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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 124066 (ALL)

MANISH KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY.DEPTT. OF HOME CIVIL SECRETARIAT LKO.

BAIL/1491/2025 · 2025-03-07

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:14107 Court No. - 29 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 1491 of 2025 Applicant :- Manish Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy.Deptt. Of Home Civil Secretariat Lko. Counsel for Applicant :- Rahul Srivastava,Subham Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रप्राहहल शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री भप्राननू पतप्राप धससिंह कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. पस्तसुत पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0284 सन 2024 अन्तररत धिप्रारप्रा 69, 316(2), 308(2), 351(3) भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससिंवहतप्रा रप्रानप्रा इबप्रावहमपसुर धजिलप्रा असिंबकेडकरनरर मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. उपरकोक पकरण वदनप्रासिंक 05.11.2024 कको धलखप्राई रई परम सनूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहई, धजिसमम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक पप्रारर्थी नके उसके पकेम जिप्राल मम फसिं सप्राकर उसकप्रा शप्रारश्रीररक शकोषण वकयप्रा तरप्रा उसकके बप्राद वविविप्राह करनके सके इसिंकप्रार कर वदयप्रा। जिब वशकप्रायतकतर्थी कप्रा वविविप्राह दनूसरके लड़कके कके सप्रार तय हको रयप्रा तको पप्रारर्थी नके उसके बप्रार-बप्रार धिमकप्राकर रुपयके मप्रासिंरके एविसिं उसकके सप्रार ककी फकोरको वदखप्राकर ब्लहैकमकेल करकके एक असिंरनूठश्री और बश्रीस हजिप्रार रुपयके ककी और मप्रासिंर कर रहप्रा हहै। 4. इसकके पनूविर वदनप्रासिंक 05.11.2024 कको वशकप्रायतकतर्थी नके अपनके अधधिविकप्रा कके मप्राध्यम सके पप्रारर्थी कको एक नकोवरस भकेजिकर विहश्री करन वकयप्रा तरप्रा पप्रारर्थी उक सके असिंरनूठश्री विप्रापस करनके एविसिं मप्राफकी मप्रासिंरनके कके धलए कहप्रा एविसिं अन्यरप्रा ककी सस्रवत मम उसकके वविरुद्ध परम सनूचनप्रा ररपकोरर दजिर करविप्राकर जिकेल वभजिविप्रानके कके बप्रात कहश्री। 5. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै। 6. एक पनूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके एक अन्य पकरण मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 187 सन 2013, असिंतररत धिप्रारप्रा 323, 354 , 506 B भप्रा०दसिं०ससिं० रप्रानप्रा अवहररौलश्री, जिनपद असिंबकेडकरनरर मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री रयश्री हहै , धजिसमम पप्रारर्थी कको जिमप्रानत वमल चसुककी हहै। वशकप्रायतकतप्रार कके वचवकत्सककीय परश्रीक्षण ररपकोरर ककी पवत पनूरक शपर -पत कके सप्रार ससिंलग्न हहै, धजिसमम ऐसप्रा ककोई तथ्य पकप्राश मम नहहीं आयप्रा हहै जिको परम सनूचनप्रा ररपकोरर कके करननों कप्रा समररन करके। शहैवक्षक पमप्राण-पत कके अनसुसप्रार वशकप्रायतकतर्थी ककी जिन्मवतधर 12.11.2002 हहै एविसिं परम सनूचनप्रा ररपकोरर कके समय उसककी आयसु 22 विषर रश्री। पनूरक शपर-पत कके सप्रार कके स डप्रायरश्री कके ससिंरत असिंश ककी पवत ससिंलग्न ककी रयश्री हहै धजिसमम कहप्रा रयप्रा हहै वक कधरत आपधत्तिजिनक फकोरको कके ससिंबसिंधि मम ककोई भश्री सप्राक्ष्य वशकप्रायतकतर्थी उपलब्धि नहहीं करप्रा सककी। 7. उपरकोक तथ्यनों कको दृवष्टिरत रखतके हहए, जिबवक वशकप्रायतकतर्थी बप्राधलर हहै, परम सनूचनप्रा ररपकोरर मम लरप्रायके रयके आरकोपनों कके ससिंबसिंधि मम उसकके करन कके अवतररक ककोई अन्य सप्राक्ष्य नहहीं हहै एविसिं पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै , पप्रारर्थी वदनप्रासिंक 11.12.2024 सके कप्रारप्रारप्रार मम वनरुद्ध हहै। न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 8. तद्नसुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 9. आविकेदक मनश्रीष कसु मप्रार कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकरत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - ( ) i आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेरप्रा; ( ) ii आविकेदक अवभयकोजिन पक्ष कके रविप्राहनों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा; ( ) iii आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी रई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 7.3.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench