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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 119193 (ALL)
ARBAZ AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/751/2025 · 2025-05-05
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 119193 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:25974 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 751 of 2025 Applicant :- Arbaz And 2 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Amit Kumar,Dharmendra Kumar Misra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री धिररन्द्र कक रप्रार वरशप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अनन्त पतप्राप धससिंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 दसिं०प०ससिं०/483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा (B.N.S.S.) रम पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके रककदरप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0286 सन 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 70(2), 115(2), 127(2), 123 बश्री०एन०एस एविसिं 5 (g)/6 पपॉक्सको एक्ट (POCSO Act) 2012, रप्रानप्रा-अचलगसिंज, धजलप्रा-उनप्रावि रम जरप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 06.09.2024 कको तश्रीन नप्राबप्राधलग लड़वकययों नके पप्रारर्थीगण तरप्रा एक अन्य व्यवक शप्रावहद कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परर ससूचनप्रा ररपकोटर रम यह कहप्रा गयप्रा हहै वक वदनप्रासिंक 28.08.2024 कको सप्रासिंय 5 बजके जब विके तश्रीनको गप्रागाँवि विप्रापस आनके कके धलए आजप्राद रप्रागर बप्राईपप्रास पर सप्राधिन कप्रा इसिंतजप्रार कर रहके रके, तब अवभयककगण नके उन सबकको वरठप्राई खप्रानके कको दश्री और उनकको विहैन रम बहैठप्रा धलयप्रा। उसकके बप्राद तश्रीनको लड़वकयप्रासिं बकेहकोश हको गई और हकोश आनके पर विके हहैदरगढ़ कके ककोटरप्रा रम डकेरके रम रश्री। सभश्री अवभयककयों नके डरप्रा -धिरकप्राकर तश्रीनयों लड़वकययों कके सप्रार कई बप्रार शप्रारश्रीररक ससिंबसिंधि बनप्राए एविसिं भप्रागनके कप्रा पयप्रास करनके पर रप्रारप्रा-पश्रीटप्रा। वदनप्रासिंक 31.08.2024 कको विके वकसश्री पकप्रार भप्रागनके रम सफल हहई।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगरत असिंवकत अपनके बयप्रान रम पश्रीवड़तप्राओसिं नके पसूविर करनयों कप्रा सरररन करतके हहए कहप्रा वक, हकोश आनके पर उन लकोगयों नके पसूछप्रा तको अवभयककगण नके बतप्रायप्रा वक विके लकोग हहैदरगढ़ रम रके, तब विहप्रागाँ सके ककोटरप्रा लके गए। एक पश्रीवड़तप्रा नके कहप्रा वक चप्रारयों लकोगयों नके सब सके छकेड़खप्रानश्री ककी और उसकके सप्रार गसिंदप्रा कप्रार वकयप्रा। एक वदन बप्राररूर जप्रानके कके बहप्रानके विहप्रागाँ सके भप्रागकर तश्रीनयों पश्रीवड़तप्राएसिं अपनके घर आ गईसिं। अन्य दकोनयों पश्रीवड़तप्राओसिं नके भश्री सरप्रान पकक वत कके करन वकयके।
5. वचवकत्सककीय परश्रीकण रम वकसश्री भश्री पश्रीवड़तप्रा कके शरश्रीर पर चकोट अरविप्रा बल पयकोग कप्रा
ककोई वचन्ह नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा हहै।
6.
धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत असिंवकत अपनके बयप्रानयों रम तश्रीनयों पश्रीवड़तप्राओसिं कहप्रा वक जब विके वदनप्रासिंक 28.08.2024 कको सप्रासिंय 8 बजके सप्राधिन कप्रा सहप्रारप्रा दकेख रहके रके, ग चप्रार लड़कके (अवभयककगण) विहैन सके आए और वरठप्राई धखलप्राकर उन लकोगयों कके सप्रार बकरप्रा कप्रार वकयप्रा हहै। पश्रीवड़तप्राओसिं नके कहप्रा वक उसकके बप्राद उन लकोगयों कको जसिंगल रम भश्री दको वदन रखप्रा गयप्रा तरप्रा विहप्रागाँ पर भश्री गलत कप्रार वकयप्रा, वफर भश्री विके लकोग कहै सके भश्री भप्राग गए।
7. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत रम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थीगण वनदर्दोष हह तरप्रा उनकप्रा ककोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
8. पस्तकत पकरण रम सह-अवभयकक शप्रावहद कको इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जरप्रानत पप्राररनप्रा पत ससिंख्यप्रा 2638/2025 रम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 04.04.2025 रम जरप्रानत वरल चकककी हहै।
9. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक लगप्राए गए आरकोप गसिंभश्रीर पकक वत कके हह और वविविकेचनप्रा रम पकष्ट हहए हह। आरकोप पत वदनप्रासिंक 16.11.2024 कको पस्तकत हको चककप्रा हहै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके यह भश्री कहप्रा वक इस जरप्रानत पप्राररनप्रा पत ककी ससूचनप्रा तश्रीनयों पश्रीवड़तप्राओसिं कको पकधलस दप्रारप्रा दश्री जप्रा चकककी हहै, वकन्तक उनककी तरफ सके ककोई भश्री जरप्रानत पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरकोधि करके कके धलए उपसस्रत नहहीं हहआ हहै।
10.
उपरकोक तथ्ययों कके दृवष्टगत , जबवक परर ससूचनप्रा ररपकोटर रम पश्रीवड़तप्राओसिं कको वदनप्रासिंक 28.08.2024 सके एक डकेरके रम रखकर गलत कप्रार करनप्रा तरप्रा विहप्रासिं सके रमौकप्रा वरलनके पर वदनप्रासिंक 31.08.2024 कको भप्रागनप्रा कहप्रा हहै; धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस कके बयप्रानयों रम भश्री पश्रीवड़तप्राओसिं नके उनकको ककोटरप्रा कके डकेरके रम हश्री रखनप्रा कहप्रा हहै , वकन्तक धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत बयप्रानयों रम पश्रीवड़तप्राओसिं नके विहैन रम गलत कप्रार करनके कके बप्राद दको वदन तक जसिंगल रम रखनके कके बप्रारके रम कहप्रा हहै; वचवकत्सककीय परश्रीकण रम वकसश्री भश्री पकप्रार कके बल पयकोग कप्रा ककोई वचन्ह नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा हहै; यद्यवप धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत बयप्रानयों रम पश्रीवड़तप्राओसिं नके चप्रारयों अवभयककगण कप्रा नप्रार लकेकर कहप्रा हहै वक विके सभश्री अवभयककगण गप्रागाँवि कके हश्री लड़कके हह, वकन्तक सह-अवभकयक शप्रावहद उन्हहीं रम सके एक नप्रावरत अवभयकक हहै और उसककी आयक 65 विषर हहै और उसके जरप्रानत वरल चकककी हहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर हको चकककी हहै , वबनप्रा ऐसप्रा ककोई रत व्यक करतके हहए , जको वविचप्रारण कको पभप्राववित करके, न्यप्रायप्रालय कप्रा रत हहै वक उपरकोक तथ्य पप्रारर्थी कको जरप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा पयप्रारप पदप्रान करतके हह।
11. तदनकसप्रार, जरप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
12. आविकेदकगण कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित रधजस्टटकेट /न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्ट कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और सरप्रान रप्रावश ककी दको जरप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक रप्रारलके रम जरप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदकगण अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करमगके; (ii) आविकेदकगण अवभयकोजन पक कके सप्रावकययों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालमगके; (iii) आविकेदकगण वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हयोंगके। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench