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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 112892 (ALL)
SHUBHAM DWIVEDI v. STATE OF U.P.
BAIL/46950/2024 · 2025-05-01
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 112892 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:70452 Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 46950 of 2024 Applicant :- Shubham Dwivedi Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Vipin Kumar Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक शशुभम दद्विववेददी ककी ओर सवे मशु०अ०स० 201/2024 अन्रररर धमारमा 406/ 420/ 467/ 468/ 471/ 120 बदी/ 34 भमा.दद.सद., रमानमा फवे न्ड्स कमाललोनदी, जजलमा इटमावमा मम जममानर पर मशुक्त करनवे हवेरशु प्रस्रशुर दकयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे दवद्विमान अजधवक्तमा एवद दवद्विमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कलो सशुनमा ररमा पतमावलदी कमा पररशदीलन दकयमा।
3.
आववेदक कवे दवद्विमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रशुर दकयमा दक आववेदक कलो इस प्रकरर मम रलर एवद फजर्जी ढदर सवे झझूठमा फद समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं दकयमा हहै। कजरर वमाद ककी घटनमा असत्य, बनमावटदी व झझूदठ हहै। ररपलोटर अत्यजधक दवेरदी सवे ककी रयदी दवेरदी कमा कलोई स्पषदीकरर दकयमा नहहीं रयमा हहै। प्ररम सझूचनमा ररपलोटर मम समारवे रथ्य असत्य व झझूठ अददकर दकए रए हह। उनकमा कहनमा हहै दक आववेदक कवे दवद्विमान अजधवक्तमा नवे द्विमारमा यह भदी करन दकयमा रयमा हहै दक वमाददी सवरश कशु ममार यमादव सवे अदभयशुक्त नवे एक मकमान दलो मदजजलमा कशु ल कवेतफल 750 वररफकीट ददनमादक 25.05.2024 कलो पदजदीकक र बहैनमाममा द्विमारमा 5,50,000/-रूपयवे मम क्रय दकयमा रमा जजसमम पचमास हजमार रूपयवे बरतौर बयमानमा नरद ददयमा रयमा रमा ररमा पमादच लमाख रूपयवे आर०टदी०जदी०एस० कवे द्विमारमा वमाददी कलो ददयमा रयमा रमा , जजसकवे रवमाह वमाददी ककी पत्नदी ममालरदी ररमा सदजय कशु ममार हहै, दकसदी प्रकमार कमा कलोई लवेनदवेन बमाककी नहदी रहमा रमा ररमा कब्जमा दखल भदी अदभयशुक्त कलो बहैनमाममा वमालवे ददन वमाददी नवे ददयमा रमा। ददनमादक 18.06.2024 कलो समय करदीब 5 बजवे शमाम वमाददी, उसककी पत्नदी, उसककी दलो पशुदतयमाद जजनकवे नमाम नहहीं ममालझूम, उसकवे लमालपशुरमा वमालवे घर पर आयवे उस समय उसकवे घर पर उसकवे दमलनवे वमालवे सरवेन्द्र कशु ममार यमादव व उदय प्ररमाव व कलझू मतौजझूद रवे उनकवे समामनवे सवरश कशु ममार नवे उससवे कहमा दक उसवे पन्द्रह लमाख रूपयवे दलो उसवे जरूरर हहै उसनवे कहमा दक उसकवे पमास रूपयमा नहहीं हहै अभदी रलो मकमान खरदीदमा हहै, इसदी बमार पर सवरश, उसककी पत्नदी व दलोननों पशुदतयमाद अपशब्द कहनवे लरदी और कहमा दक मकमान सस्रवे मम खरदीद जलयमा हहै पन्द्रह लमाख रूपयमा और चमादहयवे उसनवे समझमायमा दक बहैनमाममा कवे समय ममालरदी और आप मतौजझूद रवे यदद मकमान नहहीं बवेचनमा रमा रलो 5,50,000/- रूपयवे मम
पदजदीकक र बहैनमाममा क्यनों दकयमा रमा जजस पर ववे ललोर उसवे रदददी रदददी रमाजलयमाद दवेनवे लरवे और धमककी ददी दक दस ददन कवे अन्दर पन्द्रह लमाख रूपयवे नहहीं ददयवे रलो बलमात्कमार , छवेड़खमानदी कवे कवे स मम फद समा दवेरम। इस प्रकमार आववेदक कलो उक्त मशुकदमम मम जबरन हदी अदभयशुक्त बनमायमा रयमा हहै। आववेदक दनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम दद० 17.11.2024 सवे कमारमारमार मम दनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कलो जममानर पर छलोड़ ददयमा जमाय।
4.
दवद्विमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे दवद्विमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल दवरलोध कररवे हहए रकर प्रस्रशुर दकयमा दक आववेदक द्विमारमा कमाररर अपरमाध सदजवेय एवद रदम्भदीर प्रकक दर कमा हहै, इसजलए आववेदक कलो जममानर पर न छलोड़मा जमायवे।
5. आववेदक कवे दवद्विमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोद कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलदी पर उपलब्ध समारवमान रथ्यनों एवद पररणस्रदरयनों कमा समग्र रूप सवे अवललोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरनों ककी प्रकक दर और दकसदी भदी ठलोस दवरलोधमात्मक समामग्रदी ककी अनशुपणस्रदर एवद उपलब्ध समामग्रदी सवे छवेड़छमाड़ ककी सदभमावनमा न हलोनवे कवे रथ्य कलो दवेखरवे हहए मवेरदी रमाय मम आववेदक कलो जममानर पर मशुक्त करनवे कमा उपयशुक्त आधमार हहै।
6. अरतः वमाद कवे रशुर दलोष पर दबनमा कलोई दटप्परदी दकए हहए आववेदक कलो उपरलोक्त वदररर अपरमाध मम सदबदजधर न्यमायमालय ककी सन्रशुदष पर व्यदक्तरर बदध -पत एवद उसदी धनरमादश कवे दलो प्रदरभझू प्रस्रशुर करनवे पर दनम्नजलजखर शरर्दोद कवे समार जममानर पर छलोड़ ददयमा जमाय।
1. आववेदक दवववेचनमा यमा परदीकर कवे दतौरमान अदभयलोजन समाक्ष्यनों कवे समार छवेड़छमाड़ नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अदभयलोजन समादकयनों व पदीदड़रमा/ दशकमायरकरमार कलो ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशनों कमा पमालन करवेरदी, वह परदीकर कवे दतौरमान दबनमा कलोई अनमावश्यक स्ररन जलए दनयर दरजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हलोरमा ररमा परदीकर मम ईममानदमारदी सवे सहयलोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हलोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरदतरमा कमा दशुरूपयलोर नहदी करवेरमा और दकसदी भदी अपरमाजधक रदरदवजध मम जलप्त नहहीं हलोरमा न कलोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक यमा अप्रत्यक रूप सवे ममामलवे कवे रथ्यनों सवे पररदचर दकसदी भदी व्यदक्त
यमा पशुजलस अजधकमाररयनों कलो कलोई प्रललोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हदी उनसवे कलोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्यनों कलो उजमारर करनवे सवे दवरर रहनमा पण्डिवेडे़। उपरलोक्त शरर्दोद मम सवे दकसदी कवे उलदघन कवे ममामलवे मम , परदीकर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर दनयममानशुसमार रद्द करनवे कलो स्वरदत हहै। Order Date :- 2.5.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad