प्रकाररनका ककी हहै। 3. प्ररम समूचनका ररपशोरर वदनकारंक 19.11.2024 कशो प्रकारर्थी, उसकके मकातका-वपतका तरका भकाई-बहन कके वविरुद्ध यह कहतके हहए धलखकाई गई वक वशककायतकतकार नके अपनश्री पपुत्रश्री कका वविविकाह वदनकारंक 22.06.2023 कशो प्रकारर्थी कके सकार वकयका रका। सभश्री अवभयपुकगण वशककायतकतकार ककी पपुत्रश्री कशो दहकेज कके धलए प्रतकावड़त करतके रके। वदनकारंक 02.11.2024 कशो अवभयपुकगण नके वशककायतकतकार ककी पपुत्रश्री कशो कपु छ जहरश्रीलका पदकारर धखलकाकर गशोलका सकामपुदकावयक स्विकास्थ्य कके न्द्र इलकाज कके धलए लके गयके रके जहकाहाँ सके उसके धजलका अस्पतकाल ओयल रकेफर कर वदयका गयका रका एविरं विहकाहाँ उसकका इलकाज चलका रका। उसकके उपरकान्त अवभयपुकगण वशककायतकतकार ककी पपुत्रश्री कशो अपनके घर लके गयके रके। वदनकारंक 18.11.2024 कशो रकात 12:30 बजके अवभयपुकगण नके वशककायतकतकार ककी पपुत्रश्री कशो प्रतकावड़त करकके मकार वदयका। 4. प्रकाररनका-पत्र कके सकार प्रस्तपुत शपर-पत्र मम कहका गयका हहै वक प्रकारर्थी वनदरष हहै और उसकका कशोई आपरकाधधिक इवतहकास नहहीं हहै। शपर-पत्र मम यह भश्री कहका गयका हहै वक पश्रीवड़तका ककाफकी बश्रीमकार रहतश्री रश्री और अपनश्री बश्रीमकारश्री सके परकेशकान हशोकर उसनके पमूविर मम भश्री आत्महत्यका कका प्रयकास वकयका रका। पश्रीवड़तका ककी बश्रीमकारश्री कके इलकाज कके पचर शपर -पत्र कके सकार सरंलग्नक सरंख्यका 2 कके रूप मम सरंलग्न हह। ममृत्यपु पश्चकात शवि वविच्छकेदन आख्यका मम ममृतकका कके शरश्रीर पर वकसश्री प्रककार ककी कशोई चशोर नहहीं पकायश्री गयश्री हहै। शपर -पत्र मम यह कहका गयका हहै वक प्रकारर्थी कके अवतररक सभश्री अन्य सह -अवभयपुकगण कशो प्रस्तपुत प्रकरण मम अवग्रिम जमकानत वमल चपुककी हहै और उनकके अवग्रिम जमकानत आदकेश प्रकाररनका-पत्र कके सकार सरंलग्न हह। 5. वविदकान अपर शकासककीय अधधिविकका नके उनकशो प्रकाप्त अनपुदकेशहों कके आधिकार पर प्रकाररनका -पत्र कका वविरशोधि वकयका। कके स डकायरश्री कके पचकार नरंबर 13 मम अरंवकत हहै वक वविविकेचक नके वदनकारंक 02.11.2024 कशो सकामपुदकावयक स्विकास्थ्य कके न्द्र गशोलका , खश्रीरश्री मम पश्रीवडडतका कशो प्रकारर्थी दकारका इलकाज कके धलए भतर्थी करकायका जकानका और जहरश्रीलका पदकारर खकानके कके सरंबरंधि मम पश्रीवडतका कका इलकाज हशोनका पकायका गयका। वविदकान अपर शकासककीय अधधिविकका नके यह भश्री समूवचत वकयका वक वविसरका जकारंच मम ममृतकका कके पकेर मम एल्यपुवमवनयम फफॉस्फकाइड नकामक वविष पकायका गयका। 6. वविदकान अपर शकासककीय अधधिविकका नके तकर वदयका वक पमूविर मम भश्री पश्रीवड़तका कशो जहर वदयका गयका रका तरका पश्रीवड़तका ककी ममृत्यपु प्रकारर्थी कके घर मम वविविकाह कके 2 विषर कके अरंदर असकामकान्य पररसस्रवतयहों मम हहई हहै अततः प्रकारर्थी अवग्रिम जमकानत पकानके कका अधधिककारश्री नहहीं हहै। 7. उपरशोक तथ्यहों कशो दृवष्टिगत रखतके हहए, जबवक पश्रीवड़तका नके पमूविर मम वदनकारंक 02.11.2024 कशो जहर खकायका तरका उसकके पवत- प्रकारर्थी नके हश्री उसकका इलकाज करविकायका एविरं इलकाज कके बकाद पश्रीवड़तका अपनके पवत कके हश्री घर गयश्री तरका वशककायतकतकार न तशो पश्रीवड़तका कशो अपनके घर लके गयका और न हश्री इस सरंबरंधि मम उसकके दकारका कशोई ककायरविकाहश्री हश्री ककी गयश्री ; वदनकारंक 18.11.2024 कशो पश्रीवड़तका ककी ममृत्यपु हहई तरका यद्यवप यह आरशोप हहै वक उसकशो जहर धखलकायका गयका, पश्रीवड़तका कके शरश्रीर पर बल प्रयशोग कके कशोई वचह्न नहहीं पकायके गयके ; प्रकारर्थी कका कशोई आपरकाधधिक इवतहकास नहहीं हहै तरका सभश्री सह-अवभयपुकगण कशो अवग्रिम जमकानत वमल चपुककी हहै, न्यकायकालय कका मत हहै वक प्रकारर्थी भश्री अवग्रिम जमकानत पकानके कका अधधिककारश्री हहै। 8. तद्नपुसकार अवग्रिम जमकानत प्रकाररनका-पत्र स्विश्रीककार वकयका जकातका हहै। 9. उपरशोक मपुकदमका अपरकाधि सरंख्यका मम आविकेदक ककी वगरफ्तकारश्री /न्यकायकालय कके समक उपसस्रवत ककी दशका मम , उसके सरंबरंधधित रकानके कके भकारसकाधिक अधधिककारश्री /न्यकायकालय ककी सरंतपुवष्टि कके अनपुसकार व्यवकगत बरंधि पत्र एविरं दशो प्रवतभमू प्रस्तपुत करनके पर परश्रीकण कके अरंवतम रूप सके वनस्तकारण तक, वनम्न शतररं कके अधिश्रीन अवग्रिम जमकानत पर ररहका वकयका जकाएगकातः- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हशोगका तशो पपुधलस अधधिककारश्री दकारका जफॉच हकेतपु अपकेवकत समय पर उपसस्रत हशोगका; ख- आविकेदक मकामलके कके तथ्यहों सके पररवचत वकसश्री व्यवक यका पपुधलस अधधिककाररयहों कशो प्रत्यक यका परशोक रूप सके कशोई धिमककी , विकादका यका प्रलशोभन नहहीं दकेगका धजससके वक विह ऐसके तथ्य कशो न्यकायकालय कके समक यका वकसश्री पपुधलस अधधिककारश्री कके समक प्रकर न करनके पर मकान जकाए; ग- आविकेदक अदकालत ककी पमूविर अनपुमवत कके वबनका भकारत नहहीं छशोड़केगका; घ- आविकेदक कशो प्रत्यकेक वनधिकारररत वतधर पर रटकायल कशोरर कके समक उपसस्रत हशोनका हशोगका, जब तक वक व्यवकगत उपसस्रवत सके छमू र न दश्री गयश्री हशो; ङ- आविकेदक अवभयशोजन पक कके गविकाह पर दबकावि नहहीं डकालकेगका / धिमककी नहहीं दकेगका; च- आविकेदक वविविकेचनका एविरं वविचकारण कके ददौरकान सहयशोग करमगके और जमकानत ककी स्वितरंत्रतका कका दपुरुपयशोग नहहीं करकेगका। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 18.3.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench