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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 124806 (ALL)

RAJ KISHOR @ RAJ PAL BAJPAI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.

BAIL/1732/2025 · 2025-09-11

Karunesh Singh Pawar

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 1732 of 2025 Court No. - 12 HON'BLE KARUNESH SINGH PAWAR, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. धारा 483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने पिरवाद संख्या २२४१ सन 2016 अन्तगर्त धारा 302, 34 भा०दं०सं० थाना मैगलगंज िजला खीरी में जमानत की प्राथर्ना की है। 3. िदनांक 24.02.2016 को प्राथीर् सिहत 4 व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् में कहा गया है िक िशकायतकतार् की बहन का िववाह 15 वषर् पूवर् अन्य 3 सह-अिभयुक्तगण के भाई नरेन्द्र के साथ हुआ था तथा इस िववाह से दो पुत्रों का जन्म हुआ था। िशकायतकतार् की बहन के ससुर की मृत्यु के पश्चात जमीन के बंटवारे को लेकर अिभयुक्तगण िशकायतकतार् की बहन व बहनोई को प्रतािड़त करने लगे तथा िदनांक 20.02.2016 को िशकायतकतार् की बहन और बहनोई की मृत्यु हो गयी। शव पर चोटों के िनशान थे एवं िशकायतकतार् के बहनोई के गले में रस्सी का फं दा फं सा हुआ था। 4. िशकायतकतार् के बहनोई के शव िवच्छेदन आख्या में गले के चारों ओर लटकने का िचह्न पाया गया तथा मृत्यु का कारण लटकने के कारण दम घुटना बताया गया। शव पर अन्य कोई चोट नहीं थी। 5. िशकायतकतार् की बहन के शव पर कई चोटों पायी गयी तथा मृत्यु का कारण गला घोंटने के कारण दम घुटना बताया गया। 6. िववेचक ने िववेचना के दौरान आरोपों का पुष्ट होना नहीं पाया गया तथा िदनांक 04.05.2016 को अंितम आख्या उच्चािधकारी को प्रेिषत कर दी। उच्चािधकारी ने अिग्रम िववेचना का आदेश पािरत िकया, िजसपर िदनांक 13.05.2016 को कु छ गवाहों के बयान धारा 161 दं०प्र०सं० के अंतगर्त अंिकत िकये गये िकन्तु उनमें से िकसी ने भी प्राथीर् के िवरुद्ध कोई कथन नहीं िकया। इसके पश्चात अंितम आख्या न्यायालय में प्रेिषत कर दी गयी। माह िदसंबर 2016 में िशकायतकतार् ने अंितम आख्या के िवरुद्ध आपित्त प्रस्तुत की तथा वषर् 2016 में उस आपित्त को िदनांक 16.03.2018 को पिरवाद के रूप में पंजीकृ त कर िलया गया। Versus Counsel for Applicant(s) : Shyamendra Singh, Amrendra Kumar, Arvind Kumar, Jitendra Kumar Bajpai, Neeraj Kumar Baghel, Prashant Singh, Rakesh Kumar Yadav Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Raj Kishor @ Raj Pal Bajpai .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. .....Opposite Party(s) प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनददोर्ष है और उसका कोई आपरािधक इितहास नहीं है। प्राथीर् िदनांक १०.११.२०२४ से जेल में है। सह-अिभयुक्त राम प्रकाश शुक्ला की जमानत पहले स्वीकार की जा चुकी है । 7. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक घटना का कोई चक्षुदशीर् साक्षी नहीं है; धारा 161 दं०प्र०सं० में अंिकत बयानों में िकसी व्यिक्त ने प्राथीर् द्वारा घटना कािरत िकये जाने का कथन नहीं िकया िववेचना में आरोपों की पुिष्ट नहीं हुई है तथा क्षेत्रािधकारी द्वारा पािरत आदेश में अिग्रम िववेचना करने के उपरान्त भी आरोप पुष्ट नहीं हुए, प्रस्तुत प्रकरण एक पिरवाद के रूप में पंजीकृ त हुआ है तथा प्राथीर् का कोई आपरािधक इितहास नहीं है वह िदनांक १०.११.२०२४ से न्याियक अिभरक्षा में है, सह-अिभयुक्त राम प्रकाश शुक्ला की जमानत पहले स्वीकार की जा चुकी है,न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी है। 8. तद्नुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है 9. आवेदक राज िकशोर उफर् राज पाल बाजपेयी िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट /न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। September 11, 2025 kkb/ BAIL No. 1732 of 2025 2 (Karunesh Singh Pawar,J.) Digitally signed by :- KRISHNA KUMAR BARANWAL High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench