Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 126973 (ALL)

RAJU SINGH v. STATE OF UP THR. PRINCIPAL SECY.

BAIL/2062/2025 · 2025-03-07

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:13975 Court No. - 29 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 2062 of 2025 Applicant :- Raju Singh Opposite Party :- State Of Up Thr. Principal Secy. Counsel for Applicant :- Aman Kumar Shrivastav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1.पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अमन कक मप्रार शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री वनधखिल धससिंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 566 सनन् 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 333, 115(2), 351(2), 64(2)(m), 70(1), 324(4), 352 बश्री०एन०एस, रप्रानप्रा भश्रीरप्रा, धजिलप्रा लखिश्रीमपकर खिश्रीरश्री मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. उपरकोक परम ससूचनप्रा ररपकोरर , वदनप्रासिंक 25.12.2024 कको पप्रारर्थी सवहत तश्रीन व्यवकययों कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 173(4) भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा (BNSS) कके अन्तगरत वदए गए एक पप्राररनप्रा पत कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ, धजिसमम यह कहप्रा गयप्रा वक वशकप्रायतकतर्थी कके पवत ककी ममृत्यक दको विरर पसूविर हको चकककी हहै। उसकके क्रमशशः 6 वि 7 विरर कप्रा एक पकत वि पकतश्री हह। पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतर्थी कके अकके लकेपन कप्रा फप्रायदप्रा उठप्राकर वपछलके दको विरर सके लगप्रातप्रार बलप्रात्कप्रार करतप्रा आ रहप्रा हहै। 4. परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम वदनप्रासिंक 20.10.2024 कको सभश्री अवभयककगण दप्रारप्रा बलपसूविरक वशकप्रायतकतर्थी कके सप्रार अश्लश्रील हरकतम करनके कप्रा आरकोप लगप्रायप्रा। 5. जिमप्रानत पप्राररनप्रा पत कके समररन मम वशकप्रायतकतर्थी नके स्वियसिं हश्री शपर पत पस्तकत वकयप्रा हहै, धजिसमम उसनके पप्रारर्थी कको वनदर्दोर बतप्रायप्रा तरप्रा यह कहप्रा हहै वक परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम घवरत घरनप्रा कभश्री हहई हश्री नहहीं। 6. शपर पत मम वशकप्रायतकतर्थी नके यह भश्री कहप्रा वक वदनप्रासिंक 21.01.2025 कको उसनके पप्रारर्थी कके सप्रार वविविप्राह कर धलयप्रा हहै और उसककी पत्नश्री कके रूप मम रह रहश्री हहै। 7. इसकके पसूविर वशकप्रायतकतर्थी तरप्रा सभश्री अवभयककगण नके ससममधलत रूप सके इस न्यप्रायप्रालय कके समक आपरप्राधधिक पककीणर ररर यप्रावचकप्रा ससिंख्यप्रा 802 सनन् 2025 पस्तकत ककी रश्री, धजिसमम वदनप्रासिंक 10.02.2025 कको अवभयककगण कके वविरुद्ध ककोई भश्री उत्पश्रीड़नप्रात्मक कप्रायरविप्राहश्री करनके कके वविरुद्ध असिंतररम रकोक लगप्रा दश्री गई , वकन्तक उपरकोक आदकेश पप्राररत हकोनके कके पसूविर हश्री पप्रारर्थी वगरफ्तप्रार हको चककप्रा हहै। 8. उपरकोक तथ्ययों कके दृवष्टिगत, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 9. तदनकसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 10. आविकेदक रप्राजिसू धससिंह कको वनमनधलधखित शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके सप्रावकययों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हकोगप्रा। Order Date :- 7.3.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench