SHIV RAM ALIAS DALLI AND 4 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
A482/931/2025 · 2025-02-05
Karunesh Singh Pawar
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 120409 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:7268 Court No. - 16 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 931 of 2025 Applicant :- Shiv Ram Alias Dalli And 4 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Ram Ji Trivedi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Karunesh Singh Pawar,J. Heard learned counsel for the petitioners and learned AGA for the State. Notice to respondent no. 2 is dispensed with in view of the proposed order.
The relevant part of the impugned order is extracted below:- " पकककरर कक ववदकन अधधवककगण कक ससनक तथक पतकवलल कक ससमयक अवलककन वकयक गयक। पतकवलल कक अवलककन सक यह वववदत हकतक हह वक पररवकवदनल रकनन दकरक नयकयकलय मम पकथरनक पत अनतगरत 156 (3) दस०प०सस० पसतसत वकयक गयक थक धजस पर नयकयकलय दकरक वदनकसक 06.12.2022 कक पररवकद कक रप मम दजर वकयक गयक। वकदल कक बयकन अनतगरत धकरक 200 दस०प०सस० व अनतगरत धकरक 202 दस०प०सस० कक आधकर पर पकथरगण डलल उरर वशवरकम, सवरश, अनसरकग एवस सकबरन कक अनतगरत धकरक 354, 323, 504, 506 भक०दस०सस० व अवभयसकक ससगलतक कक धकरक 323,504,506 दस०प०सस० मम ववचकरण हकतस तलब वकयक गयक। पररवकवदनल दकरक सवयस कक बयकन अनतगरत धकरक 200 दस०प०सस० मम कथन वकयक गयक हह वक वदनकसवकत 28.08.2022 कक वदन कक 1 बजक कक घटनक हह। अवभयसकगण कक जकनवर उसकक खकत मम आकर, चरनक व पररवकवदनल दकरक जकनवरर कक भगकनक पर अवभयसकगण दकरक उसक पकड कर मकरनक पलटनक गकधलयक दकनक, जकन सक मकरनक कक धमकक दकनक व उसकक बलकउज रकड दकनक कक कथन वकयक गयक हह तथक पररवकवदनल कक ओर सक परलवकत सककलगण पल०डबलन 1 रकजन व पल०डबलन०-2 अवनल कस मकर नक भल अपनक धकरक 202 दस०प०सस० कक अनतगरत वदयक गयक बयकन मम कथन वकयक गयक हह वक घटनक वदनकसवकत 28.08.2022 कक हह। रकनन अपनक खकत मम जकनवरर कक भगकनक कक धलए गयल थल तभल उसल ददरकन ववपकलगण आ गयक और रकनन कक गसदल गसदल गकधलयकस दकनक लगक। ववपकलगण डलल उरर वशवरकम, सवरश, अनसरकग तथक सकबरन सक अशललल हरकतक करतक हहए रकनन कक बलकउज रकड वदयक तथक जकन मकल कक धमकक दकनक कक कथन वकयक गयक हह। पतकवलल कक अवलककन सक यह सपष हह वक पररवकवदनल दकरक पररवकद पत मम वकयक गयक कथनर एवस पररवकवदनल कक सवयस कक बयकन अनतगरत धकरक 200 दस०प०सस० एवस सककल रकजन व अवनल कस मकर कक बयकन कक आधकर पर नयकयकलय अवभयसकगण डलल उरर वशवरकम, सवरश, अनसरकग एवस सकबरन कक अनतगरत धकरक 354, 323, 504, 506 भक०दस०सस० व अवभयसकक ससगलतक कक धकरक 323,504,506 दस०प०सस० कक वदनकसक 20.04.2024 कक तलब वकयक गयक। वकद कक इस सतर पर पतकवलल पर ऐसक ककई सककय उपलबध नहह हह धजससक ऐसक पतलत हक वक अवभयसकगण कक ववरद उपरकक धकरकओस मम पथम दषटक मकमलक न बनतक हक। उपरकक कक सनदभर मम मकननलय सवरचच नयकयकलय दकरक तवमलनकडस रकजय ( दकरक पसधलस सतकर तकवनरलकक एवस भषकचकर ववरकधल) बनकम एन ससरकशरकजन 2014 (11) ए०सल०सल० 709 कक बकद मम यह अवभनत पकट वकयक गयक हह वक "At the Stage of
Consideration of an application for discharge. Court has to proceed with an assumption that the materials brought on record by prosecution are true and to evaluate the said materials and documents with a view to find out whether the
facts emerging there from taken at their face value disclose the existence of all the ingredients constituting the offence."
पतकवलल पर उपलबध समसत सककय /
बयकन एवस उपरकक ववधध वयवसथकओस कक पककश मम उक मकमलक मम
अवभयसकगण कक ववरद पथम दषटक बननक पतलत हकतक हह। अवभयसकगण कक ओर सक पसतसत पकथरनक, पत वकसतक
वकयक जकनक उनमकचन वनरसत वकयक जकनक यकगय हह। आदकश
अवभयसकगण दकरक पसतसत उपरकक उनमकचन पकथरनक पत वदनकसवकत 25.11.2024
वनरसत वकयक जकत हह।
चनसवक अवभयसकगण कक मकमलक कक जकनककरल हह। अतत अवभयसकगण कक आदकवशत वकयक जकतक हह वक
अवभयसकगण पतकवलल मम सवयस कक उपससथवत वदनकसक 06.01.2025
तक ससवनसशचत करम। तदद नससकर पतकवलल
वकसतक हकधजरल अवभयसकगण वदनकसक 06.01.2025
कक पकश हक।" A perusal of the record shows that the complainant has supported the prosecution case in her statement recorded under Section 200 Cr.P.C. PW-1 Raju and PW-2 Anil Kumar have corroborated the statement of the complainant as well as the complaint. Prima facie commission of cognizable offence is made out. There appears to be no illegality in the impugned
order. The petition being devoid of merits is dismissed. At this stage, learned counsel for the petitioners prays that he may be permitted to file a bail application which may be decided in view of law laid down by Supreme Court in
"Satender Kumar Antil versus Central Bureau of Investigation and another, Special Leave to Appeal (Cri)No.5191 of 2021". In view of the above, it is provided that in case the petitioners appear before the trial court within two weeks from today and apply for bail, the same shall be decided expeditiously, in view of the law laid down by Supreme Court in Satender Kumar Antil's case (supra).
Order Date :- 5.2.2025 R.C. Digitally signed by :- RAM CHANDER YADAV High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench