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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 120291 (ALL)
SHAILENDRA KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
BAIL/861/2025 · 2025-04-29
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 120291 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:24542 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 861 of 2025 Applicant :- Shailendra Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- D.P. Dutt Tiwari,Deepika Gupta,Hritik Dwivedi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री धिन पकप्राश दत्त वतिविप्रारश्री तिरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री अननुरप्राग विमप्रार्मा कको सनुनप्रा तिरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतिश्रीय नप्रागररक सनुरकप्रा ससंवहितिप्रा कके असंतिगर्माति पस्तिनुति इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मनुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 352 सन 2024, अन्तिगर्माति धिप्रारप्रा 103(2), 115(2), 190, 191(2), 191(3), 333, 352 बश्री०एन०एस०, रप्रानप्रा हिहैदरप्राबप्राद, धजिलप्रा लखश्रीमपनुर खश्रीरश्री मम जिमप्रानति ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रासंक 14.12.2024 कको चप्रार नप्रावमति व्यवकयय, धजिसमम पप्रारर्थी समममधलति नहिहीं हिहै तिरप्रा अजप्राति व्यवकयय कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम वशकप्रायतिकतिर्थी नके कहिप्रा वक अवभयनुकगण उक वतिधर कको रप्राति 8:45 बजिके वशकप्रायतिकतिर्थी कके घर आए एविसं दरविप्राजिप्रा तिकोड़कर असंदर घनुसकर हिहॉककी, डसंडप्रा वि लकोहिके ककी रप्राड सके उसकके पवति कको मप्रारनके लगके जिब वशकप्रायतिकतिर्थी और उसककी सप्रास नके बचप्रानप्रा चप्राहिप्रा तिको अवभयनुकगण नके उन्हिम भश्री मप्रारप्रा। वशकप्रायतिकतिर्थी कके पवति कको इलप्राजि कके धलए लके जिप्रातिके समय उसककी ममृत्यनु हिको गई।
4. शवि परश्रीकण आख्यप्रा मम ममृतिक कके मप्रारके, सर तिरप्रा सश्रीनके पर तिश्रीन चकोरम पप्राई गई हिह तिरप्रा उसककी पसधलयप्रासं रसूरश्री हिहई पप्राई गई हिह। ममृत्यनु कप्रा कप्रारण ममृत्यनु पसूविर्मा चकोरय कके कप्रारण आघप्राति एविसं रकसप्रावि बतिप्रायप्रा गयप्रा।
5. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तिनुति शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 29 विरर्थीय नवि- यनुविक हिहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतिहिप्रास नहिहीं हिहै।
6. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस कके असंतिरगर्माति असंवकति अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतिकतिर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा कके करनय कप्रा समरर्मान वकयप्रा हिहै।
7. इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा एक अन्य सहि-अवभयनुक अविनश्रीश कनु मप्रार कको जिमप्रानति पप्रारर्मानप्रा- पत ससंख्यप्रा 2378 सन 2025 दप्रारप्रा वदनप्रासंक 24.03.2025 कको जिमप्रानति पर ररहिप्रा
वकयप्रा जिप्रा चनुकप्रा हिहै।
8. पप्रारर्मानप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतिके हिहए उनकको पप्राप्त धलधखति अननुदकेशय कके आधिप्रार पर वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहिप्रा वक सभश्री अवभयनुकगण एक सप्रार पकड़के गए एविसं अवभरकप्रा मम वदए अपनके बयप्रान मम पप्रारर्थी नके घरनप्रा मम अपनश्री ससंधलप्ततिप्रा स्विश्रीकप्रार वकयप्रा एविसं उसकके बतिप्रानके पर सहि-अवभयनुक आयनुश ककी कप्रार सके एक बलप्रा और चप्रार डसंडके बरप्रामद हिहए हिह।
9.
पप्राप्त अननुदकेशय कके आधिप्रार पर कहिप्रा वक एक गविप्राहि पविश्रीन कनु मप्रार विमप्रार्मा नके कहिप्रा वक उसकके घर पर लगके सश्री.सश्री.रश्री.विश्री मम यहि ररकहॉडर्मा हिहआ वक दको विप्राहिनय मम अवभयनुकगण हिहरर बजिप्रातिके हिहए आए रके और बप्राद मम पतिप्रा चलप्रा वक उन लकोगय नके यहि घरनप्रा कप्राररति ककी हिहै। सभश्री अवभयनुकगण दप्रारप्रा मकोबप्राइल फकोन सके आपस मम बप्राति करनप्रा भश्री पकप्राश मम आयप्रा हिहै।
10. उपरकोक रुष्यय कके दृवष्टिगति, जिबवक मप्रात अवभरकप्रा मम दश्री गई स्विश्रीकप्रारकोक कके अवतिररक पप्रारर्थी कके अवतिररक इस स्तिर पर अन्य ककोई सप्राकश्री नहिहीं हिहै तिरप्रा सश्री.सश्री.रश्री.विश्री ररकहॉवडरग मम उसकप्रा चकेहिरप्रा दकेखप्रा जिप्रानप्रा नहिहीं कहिप्रा गयप्रा हिहै तिरप्रा एक सहि-अवभयनुक अविनश्रीश कनु मप्रार कको जिमप्रानति वमल चनुककी हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मति हिहै वक पप्रारर्थी भश्री जिमप्रानति पर ररहिप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
11. तिदननुसप्रार, जिमप्रानति पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातिप्रा हिहै।
12. आविकेदक शहैलकेन्द्र कनु मप्रार कको वनमनधलधखति शतिरसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधिति मधजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतिनुवष्टि कके अननुसप्रार एक व्यवकगति बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतिम पस्तिनुति करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानति पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहिय पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्मा दप्रारप्रा तिय ककी गई पत्यकेक तिप्रारश्रीख पर उपमस्रति हिकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 29.4.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench