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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 12793 (ALL)

VISHAL KUMAR FAUZI v. STATE OF U.P.

BAIL/3278/2025 · 2025-09-21

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3278 of 2025 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक िवशाल कु मार फौजी की ओर से मु०अ०सं० 237/2024, अंतगर्त धारा 419/ 420/ 406/ 467/ 468/ 471 भा.दं.सं., थाना ठिठया, िजला कन्नौज में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढ़़़ंग से झूठा फं साया गया है, उसने किथत अपराध कािरत नहीं िकया है। आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा कथन िकया गया िक पूवर् के आदेश िदनांिकत 07.07.2025 को कु ल िववािदत धनरािश रु० 3,20,000/- (तीन लाख बीस हजार रु०) सूचनाकतार् को वापस िकये जाने की शतर् के साथ अंतिरम जमानत प्रदान की गयी थी। उक्त आदेश िदनांक 07.07.2025 के अनुपालन में आवेदक की तरफ से सूचनाकतार् के पक्ष में िडमांड ड्राफ्ट सं० 299764, िदनांिकत 05.07.2025 (मूल्य अंकन रु० 2,50,000/-अवनीश के नाम) एवं िडमांड ड्राफ्ट सं० 299763, िदनांिकत 04.07.2025 (मूल्य अंकन रु० 70,000/- िवनय कु मार के नाम) महािनबंधक कायार्लय, उच्च न्यायालय, इलाहाबाद में जमा िकया जा चुका है। जो िक आदेश फलक पर अंिकत कायार्लय आख्या के आदेश िदनांिकत 14.07.2025 के अवलोकन से यह िविदत होता है िक आवेदक द्वारा किथत िववािदत धनरािश रु० 3,20,000/-(तीन लाख बीस हजार रु०) सूचनाकतार् के पक्ष में िडमांड ड्राफ्ट सं० 299764, िदनांिकत 05.07.2025 (मूल्य अंकन रु० 2,50,000/-) एवं िडमांड ड्राफ्ट सं० 299763, िदनांिकत 04.07.2025 (मूल्य अकन रु० 70,000/-) महािनबंधक कायार्लय, उच्च न्यायालय इलाहाबाद में जमा िकया जा चुका है। आगे सूचनाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता को िनदेर्िशत िकया Versus Counsel for Applicant(s) : Agnivesh, Atul Kumar Srivastava, Jadu Nandan Yadav, Mithilesh Kumar Shukla, Whaquar Ahmad Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Lalta Prasad Vishal Kumar Fauzi .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) गया था िक वह उक्त िडमांड ड्राफ्ट को सूचनाकतार् के पक्ष में अवमुक्त कराने हेतु महािनबंधक कायार्लय उच्च न्यायालय के समक्ष उिचत प्राथर्ना पत्र प्रस्तुत करें और आगे न्यायालय द्वारा सूचनाकतार् को यह भी िनदेर्िशत िकया गया था िक अिग्रम िनयत ितिथ में न्यायालय को अवगत करायें की उन्हें िडमांड ड्राफ्ट प्राप्त हुआ या नहीं। पुनः उनका यह भी कथन है िक आवेदक की तरफ से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 13.12.2024 से कारागार में िनरुद्ध है। इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय। 4. सूचनाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के उक्त कथन से कोई आपित्त नहीं है एवं सूचनाकतार् के िवद्वान अिधवक्ता ने न्यायालय को अवगत कराया िक उन्हे उक्त िडमांड ड्राफ्ट प्राप्त हो चुका है। 5. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 6. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं अिधक धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस BAIL No. 3278 of 2025 2 अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 22, 2025 S.Mishra BAIL No. 3278 of 2025 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad