Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 127305 (ALL)

PANKAJ v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/2079/2025 · 2025-03-07

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:14196 Court No. - 29 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2079 of 2025 Applicant :- Pankaj Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Manoj Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री मननोज कक मप्रार धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री ओम पकप्राश कनो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. पस्तकत पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 10 सन 2024 अन्तररत धिप्रारप्रा 498A, 304B भप्रा०द०ववि० वि धिप्रारप्रा 3/4 दहकेज पवतषकेधि अधधिवनयम रप्रानप्रा ररधसयप्रा धजलप्रा बहरप्राइच मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासिंक 06.01.2024 पप्रारर्थी, उसकके मप्रातप्रा-वपतप्रा तरप्रा भप्राई-भप्राभश्री कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपनोरर मम यह कहप्रा रयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार नके लरभर 2 विषर पसूविर अपनश्री पकतश्री कप्रा वविविप्राह पप्रारर्थी कके सप्रार वकयप्रा रप्रा। सभश्री अवभयककरण पप्रारर्थी ककी पकतश्री कनो दहकेज कके धलए पतप्रावड़ित करतके रके तरप्रा वदनप्रासिंक 27.12.2023 कनो अवभयककरण नके वशकप्रायतकतप्रार ककी पकतश्री कनो मप्रार वदयप्रा। 4. धिप्रारप्रा 161 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत असिंवकत अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतप्रार नके कहप्रा वक वदनप्रासिंक 27.12.2023 कनो उसककी पकतश्री ककी ममृत्यक ककी ससूचनप्रा पप्रारर्थी कके बड़िके भप्राई सह - अवभयकक कमलकेश नके फनोन कके मप्राध्यम सके दश्री। ससूचनप्रा पप्रानके पर वशकप्रायतकतप्रार नके अपनके पररविप्रार वि रप्रागाँवि कके अन्य लनोरगों कके सप्रार विहप्रागाँ पहहगाँच रयप्रा तरप्रा ममृतकप्रा कके शवि उसकके सप्रामनके हश्री दफनप्रायप्रा रयप्रा और उसकके बप्राद वशकप्रायतकतप्रार अपनके घर विप्रापस आयप्रा। 5. परम ससूचनप्रा ररपनोरर धलखप्रानके कके पसूविर वदनप्रासिंक 31.12.2023 कनो ममृतकप्रा कके शवि वनकप्रालकर पसिंचप्रायतनप्रामप्रा हहआ धजसमम असिंवकत हहै वक त्विचप्रा फसू ल जप्रानके एविसिं शवि मम सड़िन उत्पन्न हनो जप्रानके सके कनोई जप्रावहरप्रा चनोर पररलवक्षित नहहीं हनो पप्रा रहश्री रश्री। ममृत्यक उपरप्रान्त परश्रीक्षिण मम भश्री कनोई चनोर सप्रामनके नहहीं आयश्री। वविसरप्रा जप्रासिंच मम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर मम एल्यकवमवनयम फप्रास्फप्राइड वविष पप्रायप्रा रयप्रा। 6. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै तरप्रा उसकप्रा कनोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 7. उपरनोक तथ्यगों कनो दृवष्टिरत रखतके हहए, जबवक वशकप्रायतकतप्रार ककी पकतश्री ककी ममृत्यक वदनप्रासिंक 27.12.2023 कनो हहई एविसिं शवि कप्रा असिंवतम ससिंस्कप्रार वशकप्रायतकतप्रार, उसकके पररविप्रारश्रीजनगों एविसिं रप्रागाँवि विप्रालगों ककी उपसस्रवत मम हहआ और वकसश्री व्यवक नके पश्रीवड़ितप्रा ककी ममृत्यक कके ससिंबसिंधि मम कनोई ससिंदकेह भश्री व्यक नहहीं वकयप्रा ; शवि मम वविष पप्रायप्रा रयप्रा वकन्तक वविष कनो बलप्रातत् वपलप्रायके जप्रानके कप्रा कनोई सप्राक्ष्य नहहीं पप्रायप्रा रयप्रा हहै तरप्रा पप्रारर्थी कप्रा कनोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 8. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 9. आविकेदक पसिंकज कनो वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर /न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकरत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दनो जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरनोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयनोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेरप्रा; (ii) आविकेदक अवभयनोजन पक्षि कके रविप्राहगों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कनोरर दप्रारप्रा तय ककी रई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हनोरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 7.3.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench