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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 128461 (ALL)

AMIT KUMAR SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

ABAIL/321/2025 · 2025-03-20

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:16020 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 321 of 2025 Applicant :- Amit Kumar Singh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Vishal Chaudhary Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविशप्राल चचौधिरश्री तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कक मप्रार वतविप्रारश्री कलो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविललोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 438 ददं०प०सदं०/482 बश्री.एन.एस.एस. कके अदंतररत पस्तकत पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 1012 सनन् 2017, अन्तररत धिप्रारप्रा 306, 506 भप्रा०द०ववि०, रप्रानप्रा इकचौनप्रा, जनपद शप्राविस्तश्री मम अवग्रिम जमप्रानत हकेतक पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रादंक 09.04.2017 कलो पप्रारर्थी सवहत पप्रादंच व्यवकययों कके वविरुद धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपलोरर मम कहप्रा रयप्रा वक वशकप्रायतकतप्रार ककी पकतश्री नके पप्रारर्थीरण दप्रारप्रा परकेशप्रान वकए जप्रानके कके कप्रारण आत्महत्यप्रा कर लश्री। आत्महत्यप्रा कके पसूविर ममृतकप्रा नके एक पत धलखप्रा धजसमम उसनके कहप्रा वक विह पप्रारर्थी दप्रारप्रा परकेशप्रान वकए जप्रानके कके कप्रारण आत्महत्यप्रा कर रहश्री हहै , क्ययोंवक पप्रारर्थी उसके धिमककी दके रहप्रा रप्रा वि ब्लहैकमकेल कर रहप्रा रप्रा। 4. पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरलोधि करतके हहए अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके करन वकयप्रा वक पप्रारर्थी नके इसकके पसूविर इस न्यप्राप्रायलय मम ररर यप्रावचकप्रा सदंख्यप्रा एम .बश्री. 10499 सनन् 2020 पस्तकत ककी रश्री, जलो इस न्यप्रायप्रालय ककी खण्डपश्रीठ नके वदनप्रादंक 08.07.2020 कलो यह कहतके हहए वनस्तप्राररत कर दश्री रश्री वक यप्रावचकप्राकतप्रार छछः सपप्राह ककी अविधधि कके अदंतररत धिप्रारप्रा 438 ददं०प०सदं० कके अदंतररत पप्राररनप्रा-पत पस्तकत कर सकतप्रा हहै और उक अविधधि मम उसकलो वररफ्तप्रार नहहीं वकयप्रा जप्राएरप्रा। वदनप्रादंक 08.07.2020 कलो छछः सपप्राह ककी अविधधि वदए जप्रानके कके उपरप्रादंत यप्रावचकप्राकतप्रार नके सत न्यप्रायप्रालय कके समक जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत विरर 2024 मम वदयप्रा जलो वदनप्रादंक 06.11.2024 कलो वनरस्त हहआ। इसकके उपरप्रादंत इस न्यप्रायप्रालय कके समक अवग्रिम जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत वदनप्रादंक 10.03.2025 कलो पस्तकत वकयप्रा रयप्रा हहै। 5. पप्रारर्थी कके उपरलोक आचरण सके यह स्पष्ट हहै वक इस न्यप्रायप्रालय कके आदकेश कके उपरप्रादंत भश्री पप्रारर्थी नके न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वदए रए समय कके अदंतररत अवग्रिम जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत पस्तकत नहहीं वकयप्रा तरप्रा सत न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा अवग्रिम जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत वनरस्त हलोनके कके बप्राद भश्री पप्रारर्थी नके तत्परतप्रा सके इस न्यप्रायप्रालय कके समक भश्री अवग्रिम जमप्रानत पप्राररनप्रा -पत पस्तकत नहहीं वकयप्रा। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरलोधि वकयप्रा तरप्रा उनकलो पप्राप धलधखत अनकदकेशयों मम वविधधि वविजप्रान पयलोरशप्रालप्रा ककी ररपलोरर न्यप्रायप्रालय कके समक रखश्री धजसमम यह कहप्रा रयप्रा हहै वक आत्महत्यप्रा पसूविर पत ममृतक नके हश्री धलखप्रा रप्रा। इससके स्पष्ट हहै वक पप्रारर्थी वविधधिक पवक्रियप्रा मम समकवचत सहयलोर नहहीं कर रहप्रा हहै और इस आचरण कलो दृवष्टरत रखतके हहए पप्रारर्थी अवग्रिम जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री नहहीं हहै। 6. तद्नकसप्रार, यह अवग्रिम जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत वनरस्त वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। Order Date :- 20.3.2025/Sumit Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench