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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 128450 (ALL)

RAM RANI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO

BAIL/2215/2025 · 2025-03-20

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:16045 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2215 of 2025 Applicant :- Ram Rani Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko Counsel for Applicant :- Ravindra Kumar Singh,Ashish Kumar Gupta Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी रवविन्द्र कक मप्रार रससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा शनी रप्राजनीवि कक मप्रार विमप्रार कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलनी कप्रा पररशनीलन वकयप्रा। 2. पस्तकत पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारररननी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 233 सन 2024 अन्तररत धिप्रारप्रा 103 (2), 238 (b), 3(5), 61(2) बनी.एन.एस. रप्रानप्रा रहनीमप्राबप्राद रजलप्रा लखनऊ मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासिंक 13.12.2024 कको पप्रारररननी सवहत पप्रासिंच व्यवकययों कके वविरुद रलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम कहप्रा रयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार कप्रा पकत वदनप्रासिंक 05.11.2024 कको कप्रानपकर कप्राम करनके ककी बप्रात बतप्राकर अपनके दकपवहयप्रा विप्राहन सके रयप्रा रप्रा , वकसिं तक विह विप्रापस नहहीं आयप्रा। वदनप्रासिंक 05.12.2024 कको सकबह 8 बजके वशकप्रायतकतप्रार कके पकत ककी सप्रालनी महक नके वशकप्रायतकतप्रार कके पकत कके व्हप्राट्सअप पर एक वविवडियको भकेजप्रा और बतप्रायप्रा वक वशकप्रायतकतप्रार कके पकत पकेम कक मप्रार कप्रा शवि एक कक एसिं मम वमलप्रा हहै। इस ससूचनप्रा पर वशकप्रायतकतप्रार कप्रा पकत वदनप्रासिंक 05.12.2024 कको रहनीमप्राबप्राद रयप्रा और उसनके पप्रायप्रा वक उसकके बडके भप्राई कप्रा शवि वदनप्रासिंक 26.11.2024 कको कक एसिं मम वमलप्रा रप्रा वि उसकके विप्राहन कप्रा ककोई पतप्रा नहहीं रप्रा। वशकप्रायतकतप्रार नके ससिंदकेह व्यक वकयप्रा वक उसकके पकत ककी हत्यप्रा अवभयककरण नके ककी हहै। पप्रारररननी ममृतक ककी सप्रास हहै। 4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारररननी एक वनदर्दोष मवहलप्रा हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर आपरप्रारधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 5. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा नके बतप्रायप्रा वक पप्रारररननी ककी पकतनी खकशबसू दकेविनी कको जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत ससिंख्यप्रा 1865 सनन् 2025 पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 03.03.2025 दप्रारप्रा जमप्रानत वमल चकककी हहै, वकसिं तक उक जमप्रानत आदकेश मम यह असिंवकत हहै वक उक सह-अवभयकक कको जमप्रानत इस आधिप्रार पर दनी रई हहै वक उसकके दको बच्चके वनरप्रारशत हको रए हह तरप्रा उक आदकेश ककी समप्रानतप्रा कप्रा लप्राभ अन्य अवभयककरण कको नहहीं वमलकेरप्रा। 6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा-पत कप्रा घकोर वविरकोधि वकयप्रा। उन्हयोंनके न्यप्रायप्रालय कके पररशनीलन कके रलए कके स डिप्रायरनी कके ससिंबसिंरधित असिंश पस्तकत वकए। वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान ममृतक कके चचकेरके भप्राई रववि शसिंकर नके कहप्रा वक ममृतक नके उसकको बतप्रायप्रा रप्रा वक उसककी पत्ननी खकशबसू दकेविनी और सप्रास रप्राम रप्राननी (पप्रारररननी) जमनीन बकेचनके कके रलए दबप्रावि बनप्रा रहनी हह। 7. ममृत्यक पश्चप्रातन् शवि कके परनीक्षण मम रसर कके दप्रावहनके तरप्रा बप्राएसिं तरफ ससूजन पप्राई रई हहै रजसमम ममृत्यक कप्रा कप्रारण डिसूबनके बतप्रायप्रा रयप्रा हहै। 8. उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिरत रखतके हहए जब पप्रारररननी कप्रा पकत वदनप्रासिंक 25.11.2024 सके उसकके ससिंपकर मम नहहीं रप्रा , वदनप्रासिंक 05.12.2024 कको उसकके अपनके पकत ककी ममृत्यक ककी ससूचनप्रा पप्रारररननी कके पररविप्रारनीजन सके पप्राप्त हहई तरप्रा इसकके पश्चप्रातन् परम ससूचनप्रा ररपकोरर वदनप्रासिंक 13.12.2024 कको असिंवकत ककी रई हहै, घरनप्रा कप्रा ककोई सप्राक्षनी नहहीं हहै तरप्रा पप्रारररननी एक मवहलप्रा हहै रजसकप्रा ककोई आपरप्रारधिक इवतहप्रास नहहीं हहै एविसिं वविविकेचनप्रा पसूणर हकोनके कके पश्चप्रातन् वदनप्रासिंक 04.02.2025 कको आरकोप-पत पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारररननी जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके ककी अरधिकप्राररणनी हहै। 9. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विनीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 10. आविकेवदकप्रा रप्राम रप्राननी कको वनम्नरलरखत शतर्दोसिं कके अधिनीन ससिंबसिंरधित मरजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकरत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए:- (i) आविकेवदकप्रा अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहहीं करकेरप्रा; (ii) आविकेवदकप्रा अवभयकोजन पक्ष कके रविप्राहयों पर दबप्रावि नहहीं डिप्रालकेरप्रा; (iii) आविकेवदकप्रा रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी रई पत्यकेक तप्रारनीख पर उपसस्रत हकोरप्रा। Order Date :- 20.3.2025 Sumit Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench