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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 112248 (ALL)
KUMARI PRIYA GUPTA ALIAS PRIYA GUPTA v. STATE OF U.P. AND ANOTHER
ABAIL/12144/2024 · 2025-07-10
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 112248 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC:111019 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 12144 of 2024 Applicant :- Kumari Priya Gupta Alias Priya Gupta Opposite Party :- State of U.P. and Another Counsel for Applicant :- Arjun Singh Solanki,Utkarsh Shubham Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. आववेददिकका कवे दवदकान अधधिवकका ककी तरफ सवे आज पपूरक शपथपत्र कवे मकाध्यम सवे ससंबसंधधित दवचकारण न्यकायकालय कवे आदिवेश फलक ककी प्रमकादणत प्रदतधलदप दिकाधखिल ककी गययी हह, धजसवे पत्रकावलयी पर रखिका जकाए।
2. वतरमकान दिकाणणण्डिक प्रककीणर अदग्रिम जमकानत प्रकाथरनका पत्र आववेददिकका कक ० दप्रयका गकपका उफर दप्रयका गकपका ककी ओर सवे मक०अ०स० 0285/2023, अन्तगरत धिकारका 3/7 आवश्यक वस्तक अधधिदनयम, थकानका अमकासंपकर, धजलका ककासगसंज मम अदग्रिम जमकानत पर मकक करनवे हवेतक प्रस्तकत दकयका गयका हह।
3. आववेददिकका कवे दवदकान अधधिवकका एवसं दवदकान अपर शकासककीय अधधिवकका शयी चसंदिन धससंह कको सकनका तथका पत्रकावलयी कका पररशयीलन दकयका।
4. आववेददिकका कवे दवदकान अधधिवकका नवे तकर प्रस्तकत दकयका दक आववेददिकका दनदिर्दोष हह, उसवे उपरकोक धिकारकाओसं मम दवेषवश तसंग व परवेशकान करनवे ककी दनयत सवे आधलप दकयका गयका हह, उसवे आशसंकका हह दक उसवे उपरकोक वदणरत मकामलवे मम दगरफ्तकार दकयका जका सकतका हह, जबदक उसकवे दवरूद्ध ककोई दवश्वसनयीय सकाक्ष्य नहहीं हह। आववेददिकका दकारका प्रकाथदमककी मम दिदशरत उपरकोक धिकारकाओसं कका अपरकाधि ककाररत नहहीं दकयका गयका हह। आववेददिकका दकारका वतरमकान वकादि कको ककाररत करनवे कका न तको ककोई हवेतकक हह , न हयी ककोई सरकोककार हह। आववेददिकका दकारका फदररलकाइजर कका अवहधि भसंण्डिकारण नहहीं दकयका गयका थका, आववेददिकका कवे दपतका कवे पकास उपरकोक ककारकोबकार ससंचकाधलत करनवे कका वहधि प्रमकाणपत्र हह। रकासकायदनक परयीक्षण आख्यका कवे अनकसकार उक बरकामदि
फदररलकाइजर उच्च गकणवतका कका थका। दवववेचक दकारका वतरमकान वकादि मम आरकोपपत्र दिकाधखिल दकयका जका चककका हह तथका आववेददिकका कको ससंबसंधधित दवचकारण न्यकायकालय दकारका तलब दकयका गयका हह। आववेदिक कको पपूवर मम आदिवेश ददिनकासंक 03.03.2025 कको असंतररम जमकानत प्रदिकान ककी गययी हह , धजसमम न्यकायकालय दकारका अधधिरकोदपत शतर्दोसं कका आववेदिक दकारका अनकपकालन दकयका जका रहका हह। आववेददिकका ककी ओर सवे यह भयी आश्वकासन ददियका गयका हह दक वह ककानपून ककी प्रदक्रियका मम सहयकोग करनवे कवे धलए तहयकार हह और जब भयी आवश्यकतका हकोगयी वह ईमकानदिकारयी सवे न्यकायकालय कवे समक्ष खिकदि कको उपलब्धि करकाएगयी और उन सभयी शतर्दोसं कको स्वयीककार करनवे कवे धलए भयी तहयकार हह जको न्यकायकालय उस पर अधधिरकोदपत करवेगयी।
5.
दवदकान अपर शकासककीय अधधिवकका दकारका यह तकर प्रस्तकत दकयका गयका दक आववेददिकका दकारका ककाररत अपरकाधि गसंभयीर प्रकक दत कका हह तथका फजर्जी तरयीकवे सवे आववेददिकका एवसं उसकवे दपतका दकारका फदररलकाइजर कका भसंण्डिकारण एवसं व्यकापकार दकयका जका रहका थका। पपूवर मम प्रकाप अदग्रिम जमकानत मम न्यकायकालय दकारका अधधिरकोदपत शतर्दोसं कका आववेददिकका दकारका पकालन नहहीं दकयका जका रहका हह तथका अनकावश्यक रूप सवे स्वयसं उपणस्थत न हकोकर हकाधजरयी मकाफकी कका आववेदिनपत्र ददियका जकातका रहका हह , दवचकारण न्यकायकालय कवे आदिवेश फलक कवे अवलकोकन सवे दवददित हकोतका हह दक आववेददिकका दकारका जकानबपूझकर अनकावश्यक स्थगन धलयका जका रहका हह तथका न्यकादयक प्रदक्रियका मम सहयकोग नहहीं दकयका जका रहका हह, इसधलए आववेददिकका कको अदग्रिम जमकानत पर मकक दकयवे जकानवे कका ककोई औदचत्य प्रतयीत नहहीं हकोतका हह। अततः आववेददिकका कका अदग्रिम जमकानत आववेदिन पत्र दनरस्त दकयका जकाय।
6. यह कहका जका सकतका हह दक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे मकामलवे मम मकाननयीय उच्चतम न्यकायकालय नवे मकानका हह दक अदग्रिम जमकानत पर दनणरय करतवे समय न्यकायकालय कको आरकोप ककी प्रकक दत और गसंभयीरतका, अदभयकक कका पपूवरवकत, अदभयकक कवे न्यकाय सवे भकागनवे ककी ससंभकावनका पर दवचकार करनका चकादहए तथका न्यकायकालय कको अदभयकक कवे दवरुद्ध उपलब्धि ससंपपूणर सकामग्रियी कका सकावधिकानयीपपूवरक मपूल्यकासंकन करनका
चकादहए तथका अदभयकक ककी सरयीक भपूदमकका कको भयी ध्यकान मम रखिनका चकादहए।
7. वतरमकान मकामलवे मम अदग्रिम जमकानत ससंबसंधियी दवधधि कवे स्थकादपत धसद्धकासंततों कको ध्यकान मम रखितवे हहए और पक्षककारतों कवे दवदकान अधधिवककाओसं कवे कथनतों , आरकोपतों ककी प्रकक दत, आववेददिकका ककी भपूदमकका और मकामलवे कवे सभयी तथ्यतों एवसं पररणस्थदतयतों कको ध्यकान मम रखितवे हहए, आववेददिकका कको पपूवर मम सशतर असंतररम जमकानत न्यकायकालय दकारका प्रदिकान ककी गययी थयी, दकन्तक आववेददिकका दकारका उक शतर्दोसं कका अनकपकालन नहहीं दकयका जका रहका हह तथका अनकावश्यक स्थगन लवेकर न्यकादयक प्रदक्रियका मम सहयकोग प्रदिकान न करकवे पपूवर मम प्रकाप असंतररम जमकानत कका दिकरुपयकोग कर रहका हह , अततः मकामलवे कवे गकण -दिकोष पर दबनका ककोई दवचकार व्यक दकए यह अदग्रिम जमकानत आववेदिन पत्र स्वयीककार दकए जकानवे यकोग्य नहहीं हह, तद्नकसकार आववेददिकका कका अदग्रिम जमकानत आववेदिन पत्र अस्वयीककार दकयका जकातका हह।
8. उपरकोककानकसकार वकादि कवे गकण-दिकोष पर दरप्पणयी दकयवे बगहर यह अदग्रिम जमकानत प्रकाथरनकापत्र दनरस्त दकयका जकातका हह।
9. इस वकादि मम यददि ककोई असंतररम आदिवेश हको, तको वह स्वततः समकाप समझका जकाए।
10.
ककायकारलय कको दनदिरदशत दकयका जकातका हह दक इस आदिवेश ककी एक प्रदतधलदप अदवलम्ब ससंबसंधधित दवचकारण न्यकायकालय कवे भवेजनका सकदनणश्चत करम। Order Date :- 11.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad