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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 112911 (ALL)

NITIN @ NEETU v. STATE OF U.P.

BAIL/47122/2024 · 2025-07-24

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:123373 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 47122 of 2024 Applicant :- Nitin @ Neetu Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Mukesh Chandra Gupta,Sakshi Jaiswal,Shubham Prakash Gupta,Vimal Kumar Pandey Counsel for Opposite Party :- Anushriya Tripathi,Ashok Nath Tripathi,G.A.,Rakesh Nath Tripathi Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक नननरन उरर ननीरतू ककी ओर सवे ममु०अ०स० 341/2007, अन्रररर धमारमा 147/ 148/ 323/ 504/ 506/ 336/ 109/ 427/ 307 भमा.दद.सद., रमानमा लमालकमु रर, जजलमा मवेरठ मम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर नकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे नवदमान अजधवक्तमा, पररवमादनी कवे नवदमान अजधवक्तमा कवे सहययोरनी अजधवक्तमा नवववेक कमु ममार नमशमा एवद नवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कयो समुनमा ररमा पतमावलनी कमा पररशनीलन नकयमा। 3. आववेदक कवे नवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर नकयमा नक आववेदक कयो इस प्रकरर मम रलर एवद रजर ढदर सवे झतूठमा रद समायमा रयमा हहै, उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं नकयमा हहै, आववेदक कवे नवरूद्ध प्ररम सतूचनमा ररपयोरर मम कयोई नवशवेष भतूनमकमा नहहीं दशमारयनी रयनी हहै। प्ररम सतूचनमा ररपयोरर रनीन नदन दवेर सवे पदजनीकक र करमायनी रयनी जजसकमा कयोई सममुनचर स्पषनीकरर नहनी दशमारयमा रयमा हहै। घरनमा कमा कयोई चश्मदनीद रवमाह नहहीं हहै। नचनकत्सनीय परनीक्षर रनीन नदन नवलम्ब सवे करमायमा रयमा हहै जजसकमा कयोई सममुनचर स्पषनीकरर नहनी नदयमा रयमा हहै , उन्हहोंनवे न्यमायमालय कमा ध्यमान बयमान मजरूबमा णस्मरमा उरर जसम्मनी नदनक्षर कवे बयमान ककी ओर आकनषरर नकयमा जजसमम उसकवे दमारमा करन नकयमा रयमा नक आववेदक दमारमा इकटमा हयोकर हममारवे मकमान पर व छर पर ईर पत्रर ममारनवे लरवे, एक ईर मवेरवे पहैर मम भनी लरनी, जजससवे मवेरवे पहैर मम कमारकी चयोरवे आयनी हहै ण्डिमाक्रर रयो फवे क्चर बरलमायमा रहमा हहै। जबनक नचनकत्सनीय ररपयोरर कवे अवलयोकन सवे चहोंरहों ककी प्रकक नर समाममान्य पमायनी रयनी। मजरूबमा कयो कयोई भनी घमारक चहोंर आनमा दनशरर नहनी हहै। आववेदक पमुननः उनकमा करन हहै नक आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन नदयमा रयमा हहै नक वह कमानतून ककी प्रनक्रियमा मम सहययोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भनी आवश्यकरमा हयोरनी वह ईममानदमारनी सवे अदमालर कवे समक्ष खमुद कयो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभनी शरहों कयो स्वनीकमार करनवे कवे जलए भनी रहैयमार हहै जयो न्यमायमालय उस पर अजधरयोनपर करवेरनी। आववेदक ननदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम नद० 05.08.2024 सवे कमारमारमार मम ननरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कयो जममानर पर छयोड़ नदयमा जमाय। 4. पररवमादनी कवे नवदमान अजधवक्तमा एवद नवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे नवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल नवरयोध कररवे हहए रकर प्रस्रमुर नकयमा नक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सदजवेय एवद रदम्भनीर प्रकक नर कमा हहै, इसजलए आववेदक कयो जममानर पर न छयोड़मा जमायवे। 5. आववेदक कवे नवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोद कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलनी पर उपलब्ध समारवमान रथ्यहों एवद पररणस्रनरयहों कमा समग्र रूप सवे अवलयोकन करनवे कवे बमाद , सबतूरहों ककी प्रकक नर और नकसनी भनी ठयोस नवरयोधमात्मक समामग्रनी ककी अनमुपणस्रनर एवद उपलब्ध समामग्रनी सवे छवेड़छमाड़ ककी सदभमावनमा न हयोनवे कवे रथ्य कयो दवेखरवे हहए मवेरनी रमाय मम आववेदक कयो जममानर पर ममुक्त करनवे कमा उपयमुक्त आधमार हहै। 6. अरनः वमाद कवे रमुर दयोष पर नबनमा कयोई नरप्परनी नकए हहए आववेदक कयो उपरयोक्त वनररर अपरमाध मम सदबदजधर न्यमायमालय ककी सन्रमुनष पर व्यनक्तरर बदध-पत एवद अजधक धनरमानश कवे दयो स्रमाननीय प्रनरभतू प्रस्रमुर करनवे पर ननम्नजलजखर शरर्दोद कवे समार जममानर पर छयोड़ नदयमा जमाय। 1. आववेदक नवववेचनमा यमा परनीक्षर कवे ददौरमान अनभययोजन समाक्ष्यहों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा। 2. आववेदक अनभययोजन समानक्षयहों व पनीनड़रमा/ नशकमायरकरमार कयो ण्डिरमायवेरमा/धमकमायवेरमा नहहीं। 3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशहों कमा पमालन करवेरमा, वह परनीक्षर कवे ददौरमान नबनमा कयोई अनमावश्यक स्ररन जलए ननयर नरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हयोरमा ररमा परनीक्षर मम ईममानदमारनी सवे सहययोर करवेरमा। 4. आववेदक जममानर पर ररहमा हयोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरदतरमा कमा दमुरूपययोर नहनी करवेरमा और नकसनी भनी अपरमाजधक रनरनवजध मम जलप्त नहहीं हयोरमा न कयोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा। 5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यहों सवे पररनचर नकसनी भनी व्यनक्त यमा पमुजलस अजधकमाररयहों कयो कयोई प्रलयोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हनी उनसवे कयोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यहों कयो उजमारर करनवे सवे नवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरयोक्त शरर्दोद मम सवे नकसनी कवे उलदघन कवे ममामलवे मम , परनीक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर ननयममानमुसमार रद्द करनवे कयो स्वरदत हहै। Order Date :- 25.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad