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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 127543 (ALL)
PRAMOD CHANDRA PANDEY @ ROHIT PANDEY @ PINTU v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
BAIL/2076/2025 · 2025-03-07
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 127543 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:14027
Court No. - 29 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2076 of 2025 Applicant :- Pramod Chandra Pandey @ Rohit Pandey @ Pintu Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Dhirendra Kumar Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री धिश्रीरकेन्द्र कक मप्रार वमशप्रा तरप्रा वविदप्रान अवतररक शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री भप्राननू पतप्राप धससिंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. पस्तकत पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0458 सन 2024 अन्तररत धिप्रारप्रा 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 111 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससिंवहतप्रा रप्रानप्रा रकोमतश्रीनरर धजिलप्रा लखनऊ मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. उपरकोक परम सनूचनप्रा ररपकोरर वदनप्रासिंक 15.09.2024 कको पप्रारर्थी सवहत चप्रार नप्रावमत व्यवकययों तरप्रा 4-5 अजप्रात व्यवकययों कके वविरुद्ध यह कहतके हहए धलखप्राई वक सह -अवभयकक वशविम सक्सकेनप्रा नके स्वियसिं कको भनूवम इन्फप्रारकेक कप्रा पबसिंधि वनदकेशक बतप्रातके हहए वशकप्रायतकतर्थी ककी भनूवम वविककीत करनके कके धलए 4,50,000/- रुपयके उससके लके धलयके तरप्रा पप्रारर्थी कको एक व्यवक अवमत कक मप्रार ककी जिरह सह-अवभयकक शश्रीकप्रान्त रकपप्रा कको मप्रातप्रा पसप्राद ककी जिरह खडप्रा करप्रातके हहए एक वविकय-पत वनबसिंधधित करप्रा धलयप्रा। परम सनूचनप्रा ररपकोरर कके अनकसप्रार तय वविकय मनूल्य 7 लप्राख रुपयके रप्रा तरप्रा वदनप्रासिंक 13.09.2024 कको शकेष धिनरप्रावश लकेनके कके धलए वशविम कक मप्रार सक्सकेनप्रा नके फकोन सके धिमककी दश्री।
4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पनूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
5. सह-अवभयकक शश्रीकप्रान्त रकपप्रा कको जिमप्रानत पप्राररनप्रा -पत ससिंख्यप्रा 12325 सन 2024 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंवकत 26.11.2024 दप्रारप्रा तरप्रा अवक्षित सक्सकेनप्रा कको जिमप्रानत पप्राररनप्रा- पत ससिंख्यप्रा 277 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंवकत 10.01.2025 दप्रारप्रा जिमप्रानत दश्री जिप्रा चकककी हहै। परम सनूचनप्रा ररपकोरर कके अनकसप्रार पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लरप्रायके रयके आरकोप शश्रीकप्रान्त रकपप्रा कके वविरुद्ध लरप्रायके रयके आरकोप कके समप्रान हह।
6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक सह - अवभयककयों कको जिमप्रानत दकेतके समय धिप्रारप्रा 111 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससिंवहतप्रा कप्रा आरकोप समममधलत नहहीं रप्रा वकन्तक अब वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान पप्रारर्थी कके वविरुद्ध उपरकोक अपरप्राधि भश्री समममधलत हको रयप्रा हहै।
7.
उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिरत रखतके हहए , जिबवक पप्रारर्थी तरप्रा शश्रीकप्रान्त रकपप्रा कके वविरुद्ध समप्रान करन वकयके रयके हह। शश्रीकप्रान्त रकपप्रा कको जिमप्रानत वमल चकककी हहै। मप्रात इस कप्रारण सके उन्हहीं करनयों कके आधिप्रार पर ककोई अन्य अपरप्राधि कप्राररत हकोनप्रा भश्री पप्रायप्रा जिप्रा रहप्रा हहै , पप्रारर्थी
कप्रा जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत वनरस्त करनप्रा उवचत नहहीं हकोरप्रा।
8. तद्नकसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
9. आविकेदक कको वनमनधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकरत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहहीं करकेरप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक्षि कके रविप्राहयों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी रई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपमस्रत हकोरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 7.3.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench