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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 112850 (ALL)

DR. ASHOK PRIYADRSHI v. STATE OF U.P.

ABAIL/12332/2024 · 2025-07-06

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:106502 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 12332 of 2024 Applicant :- Dr. Ashok Priyadrshi Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Ganesh Shanker Srivastava,Gulab Chand Bharati Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक Dr. Ashok Priyadrshi ककी ओर सवे ममु०अ०स० 0842/2017, अन्रररर धमारमा 406, 420, 467, 468, 471 भमा.दद.सद., रमानमा ककोरवमालली उरई, जजलमा जमाललौन मम अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा एवद गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा शली चददन जसदह कको समुनमा ररमा पत्रमावलली कमा पररशलीलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक्त धमारमाओद मम दवेषवश रदर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशदकमा हहै गक उसवे उपरकोक्त वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनलीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक दमारमा प्रमारगमककी मम दगशरर उपरकोक्त धमारमाओद कमा अपरमाध कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै। प्ररम ससूचनमा ररपकोरर गवलणमबर हहै ररमा उक्त गवलमब कमा ककोई सममुगचर स्पषलीकरर नहहीं दशमारयमा रयमा हहै। वररममान वमाद कको कमाररर करनवे मम आववेदक ककी ककोई गवगशष भसूगमकमा नहहीं दशमारयली रयली हहै , सभली सह-अगभयमुक्तक्तों ककी सममान भसूगमकमा दगशरर ककी रयली हहै। आववेदक दमारमा अपनवे गवरुद्ध दजर दको अन्य ददण्डि वमादक्तों कवे आपरमाजधक इगरहमासक्तों कको शपरपत्र कवे प्रस्रर सद० 19 कवे ममाध्यम सवे स्पष गकयमा रयमा हहै। आववेदक ककी ओर सवे यह भली आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानसून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भली आवश्यकरमा हकोरली वह ईममानदमारली सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभली शरर्दोद कको स्वलीकमार करनवे कवे जलए भली रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोगपर करवेरली। 4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रमुर गकयमा रयमा गक अगभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध रदभलीर प्रकक गर कमा हहै। वररममान वमाद मम आववेदक कवे गवरुद्ध आरकोपपत्र प्रस्रमुर गकयमा जमा चमुकमा हहै। पमुननः उनकवे दमारमा करन गकयमा रयमा गक आववेदक कको पसूवर मम पमुजलस आख्यमा दमाजखल गकयवे जमानवे रक अदरररम जममानर प्रदमान ककी रयली रली , गकन्रमु आववेदक दमारमा उक्त अदरररम आदवेश मम अजधरकोगपर शरर्दोद कमा अनमुपमालन नहहीं गकयमा जमा रहमा हहै ररमा न्यमागयक प्रगक्रियमा मम सहयकोर प्रदमान नहहीं गकयमा जमा रहमा हहै , इसजलए आववेदक कको अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककोई औगचत्य प्ररलीर नहहीं हकोरमा हहै। अरनः अगभयमुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननलीय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोप ककी प्रकक गर और रदभलीररमा, अगभयमुक्त कमा पसूवरवकत, अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी सदभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कको अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध सदपसूरर समामग्रिली कमा समावधमानलीपसूवरक मसूल्यमादकन करनमा चमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सरलीक भसूगमकमा कको भली ध्यमान मम रखनमा चमागहए। 6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सदबदधली गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमादरक्तों कको ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षकमारक्तों कवे गवदमान अजधवक्तमाओद कवे करनक्तों , आरकोपक्तों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भसूगमकमा और ममामलवे कवे सभली रथ्यक्तों एवद पररणस्रगरयक्तों कको ध्यमान मम रखरवे हहए चसूदगक प्रश्नरर वमाद मम आववेदक कवे गवरुद्ध आरकोपपत्र दमाजखल गकयमा जमा चमुकमा हहै एवद आववेदक कवे दमारमा ऐसमा ककोई भली समाक्ष्य प्रस्रमुर नहहीं गकयमा रयमा हहै, जजससवे यह प्ररलीर हकोरमा हको गक आववेदक दमारमा पसूवर मम अजधरकोगपर शरर्दोद कमा अनमुपमालन गकयमा जमा रहमा हहै ररमा न्यमागयक प्रगक्रियमा मम सहयकोर गकयमा जमा रहमा हहै। अरएव आववेदक कको अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककोई औगचत्य प्ररलीर नहहीं हकोरमा हहै, अरनः ममामलवे कवे रमुर-दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वलीकमार गकए जमानवे यकोग्य नहहीं हहै , रद्नमुसमार आववेदक कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वलीकमार गकयमा जमारमा हहै। 7. उपरकोक्तमानमुसमार वमाद कवे रमुर-दकोष पर गरप्परली गकयवे बरहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै। 8. इस वमाद मम यगद ककोई अदरररम आदवेश हको, रको वह स्वरनः सममाप्त समझमा जमाए। 9. कमायमारलय कको गनदरगशर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेश ककी एक प्रगरजलगप अगवलमब सदबदजधर गवचमारर न्यमायमालय कवे भवेजनमा समुगनणश्चर करम ररमा आववेदक सदबदजधर गवचमारर न्यमायमालय कवे समक्ष गनयगमर जममानर प्रमाररनमापत्र प्रस्रमुर करनवे हवेरमु स्वरदत्र हहै। Order Date :- 7.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad