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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 112249 (ALL)
SANJEEV KUMAR GUPTA ALIAS SANJEEV GUPTA v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
ABAIL/12132/2024 · 2025-07-10
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 112249 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:110900 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 12132 of 2024 Applicant :- Sanjeev Kumar Gupta Alias Sanjeev Gupta Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Arjun Singh Solanki,Utkarsh Shubham Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा ककी तरफ सवे आज पपूरक शपथपत्र कवे मद्वाध्यम सवे ससंबसंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे आदवेश फलक ककी प्रमद्वावणत प्रवतधलवप दद्वाधखिल ककी गययी हह , धजसवे पत्रद्वावलयी पर रखिद्वा जद्वाए।
2. वतरमद्वान दद्वाणणण्डिक प्रककीणर अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वा पत्र आववेदक ससंजयीव कक मद्वार गकपद्वा उफर ससंजयीव गकपद्वा ककी ओर सवे मक०अ०स० 0285/2023, अन्तगरत धिद्वारद्वा 3/7 आवश्यक वस्तक अधधिवनयम, थद्वानद्वा अमद्वासंपकर, धजलद्वा कद्वासगसंज मम अवग्रिम जमद्वानत पर मकक करनवे हवेतक प्रस्तकत वकयद्वा गयद्वा हह।
3. आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा एवसं ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा शयी चसंदन धससंह कक सकनद्वा तथद्वा पत्रद्वावलयी कद्वा पररशयीलन वकयद्वा।
4.
आववेदक कवे ववदद्वान अधधिवकद्वा नवे तकर प्रस्तकत वकयद्वा वक आववेदक वनदर्दोष हह , उसवे उपरकक धिद्वारद्वाओसं मम दवेषवश तसंग व परवेशद्वान करनवे ककी वनयत सवे आधलप वकयद्वा गयद्वा हह , उसवे आशसंकद्वा हह वक उसवे उपरकक ववणरत मद्वामलवे मम वगरफ्तद्वार वकयद्वा जद्वा सकतद्वा हह , जबवक उसकवे ववरूद्ध ककई ववश्वसनयीय सद्वाक्ष्य नहहीं हह। आववेदक दद्वारद्वा प्रद्वाथवमककी मम दवशरत उपरकक धिद्वारद्वाओसं कद्वा अपरद्वाधि कद्वाररत नहहीं वकयद्वा गयद्वा हह। आवदवेदक दद्वारद्वा वतरमद्वान वद्वाद कक कद्वाररत करनवे कद्वा न तक ककई हवेतकक हह, न हयी ककई सरककद्वार हह। आववेदक दद्वारद्वा फवररलद्वाइजर कद्वा अवहधि भसंण्डिद्वारण नहहीं वकयद्वा गयद्वा थद्वा , आववेदक कवे पद्वास उपरकक कद्वारकबद्वार ससंचद्वाधलत करनवे कद्वा वहधि प्रमद्वाणपत्र हह। रद्वासद्वायवनक परयीक्षण आख्यद्वा कवे अनकसद्वार उक बरद्वामद फवररलद्वाइजर उच्च गकणवतद्वा कद्वा थद्वा। ववववेचक दद्वारद्वा वतरमद्वान वद्वाद मम आरकपपत्र दद्वाधखिल वकयद्वा जद्वा चककद्वा हह तथद्वा आववेदक कक ससंबसंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा तलब वकयद्वा गयद्वा हह। आववेदक कक पपूवर मम आदवेश वदनद्वासंक 03.03.2025 कक असंतररम जमद्वानत प्रदद्वान ककी गययी हह , धजसमम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अधधिरकवपत शतर्दोसं कद्वा आववेदक दद्वारद्वा अनकपद्वालन वकयद्वा जद्वा रहद्वा हह तथद्वा कक छ वतधथययों पर स्वयसं कवे इलद्वाज हवेतक अनकपणस्थत थद्वा। उक कवे ससंबसंधि मम वचवकत्सयीय प्रमद्वाणपत्र भयी ससंलग्न वकयद्वा गयद्वा हह।
आववेदक ककी ओर सवे यह भयी आश्वद्वासन वदयद्वा गयद्वा हह वक वह कद्वानपून ककी प्रवक्रियद्वा मम सहयकग करनवे कवे धलए तहयद्वार हह और जब भयी आवश्यकतद्वा हकगयी वह ईमद्वानदद्वारयी सवे न्यद्वायद्वालय कवे समक्ष खिकद कक उपलब्धि करद्वाएगद्वा और उन सभयी शतर्दोसं कक स्वयीकद्वार करनवे कवे धलए भयी तहयद्वार हह जक न्यद्वायद्वालय उस पर अधधिरकवपत करवेगयी।
5.
ववदद्वान अपर शद्वासककीय अधधिवकद्वा दद्वारद्वा यह तकर प्रस्तकत वकयद्वा गयद्वा वक अवभयकक दद्वारद्वा कद्वाररत अपरद्वाधि गसंभयीर प्रकक वत कद्वा हह तथद्वा फजर्जी तरयीकवे सवे आववेदक दद्वारद्वा फवररलद्वाइजर कद्वा भसंण्डिद्वारण एवसं व्यद्वापद्वार वकयद्वा जद्वा रहद्वा थद्वा। पपूवर मम प्रद्वाप अवग्रिम जमद्वानत मम न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा अधधिरकवपत शतर्दोसं कद्वा आववेदक दद्वारद्वा पद्वालन नहहीं वकयद्वा जद्वा रहद्वा हह तथद्वा अनद्वावश्यक रूप सवे स्वयसं उपणस्थत न हककर हद्वाधजरयी मद्वाफकी कद्वा आववेदनपत्र वदयद्वा जद्वातद्वा रहद्वा हह एवसं जक भयी वचवकत्सयीय प्रपत्र लगद्वायद्वा गयद्वा हह उसमम हहॉणस्परल सवे वण्डिस्चद्वाजर कद्वा वषर 2023 कद्वा असंवकत हह, वकन्तक आववेदक कक असंतररम जमद्वानत वषर 2025 मम प्रद्वाप हहई हह, धजससवे यह स्पष्ट हकतद्वा हह वक आववेदक दद्वारद्वा जद्वानबपूझकर अनद्वावश्यक स्थगन धलयद्वा जद्वा रहद्वा हह तथद्वा न्यद्वावयक प्रवक्रियद्वा मम सहयकग नहहीं वकयद्वा जद्वा रहद्वा हह, इसधलए आववेदक कक अवग्रिम जमद्वानत पर मकक वकयवे जद्वानवे कद्वा ककई औवचत्य प्रतयीत नहहीं हकतद्वा हह। अततः अवभयकक कद्वा अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत्र वनरस्त वकयद्वा जद्वाय।
6. यह कहद्वा जद्वा सकतद्वा हह वक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे मद्वामलवे मम मद्वाननयीय उच्चतम न्यद्वायद्वालय नवे मद्वानद्वा हह वक अवग्रिम जमद्वानत पर वनणरय करतवे समय न्यद्वायद्वालय कक आरकप ककी प्रकक वत और गसंभयीरतद्वा, अवभयकक कद्वा पपूवरवकत, अवभयकक कवे न्यद्वाय सवे भद्वागनवे ककी ससंभद्वावनद्वा पर ववचद्वार करनद्वा चद्वावहए तथद्वा न्यद्वायद्वालय कक अवभयकक कवे ववरुद्ध उपलब्धि ससंपपूणर सद्वामग्रियी कद्वा सद्वावधिद्वानयीपपूवरक मपूल्यद्वासंकन करनद्वा चद्वावहए तथद्वा अवभयकक ककी सरयीक भपूवमकद्वा कक भयी ध्यद्वान मम रखिनद्वा चद्वावहए।
7. वतरमद्वान मद्वामलवे मम अवग्रिम जमद्वानत ससंबसंधियी ववधधि कवे स्थद्वावपत धसद्धद्वासंतयों कक ध्यद्वान मम रखितवे हहए और पक्षकद्वारयों कवे ववदद्वान अधधिवकद्वाओसं कवे कथनयों , आरकपयों ककी प्रकक वत , आववेदक ककी भपूवमकद्वा और मद्वामलवे कवे सभयी तथ्ययों एवसं पररणस्थवतययों कक ध्यद्वान मम रखितवे हहए , आववेदक कक पपूवर मम सशतर असंतररम जमद्वानत न्यद्वायद्वालय दद्वारद्वा प्रदद्वान ककी गययी थयी, वकन्तक आववेदक दद्वारद्वा उक शतर्दोसं कद्वा अनकपद्वालन नहहीं वकयद्वा जद्वा रहद्वा हह तथद्वा अनद्वावश्यक स्थगन लवेकर न्यद्वावयक प्रवक्रियद्वा मम सहयकग प्रदद्वान न करकवे पपूवर मम प्रद्वाप असंतररम जमद्वानत कद्वा दकरुपयकग कर रहद्वा हह, अततः मद्वामलवे कवे गकण-दकष पर वबनद्वा ककई ववचद्वार व्यक वकए यह अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत्र स्वयीकद्वार वकए जद्वानवे यकग्य नहहीं हह, तद्नकसद्वार आववेदक कद्वा अवग्रिम जमद्वानत आववेदन पत्र अस्वयीकद्वार वकयद्वा जद्वातद्वा हह।
8. उपरककद्वानकसद्वार वद्वाद कवे गकण-दकष पर वरप्पणयी वकयवे बगहर यह अवग्रिम जमद्वानत प्रद्वाथरनद्वापत्र वनरस्त वकयद्वा जद्वातद्वा हह।
9. इस वद्वाद मम यवद ककई असंतररम आदवेश हक, तक वह स्वततः समद्वाप समझद्वा जद्वाए।
10.
कद्वायद्वारलय कक वनदरवशत वकयद्वा जद्वातद्वा हह वक इस आदवेश ककी एक प्रवतधलवप अववलम्ब ससंबसंधधित ववचद्वारण न्यद्वायद्वालय कवे भवेजनद्वा सकवनणश्चत करम। Order Date :- 11.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad