Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 112638 (ALL)
AMIT KUMAR GUPTA v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
ABAIL/12352/2024 · 2025-07-15
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 112638 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 112638 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:114797 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 12352 of 2024 Applicant :- Amit Kumar Gupta Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Aishwarya Pratap Singh,Arvind Kumar Tripathi,Urvashi Kunwar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा ककी तरफ सवे आज पपूरक शपथपत्र प्रस्ततुत वकयद्वा गयद्वा, धजसवे पत्रद्वावलली पर रखद्वा जद्वाए।
2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीरर अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत्र आववेदक अवमत कतु मद्वार गतुपद्वा ककी ओर सवे मतु०अ०ससं० 1438/2012 सवे उदपूत 3017/2013, अन्तगरत धिद्वारद्वा 147, 148, 149, 427, 332, 34, 420, 467, 468, 471 भद्वा.दसं.ससं. एवसं धिद्वारद्वा 7 सली.एल.ए. एक्ट, थद्वानद्वा धसववल लद्वाइन्स, धजलद्वा बदद्वायपूसं मम अवग्रिम जमद्वानत पर मतुक करनवे हवेततु प्रस्ततुत वकयद्वा गयद्वा हहै।
3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा शली ऐश्वयर प्रतद्वाप धससंह ककी तरफ सवे ववदद्वान अधधिवकद्वागर अमलीरुदलीन धसदलीककी एवसं उत्करर एवसं ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा शली चसंदन धससंह कक सतुनद्वा तथद्वा पत्रद्वावलली कद्वा पररशलीलन वकयद्वा।
4.
आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्ततुत वकयद्वा वक आववेदक वनदर्दोर हहै , उसवे उपरकक धिद्वारद्वाओसं मम दवेरवश तसंग व परवेशद्वान करनवे ककी वनयत सवे आधलप वकयद्वा गयद्वा हहै , उसवे आशसंकद्वा हहै वक उसवे उपरकक ववररत मद्वामलवे मम वगरफ्तद्वार वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हहै , जबवक उसकवे ववरूद्ध ककई ववश्वसनलीय सद्वाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक दद्वारद्वा प्रद्वाथवमककी मम दवशरत उपरकक धिद्वारद्वाओसं कद्वा अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा गयद्वा हहै। आववेदक दद्वारद्वा फजर्जी तरलीकवे सवे ककई कद्वागज तहैयद्वार नहहीं वकयद्वा गयद्वा हहै। आववेदक कवे ववरूद्ध धिद्वारद्वा उक धिद्वारद्वाओसं कद्वा अपरद्वाधि नहहीं बनतद्वा हहै। आववेदक कक प्रश्नगत सम्पधत्ति ककी कतु कर हकनवे ककी ककई जद्वानकद्वारली नहहीं थली उक प्रश्नगत सम्पधत्ति ककी मद्वालवकन दद्वारद्वा तहसलील प्रशद्वासन सवे जद्वारली नकण्डिपूज अदवेय प्रमद्वार पत्र कवे आधिद्वार पर ववश्वद्वास हक गयद्वा थद्वा व सरकद्वारली अवभलवेख ककी उपणस्थवत कवे कद्वारर आववेदक कवे सद्वाथ प्रश्नगत सम्पधत्ति ककी मद्वालवकन नवे धिकखद्वा वकयद्वा हहै धजसककी जद्वानकद्वारली सम्पधत्ति कवे बहैनद्वामद्वा करद्वायवे जद्वानवे कवे बद्वाद आववेदक कक हहई हहै। आववेदक नवे जद्वानबपूझकर ककई कद्वायर नहहीं वकयद्वा हहै। आववेदक कक गलत तरलीकवे सवे जक बहैनद्वामद्वा वकयद्वा गयद्वा हहै, वह आववेदक ककी जद्वानकद्वारली कवे अभद्वाव मम अजद्वानतद्वा वश हहआ जद्वानबपूझकर नहहीं
वकयद्वा गयद्वा हहै। आववेदक कक उपरकक वद्वाद मम आरकप पत्र दद्वाधखल हकनवे ककी ककई जद्वानकद्वारली नहहीं थली तथद्वा जद्वानकद्वारली न हकनवे कवे कद्वारर हद्वाधजर नहहीं हक पद्वायद्वा थद्वा। आववेदक ककी ओर सवे यह भली आश्वद्वासन वदयद्वा गयद्वा हहै वक वह कद्वानपून ककी प्रवक्रियद्वा मम सहयकग करनवे कवे धलए तहैयद्वार हहै और जब भली आवश्यकतद्वा हकगली वह ईमद्वानदद्वारली सवे न्यद्वायद्वालय कवे समक्ष खतुद कक उपलब्धि करद्वाएगद्वा और उन सभली शतर्दोसं कक स्वलीकद्वार करनवे कवे धलए भली तहैयद्वार हहै जक न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकवपत करवेगली।
5.
ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा यह तकर प्रस्ततुत वकयद्वा गयद्वा वक आववेदक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि गसंभलीर प्रकक वत कद्वा हहै तथद्वा कवे स ण्डिद्वायरली कवे सद्वाथ उपलब्धि प्रथम सपूचनद्वा ररपकटर कवे अवलककन सवे स्पष्ट हहै वक प्रस्ततुत प्रकरर मम आववेदक व अन्य सह-अवभयतुकगर दद्वारद्वा रद्वावत्र कवे वक एक रद्वाय हककर हधथयद्वाररों सवे लहैस हककर अवहैधि रूप सवे तहसलील प्रशद्वासन दद्वारद्वा कतु कर ककी गई ससंपधत्ति पर कब्जद्वा करनवे ककी नलीयत सवे तकड़फकड़ कर ध्वस्त वकयद्वा गयद्वा व सतुरक्षकमर्जी/पतुधलस बल दद्वारद्वा रककवे जद्वानवे पर बद्वात नहहीं मद्वानली गयली। प्रस्ततुत प्रकरर मम आववेदक ककी घटनद्वा मम ससंधलपतद्वा पद्वातवे हहए उसकवे ववरूद्ध ववववेचनद्वा उपरद्वासंत पतुधलस दद्वारद्वा आरकप -पत्र न्यद्वायद्वालय मम प्रवेवरत वकयद्वा गयद्वा हहै तथद्वा ससंबसंधधित ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा आववेदक ककी उपणस्थवत हवेततु सम्मन जद्वारली वकयद्वा गयद्वा हहै, वकन्ततु आववेदक न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत नहहीं आयद्वा हहै। आववेदक कवे ववरूद्ध न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा गहैरजमद्वानतली अधधिपत्र व नकवटस आवद जद्वारली वकए गयवे एवसं एस०एस०पली० कक पत्र धलखवे जद्वानवे आदवेवशकद्वाएसं जद्वारली ककी गयली हह , वकन्ततु आववेदक न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा जद्वारली आदवेवशकद्वाओसं कवे अनतुपद्वालन हवेततु न्यद्वायद्वालय मम उपणस्थत नहहीं आ रहद्वा हहै। इसधलए आववेदक कक अवग्रिम जमद्वानत पर मतुक वकयवे जद्वानवे कद्वा ककई औवचत्य प्रतलीत नहहीं हकतद्वा हहै। अततः आववेदक कद्वा अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत्र वनरस्त वकयद्वा जद्वाय।
6. यह कहद्वा जद्वा सकतद्वा हहै वक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे मद्वामलवे मम मद्वाननलीय उच्चतम न्यद्वायद्वालय नवे मद्वानद्वा हहै वक अवग्रिम जमद्वानत पर वनररय करतवे समय न्यद्वायद्वालय कक आरकप ककी प्रकक वत और गसंभलीरतद्वा, अवभयतुक कद्वा पपूवरवकत्ति, अवभयतुक कवे न्यद्वाय सवे भद्वागनवे ककी ससंभद्वावनद्वा पर ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए तथद्वा न्यद्वायद्वालय कक अवभयतुक कवे ववरुद्ध उपलब्धि ससंपपूरर सद्वामग्रिली कद्वा सद्वावधिद्वानलीपपूवरक मपूल्यद्वासंकन करनद्वा चद्वावहए तथद्वा अवभयतुक ककी सटलीक भपूवमकद्वा कक भली ध्यद्वान मम रखनद्वा चद्वावहए।
7. वतरमद्वान मद्वामलवे मम अवग्रिम जमद्वानत ससंबसंधिली ववधधि कवे स्थद्वावपत धसद्धद्वासंतरों कक ध्यद्वान मम रखतवे हहए और पक्षकद्वाररों कवे ववदद्वान अधधिवकद्वाओसं कवे कथनरों , आरकपरों ककी प्रकक वत , आववेदक ककी भपूवमकद्वा और मद्वामलवे कवे सभली तथ्यरों एवसं पररणस्थवतयरों कक ध्यद्वान मम रखतवे हहए तथद्वा मद्वामलवे कवे गतुर-दकर पर वबनद्वा ककई ववचद्वार व्यक वकए यह अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत्र स्वलीकद्वार वकए
जद्वानवे यकग्य नहहीं हहै, तद्नतुसद्वार आववेदक कद्वा अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत्र अस्वलीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हहै।
8. उपरककद्वानतुसद्वार वद्वाद कवे गतुर-दकर पर वटप्परली वकयवे बगहैर यह अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत्र वनरस्त वकयद्वा जद्वातद्वा हहै।
9. इस वद्वाद मम यवद ककई असंतररम आदवेश हक, तक वह स्वततः समद्वाप समझद्वा जद्वाए।
10.
कद्वायद्वारलय कक वनदरवशत वकयद्वा जद्वातद्वा हहै वक इस आदवेश ककी एक प्रवतधलवप अववलम्ब ससंबसंधधित ववचद्वारर न्यद्वायद्वालय कवे भवेजनद्वा सतुवनणश्चत करम तथद्वा आववेदक वनयवमत जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत्र प्रस्ततुत करनवे हवेततु स्वतसंत्र हहै। Order Date :- 16.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad