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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 124240 (ALL)

JIYALAL TYAGI AND ANOTHER v. COMMISSIONER, AYODHYA DIVISION, AYODHYA AND OTHERS

WRIC/1601/2025 · 2025-03-17

Saurabh Lavania

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:15672 Court No. - 7 Case :- WRIT - C No. - 1601 of 2025 Petitioner :- Jiyalal Tyagi And Another Respondent :- Commissioner, Ayodhya Division, Ayodhya And Others Counsel for Petitioner :- Rahul Roshan Dubey Counsel for Respondent :- C.S.C.,Mulayam Singh Yadav,Mohan Singh Hon'ble Saurabh Lavania,J. 1. Heard learned counsel for the parties. 2. This petition has been filed with the following main relief:- "a- Issue a writ order or direction in the nature of certiorari quashing the order dated 25-08-2015 passed by opp. party no.2 (Annexure No.1) in application under section 28 Land Revenue Act Case No.29/671/1998-99 (Smt Ram Kali Versus Ram Kewal and others) and orders dated 31- 01- 2025 passed by opp. party no.1 (Annexure No.2 & 3) in Revision No. 2012/2015, computerized No. C201504000002012 (Jiya Lal Versus Ram Kali) and Revision No. 1936/2016 Computarized No.C201604001936 (Murlidhar Versus Raj Kali) and further be directed to call for a fresh Anurekhak report and decide the above noted case a fresh on merits, to meets the ends of justice." 3. Brief facts of the case are to the effect that: (i) An order dated 23.06.2005 was passed in Case No.29/671/1998-99 (Smt. Ramkali Vs. Ram Kewal & others) under Section 28 of U.P. Land Revenue Act, 1901 (in short 'Act 1901') by Chief Revenue Officer (in short 'CRO'). (ii) In relation to the order dated 23.06.2025 passed by CRO an application was preferred and this application was allowed by the CRO vide order dated 03.09.2007 and case was restored to its original number fixing 19.09.2007 as next date. (iii) Case No.29/671 thereafter was finally decided vide order dated 08.01.2008. The operative portion of the order dated 08.01.2008 reads as under :- "पतत्रावलली पर आददेश ददनत्रानांक 23.06.2005 कको अणस्त करनदे कत्रा ककोई स्पष्ट आददेश नहहीं हह , जबदक उस आददेश कदे सम्बन्ध मम ममुख्य अनमुरदेखक चकबन्दली ककी आख्यत्रा ददनत्रानांक 16.04.1998 अणस्त ककी चमुककी हह। अततः यह आददेश ददनत्रानांक 23.06.2005 आपतत्ति करतदे हहए हली ददसरत्रा आददेश पत्राररत करनत्रा उदचत हकोगत्रा। ममुख्य अनमुरदेखक चकबन्दली ककी आख्यत्रा ददनत्रानांक 07.11.2007 अपनदे मम पदणर एवनां स्पष्ट हह और इसकदे दवरुद्ध ककोई आपतत्ति भली नहहीं पत्राप्त हहई हह , जको पमुदष्ट दकए जत्रानदे यकोग्य हह। आददेश अततः उपरकोक कदे आलकोक मम ममुख्य अनमुरदेखक चकबन्दली ककी आख्यत्रा ददनत्रानांक 07.11.2007, तजसकदे पदशर-क पर मदेरदे हस्तत्राक्षर हह, ककी पमुदष्ट करतदे हहए दत्रावत्रा वत्रादली ददनत्रानांक 21.05.1998 दनरस्त दकयत्रा जत्रातत्रा हह। वत्राद आवश्यक कत्रायरवत्राहली इस न्यत्रायत्रालय ककी पतत्रावलली दनयमत्रानमुसत्रार सनांदचत हकोवदे।" 4. The order dated 08.01.2008 passed by CRO was recalled by the said authority vide order dated 25.03.2015 passed on an application preferred with a prayer to recall the order dated 08.01.2008 along with condonation of delay. After order dated 25.03.2015, the CRO finally decided the Case No.29/671 vide order dated 25.08.2015. The relevant portion of the order reads as under:- "उभयपक्षक्षों कदे दवदत्रान अतधवकत्रागण कदे तकर्को कको ध्यत्रानपदवरक समुनत्रा गयत्रा तथत्रा पतत्रावलली पर उपलब्ध अनमुरदेखक आख्यत्रा एवनां सत्राक्ष्यक्षों कत्रा पररशलीलन दकयत्रा गयत्रा। इसकदे अदतररक रत्राजस्व अदभलदेखत्रागत्रार सदे मदल नक्शत्रा फत्राइनल एवनां मदल नक्शत्रा पमुदष्टकक त मनांगत्राकर उसकत्रा भली अवलकोकन दकयत्रा गयत्रा। वत्राददनली दत्रारत्रा गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 617 व 618 सस्थत गत्राम रत्रामदत्रासपमुर कदे अनांदतम भददचत ककी दमुरुस्तली हदेतमु यह वत्राद यकोतजत दकयत्रा गयत्रा हह, इसमम पत्राप्त अनमुरदेखक आख्यत्रा ददनत्रानांक 16.04.1998 मम कहत्रा गयत्रा हह दक गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 614, 615 व 616 तथत्रा 618 कम आकत्रार कदे बनदे हहए हह तथत्रा गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 617, 619 व 620 अतधक आकत्रार कत्रा बनत्रा हहआ हह। गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 620 चकमत्रागर नक्शत्रा पमुदष्टकक त मम गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 621 सदे लगत्रा हहआ बनत्रा हह दकन्तमु नक्शत्रा फत्राइनल मम गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 619 कदे पसश्चम टदेढत्रा करकदे बनत्रा ददयत्रा गयत्रा हह, नक्शत्रा फत्राइनल खमुरचकर उठत्रा ददयत्रा गयत्रा पतलीत हकोतत्रा हह। तद्नमुसत्रार अनमुरदेखक दत्रारत्रा गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 617 व 618 ककी दमुरूस्तली गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 614, 615, 616, 619 व 620 कको पमत्रादवत करतदे हहए पस्तत्रादवत ककी गई हह जको इस न्यत्रायत्रालय कदे आददेश ददनत्रानांक 23.06.2005 दत्रारत्रा स्वलीकत्रार कर लली गई। इस आददेश कदे दवरूद्ध तजयत्रालत्राल ककी ओर सदे पस्तमुत बत्राजदत्रायर पत्राथरनत्रापत स्वलीकत्रार करतदे हहए अनमुरदेखक आख्यत्रा ददनत्रानांक 16.04.1998 दनरस्त करकदे पमुनतः आख्यत्रा मनांगत्राई गई तजसकदे अनमुपत्रालन मम अनमुरदेखक दत्रारत्रा ददनत्रानांक 07.11.2007 कको पदेदषित अपनली आख्यत्रा मम कहत्रा गयत्रा हह दक गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 617 अनांदकत रक्बदे सदे 0-0-3 अतधक आकत्रार कत्रा तथत्रा गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 616 अनांदकत रक्बदे सदे 0-4-1 कम आकत्रार कत्रा बनत्रा हहआ हह, इनकदे उत्तिर सस्थत गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 614, 615, 616 भली कम आकत्रार कदे बनदे हह अतएव दमुरूस्तली दकयत्रा जत्रानत्रा सनांभव नहहीं हह। यह आख्यत्रा न्यत्रायत्रालय कदे आददेश ददनत्रानांक 08.01.2008 दत्रारत्रा स्वलीकत्रार कर लली गई और वत्राददनली कत्रा वत्राद दनरस्त कर ददयत्रा गयत्रा तजसकदे दवरूद्ध वत्राददनली दत्रारत्रा भली बत्राजदत्रायर पत्राथरनत्रापत पस्तमुत दकयत्रा गयत्रा जको ददनत्रानांक 25.03.2015 कको स्वलीकत्रार दकयत्रा गयत्रा। अनमुरदेखक आख्यत्रा ददनत्रानांक 07.11.2007 मम पदवर आख्यत्रा मम अतधक रक्बत्रा दशत्रारयदे गयदे एवनां पभत्रादवत दकयदे गयदे नम्बरत्रान 619 व 620 कत्रा ककोई उलदेख नहहीं दकयत्रा गयत्रा हह जबदक पक्षक्षों कदे मध्य मदल दववत्राद इन्हहीं नम्बरक्षों कको पभत्रादवत करनदे कको लदेकर हह। अनमुरदेखक आख्यत्रा ददनत्रानांक 16.04.1998 मम इस बत्रात कत्रा उलदेख दकयत्रा गयत्रा हह दक चकमत्रागर सनांख्यत्रा 620 नक्शत्रा पमुदष्टकक त मम गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 621 सदे लगत्रा हहआ बनत्रा हह परन्तमु नक्शत्रा फत्राइनल मम गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 619 कदे पसश्चम टदेढत्रा करकदे बनत्रा ददयत्रा गयत्रा हह, नक्शत्रा फत्राइनल खमुरचकर उठत्रा ददयत्रा गयत्रा पतलीत हकोतत्रा हह। मदेरदे दत्रारत्रा मदल नक्शत्रा पमुदष्टकक त एवनां मदल नक्शत्रा फत्राइनल कत्रा अवलकोकन दकयत्रा गयत्रा , नक्शत्रा फत्राइनल मम बनली चकमत्रागर ककी आकक दत कदे अवलकोकन सदे ऐसत्रा पतलीत हकोतत्रा हह दक इसककी आकक दत मम छदेड -छत्राड दकयत्रा गयत्रा हह। वत्राददनली ककी गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 617 कदे अदतररक इसकदे उत्तिर सस्थत गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 614, 615 व 616 ककी आकक दतयत्रानां भली अपनदे अनांदकत रक्बदे सदे कम ककी बनली हहई हह और आख्यत्रा ददनत्रानांक 16.04.1998 मम पस्तत्रादवत दकयदे गयदे सनांशकोधन मम उक गत्राटक्षों ककी आकक दतयत्रानां भली यथत्रासनांभव दमुरूस्त हको रहहीं हह। जहत्राहाँ तक अनमुरदेखक आख्यत्रा ददनत्रानांक 07.11.2007 कत्रा पश्न हह इस आख्यत्रा मम पदवर मम मदल रूप सदे पभत्रादवत दकयदे गयदे गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 619 व 620 कत्रा ककोई उलदेख नहहीं दकयत्रा गयत्रा हह, न तको इनककी नत्राप तलखली गई हह और न हली इनककी पमुदष्टकक त महप मम बनली सस्थदत कत्रा हली ककोई उलदेख दकयत्रा गयत्रा हह, इस आख्यत्रा मम मत्रात यह उलदेख दकयत्रा गयत्रा हह दक वत्राद भददम कदे उत्तिर सस्थत गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 614, 615 व 616 ककी आकक दतयक्षों अपनदे अनांदकत रक्बदे सदे कम ककी बनली हहई हह अतएव इनकको पभत्रादवत करतदे हहए दमुरुस्तली दकयत्रा जत्रानत्रा सनांभव नहहीं हह। पदवर आख्यत्रा ददनत्रानांक 16.04.1998 नक्शत्रा पमुदष्टकक त सदे दमलत्रान करकदे , एलत्राटममट कदे अनमुसत्रार तथत्रा पभत्रादवत गत्राटक्षों ककी नत्राप दशत्रारतदे हहए पस्तमुत ककी गई हह जको पमुदष्ट दकयदे जत्रानदे यकोग्य हह दकन्तमु उक आख्यत्रा इस न्यत्रायत्रालय कदे आददेश ददनत्रानांक 08.10.2007 दत्रारत्रा पदवर मम हली दनरस्त हको चमुककी यत्रा हह अतएव मदेरदे दवचत्रार सदे आददेश ददनत्राक 08.10.2007 ररकत्राल करतदे हहए अनमुरदेखक आख्यत्रा ददनत्रानांक 16.04.1998 ककी पमुदष्ट दकयत्रा जत्रानत्रा तथत्रा अनमुरदेखक आख्यत्रा ददनत्रानांक 07.01.2007 दवतधसम्मत न हकोनदे कदे कत्रारण दनरस्त दकयत्रा जत्रानत्रा उदचत हह। आददेश उपरकोक दववदेचनत्रा कदे आधत्रार पर इस न्यत्रायत्रालय दत्रारत्रा पत्राररत आददेश ददनत्रानांक 08.10.2007 ररकत्राल करतदे हहए अनमुरदेखक चकबन्दली ककी आख्यत्रा ददनत्रानांक 07.01.2007 दनरस्त ककी जत्रातली हह तथत्रा पदवर मम पत्राप्त अनमुरदेखक आख्यत्रा ददनत्रानांक 16.04.1998 "पदशर क व ख" तजस पर मदेरदे हस्तत्राक्षर हह, ककी पमुदष्ट ककी जत्रातली हह। तद्नमुसत्रार मत्रानदचत सनांशकोतधत हको। बत्राद आवश्यक कत्रायरवत्राहली पतत्रावलली सनांदचत अदभलदेखत्रागत्रार हको।" 5. Being aggrieved, the petitioner no.1 preferred a revision under Section 219 of the Act 1901, registered as Revision No.2012 of 2015, Computerized Case No.C20150400002012 (Jiyalal Vs. Rajkali & others). 6. Being aggrieved, petitioner no.2 filed Revision No.1936 of 2016, Computerized Case No.C-201604001936 (Murlidhar Vs. Rajkali). 7. The Commissioner, Ayodhya Mandal, Ayodhya (in short 'Revisional Authority') vide order dated 31.01.2025 dismissed both the revision(s) and affirmed the order dated 25.08.2025. The relevant portion of the said order reads as under. "पतगत पकरण मम उभय पक्षक्षों कदे दवदत्रान अतधवकत्रागण कदे तकर्को कको समुननदे कदे उपरत्रान्त पतत्रावलली पर उपलब्ध सत्राक्ष्यक्षों कत्रा सम्पक रूप सदे अनमुशलीलन एवनां पररशलीलन दकयत्रा गयत्रा। पतत्रावलली कदे अवलकोकन सदे दवददत हह दक गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 617 व 618 सस्थत गत्राम रत्रामदत्रासपमुर कदे अनांदतभ भददचत दमुरूस्तली हदेतमु नत्राप कदे ददौरत्रान चकबन्दली अनमुरदेखक दत्रारत्रा गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 618 सदहत उसकदे अगल-बगल सस्थत गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 614, 615 व 616 अपनदे दजर क्षदेतफल सदे कम आकक दत मम बनत्रा हकोनत्रा पत्रायत्रा गयत्रा। सत्राथ हली गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 617, 619 व 620 अपनदे दजर क्षदेतफल सदे अतधक आकक दत मम बनत्रा हकोनत्रा पत्रायदे जत्रानदे पर चकबन्दली अनमुरदेखक नदे गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 617 व 618 ककी दमुरुस्तली गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 614, 615, 616, 619 व 620 सदे दकयदे जत्रानदे हदेतमु चकबन्दली अनमुरदेखक दत्रारत्रा आख्यत्रा ददनत्रानांदकत 16.04.1998 पस्तमुत कर स्पष्ट दकयत्रा गयत्रा दक गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 620 चकमत्रागर खत्रातदे ककी भददम, तजसकत्रा नक्शत्रा पमुदष्टकक त मम गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 621 सदे लगत्रा हहआ बनत्रा हह, दकन्तमु नक्शत्रा फत्राइनल मम गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 619 कदे पसश्चम टदेढत्रा करकदे बनत्रा ददयदे जत्रानदे तथत्रा नक्शत्रा फत्राइनल कको खमुरचकर उठत्रा ददयत्रा गयत्रा हह। पश्नगत पकरण कदे बत्रावत पत्राप्त ददसरली आख्यत्रा ददनत्रानांदकत 07.11.2007 मम चकबन्दली अनमुरदेखक दत्रारत्रा गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 617, 616, 615, 614 ककी कमली कको दमुरूस्त दकयत्रा जत्रानत्रा सम्भव न हकोनदे उलदेख करतदे हहए गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 619 व 620 कदे सम्बन्ध मम दबनत्रा ककोई दटप्पणली दकयदे हली पस्तमुत दकयत्रा गयत्रा हह। पकरण मम स्पष्ट हह दक पक्षक्षों कदे मध्य ममुख्य दववत्राद गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 619 व 620 कको पभत्रादवत करनदे कको लदेकर हह। दवपक्षली रत्राजकलली ककी गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 617 कदे अदतररक इसकदे उत्तिर सस्थत गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 614, 615 व 616 ककी भली आकक दतयत्रानां अपनदे अनांदकत रक्बदे कदे कम ककी बनली हहई हह। अनमुरदेखक चकबन्दली कको आख्यत्रा ददनत्रानांदकत 16.04.1998 मम पस्तत्रादवत दकयदे गए सनांशकोधन सदे उक गत्राटक्षों ककी आकक दतयत्रानां यथत्रासनांभव दमुरूस्त हको रहली हह। दकसली भली गत्राटदे कदे अनांदकत क्षदेतफल पर ककोई दवपरलीत पभत्राव पडनत्रा यत्रा कमली पररलदक्षत हकोनत्रा नहहीं पत्रायत्रा जत्रा रहत्रा। दनगरत्रानलीकतत्रार तजयत्रालत्राल व ममुरललीधर दत्रारत्रा पश्नगत पकरण मम चकबन्दली अनमुरदेखक दत्रारत्रा पस्तत्रादवत सनांशकोधन आख्यत्रा ददनत्रानांदकत 16.04.1998 अनमुसत्रार मत्रानदचत दमुरूस्त दकयदे जत्रानदे कदे बत्राबत अपनली क्षमुब्धतत्रा स्पष्ट नहहीं ककी गयली गयली हह। उ०प० भद -रत्राजस्व अतधदनयम ककी धत्रारत्रा 28 कदे अन्तगरत बन्दकोबस्तली रक्बत्रा अनमुसत्रार भददचत दमुरूस्त दकयदे जत्रानदे कत्रा पत्रादवधत्रान हह। बहस कदे ददौरत्रान दनगरत्रानलीकतत्रार दत्रारत्रा सरसरली तदौर पर यह कह ददेनत्रा ककी गत्राटत्रा सनांख्यत्रा 619 पर आवनांटन कदे पश्चत्रात हररजन जत्रादत कदे व्यदकयक्षों कत्रा मकत्रान बनदे हकोनदे कदे बत्रावजदद अवर न्यत्रायत्रालय नदे पत्राप्त चकबन्दली अनमुरदेखक ककी आख्यत्रा ददनत्रानांदकत 16.04.1998 ककी पमुदष्ट कर उदचत आददेश पत्राररत नहहीं दकयत्रा हह, मत्रान्य नहहीं हह। अवर न्यत्रायत्रालय कत्रा पश्नगत आददेश तकर सनांगत एवनां दवस्तकत हह , तजसकदे दवरूद्ध दनगरत्रानलीकतत्रार दत्रारत्रा ककोई दवशदेषि तकर पस्तमुत नहहीं दकयत्रा गयत्रा हह। अवर न्यत्रायत्रालय कत्रा पश्नगत आददेश गमुण -दकोषि कदे आधत्रार पर पत्राररत हकोनदे कदे कत्रारण उसमम दकसली हस्तक्षदेप ककी आवश्यकतत्रा पतलीत नहहीं हकोतली हह। उपरकोक वदणरत समस्त तथ्यक्षों कदे आलकोक मम पश्नगत दकोनक्षों दनगरत्रादनयत्रानां बलहलीन हकोनदे कदे कत्रारण दनरस्त ककी जत्रातली हह। यह आददेश कम्प्यदटरलीकक त दनगरत्रानली वत्राद सनांख्यत्रा सली -20150400002012 तथत्रा कम्प्यदटरलीकक त दनगरत्रानली वत्राद सनांख्यत्रा सली-201604001936 पर समत्रान रूप सदे लत्रागद हकोगत्रा। दनगरत्रानली कदे लम्बन कत्राल मम यदद ककोई स्थगन आददेश पत्राररत दकयत्रा गयत्रा हको तको, उसदे दनष्पभत्रावली/दनरस्त दकयत्रा जत्रातत्रा हह। इस आददेश ककी पदत कदे सत्राथ अवर न्यत्रायत्रालय ककी पतत्रावलली वत्रापस भदेजली जत्राय। आवश्यक कत्रायरवत्राहली उपरत्रान्त इस न्यत्रायत्रालय ककी सतत्रावलली सनांदचत अदभलदेखत्रागत्रार ककी जत्राय। ददनत्रानांक:-31 जनवरली, 2025" 8. Upon due consideration of the observations/reasoning given in the orders impugned, this Court is of the view that no interference in the matter is required by this Court for the following reasons:- (i) To establish that area of Gata No. 619 over which the petitioners and others are in possession indicated in the khatauni is similar to area indicated in the revenue map, no evidence/document has been placed on record. (ii) To impeach the finding/observations related to area of Gata Nos.614 to 617, according to which revenue map was not prepared as per the area of these plots indicated in the revenue records, no document/evidence has been placed on record. (iii) The report dated 06.04.1998, basis of the impugned orders, has not been impeached by means of pleading and evidence that the same was not prepared as per law. 9. Accordingly, this petition is dismissed. Parties to bear their own costs. Order Date :- 17.3.2025 Anand/- Digitally signed by :- ANAND KUMAR SRIVASTAVA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench