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High Court of Chhattisgarh · body

2025 DAILYLAW 11224 (CHH)

BHUNESHWAR SAHU v. STATE OF CHHATTISGARH

CRA/17/2007 · 2025-03-25

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 2025:CGHC:14390 अ्ቚतिवे्ቕ छ्ቈीसगढ़ उ्ሴ न्यायालय , बि'लासपुर दाቄኌ-.क अपील ्ቅमांक -17 /2007 1. भुवने्ቫर साहू बिपा-हरिरलाल साहू, उ्቞-लगभग 25 व्ቧ<, पेशा-सायकल दुकान व कृ बि्ቧ, बिनवासी-सूखापाली, थाना-सरिरया, हसील-सारंगढ़, जिBला-रायगढ़, छ्ቈीसगढ़ -----अपीलाथC बिवरू्ሾ  छ्ቈीसगढ़ शासन, ्ቛारा थाना-सरिरया, हसील-सारंगढ़, जिBला-रायगढ़, छ्ቈीसगढ़ -----उ्ቈरवादी अपीलाथC ्ቛारा : ्ቦी रूप नायक, अतिIव्ሹा सह ्ቦी संBीव कु मार साहू, अतिIव्ሹा। शासन/उ्ቈरवादी ्ቛारा : ्ቦी अरिሷवद दु'े, शासकीय अतिIव्ሹा । माननीय न्यायमूቔኌ ्ቦी संBय कु मार Bायसवाल !! पीठ पर बिन्ቓ<य !! 25/03/2025 1. इस न्यायालय ्ቛारा बिदनांक-12/03/2025 को अपीलाथC के बिवरू्ሾ गैर Bमानी वारंट Bारी कर उसे बिदनांक-25/03/2025 को न्यायालय में उपቄኌXथ होने हेु आदेशिश बिकया गया था । उ्ሹ आदेश के परिरपालन में अपीलाथC आB Xवः उपቄኌXथ । POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.03.26 14:02:07 +0530 2 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 2. द-. ्ቚबि्ቅया संबिहा, 1973 की Iारा-374 (2) के ह ्ቚXु इस दाቄኌ-.क अपील में बिवचार्ቓ न्यायालय-बि्ቛीय अपर स्ቔ न्यायाIीश, रायगढ़, कै म्प कोट<- सारंगढ़, छ्ቈीसगढ़ ्ቛारा स्ቔ ्ቚकर्ቓ ्ቅमांक-109/2005 “छ्ቈीसगढ़ शासन बिवरू्ሾ भुवने्ቫर साहू” में पारिर बिन्ቓ<य बिदनांक-29/12/2006 को चुनौी दी गई है । जिBसके ह अपीलाथC को बिनम्नानुसार दो्ቧजिस्ቍ कर दቄኌ-. बिकया गया है । जिBसे आगे सं्ቌेप में “्ቚ्቞ाIीन बिन्ቓ<य” से सम्'ोतिI बिकया Bा रहा हैः- दो्ቧजिसति्ቍ द-.ादेश Iारा-376 भारीय द-. संबिहा, 1860 07 व्ቧ< का स्ቦम कारावास एवं 2,000/- रूपये का अथ<द-. था अथ<द-. राशिश अदा न करने की दशा में 03 माह के अतिरिर्ሹ स्ቦम कारावास की सBा से दቄኌ-. बिकया गया । Iारा-450 भारीय द-. संबिहा, 1860 07 व्ቧ< का स्ቦम कारावास एवं 2,000/- रूपये का अथ<द-. था अथ<द-. राशिश अदा न करने की दशा में 03 माह के अतिरिर्ሹ स्ቦम कारावास की सBा से दቄኌ-. बिकया गया । दोनों मूल सBायें साथ-साथ चलेंगी । 3. अशिभयोBन मामला सं्ቌेप में इस ्ቚकार है बिक 30 व्ቧCय अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) अपने पति और '्ሴों के साथ ्ቇाम-सूखापाली में बिनवासर थी । घटना बिदनांक- 04/08/2005 को दोपहर लगभग 02:30 अशिभयोक््ቔी अपने घर में अके ली थी था उसका पति काय<वश 'ाहर गया हुआ था और उसके '्ሴे बिव्ቕालय गये हुए थे । सास था Bेठ-Bेठानी उसी मकान में पृथक-पृथक बिनवास करे हैं Bो बिक कशिथ 3 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} घटना के समय उसी मकान के दूसरे बिहXसे में मौBूद थें और वह घर के परछी में सोयी थी । इसी दौरान अपीलाथC भुवने्ቫर साहू घर में घुसकर उसका हाथ-'ांह पकड़कर खींचे हुए अंदर ले गया और Bमीन में पटक बिदया था उसके साथ 'लात्संग करने लगा ो वह तिच्ቤायी और अपने 'चाव का ्ቚयास की । 'लात्संग के दौरान ही अशिभयोक््ቔी की सास (अ०सा०-2) आयी ो उसे देखकर अपीलाथC भागने लगा और तिच्ቤाने की आवाB सुनकर उसके Bेठ (अ०सा०-15) व Bेठानी (अ०सा०-3) आये और अपीलाथC को पकड़ने का ्ቚयास बिकये ो वह छु ड़ाकर भाग गया । B' उसका पति (अ०सा०-14) वापस घर आया ो उसे घटना 'ायी । बिwर उसी बिदन थाना-सरिरया में अपीलाथC के बिवरू्ሾ नामBद रिरपोट< दB< करवायी जिBसपर पुलिलस ्ቛारा ्ቚदश< पी-1 का ्ቚथम सूचना प्ቔ कायम बिकया गया । अशिभयोक््ቔी से उसकी साड़ी, पेटीकोट एवं अंरवኚᮌ की Bब्ी ्ቚदश< पी-2 के ह की गई । अनुमति था सहमति उपरां अशिभयोक््ቔी का .ाॅक्टरी परी्ቌ्ቓ करवाया गया । घटनाXथल का मौका नक्शा ्ቚदश< पी-4 ैयार बिकया गया । अपीलाथC के अंरवኚᮌ की Bब्ी ्ቚदश< पी-12 के ह की गई । .ॉक्टर ्ቛारा ैयार कर दी गई Xलाई. था Bब् वኚᮌों को रासायबिनक परी्ቌ्ቓ हेु भेBा गया । साति्ቌयों के 'यान लिलये गये । अपीलाथC का भी .ॉक्टरी परी्ቌ्ቓ करवाया गया । संपू्ቓ< बिववेचना उपरां अशिभयोगप्ቔ पेश बिकया गया । 4. अशिभयोBन की ओर से अपने प्ቌ समथ<न में 20 साति्ቌयों का परी्ቌ्ቓ था 25 दXावेB ्ቚदश< तिचन्हांबिक करवाये गये । Iारा-313 द-. ्ቚबि्ቅया संबिहा के ह 'यान में अपीलाथC ने अपने बिवपरी साति्ቌयों के कथनों को इन्कार करे हुए कहा है बिक वह बिनद~्ቧ है और उसे झूठा wं साया गया है । उसकी ओर से 'चाव में बिकसी सा्ቌी का परी्ቌ्ቓ नहीं करवाया गया । उभयप्ቌ काे सुना Bाकर बिवचार्ቓ न्यायालय 4 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} ्ቛारा अपीलाथC को इस बिन्ቓ<य की कቄኌ-.का-2 के अनुसार दो्ቧजिस्ቍ कर दቄኌ-. बिकया गया है । जिBसे इस अपील में चुनौी दी गई है । 5. अपीलाथC प्ቌ के बिव्ቛान अतिIव्ሹा का क< है बिक अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) एक 30 व्ቧCय बिववाबिह मबिहला है Bो इस मामले में सहम प्ቌ रही है । उसने अशिभयोक््ቔी के साथ कोई B'रदXी नहीं बिकया है । घटना को अशिभयोक््ቔी की सास ्ቛारा देख लिलये Bाने पर और सास ्ቛारा तिच्ቤाने पर अशिभयोक््ቔी के Bेठ-Bेठानी, Bो उसी मकान के दूसरे बिहXसे में मौBूद थे, उनके आ Bाने पर अपीलाथC के बिवरू्ሾ झूठी रिरपोट< लिलखवायी गई है । बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा साቌኚय की उतिच रूप से समी्ቌा न करे हुए अपीलाथC को ्ቔुबिटपूव<क दो्ቧजिस्ቍ कर दቄኌ-. बिकया गया है । अपीलाथC की दो्ቧजिसति्ቍ संदेह से परे Xप्ቖ, पया<्቎ और बिव्ቫसनीय साቌኚय पर आIारिर नहीं है । “्ቚ्቞ाIीन बिन्ቓ<य” ቄኌXथर रखे Bाने योग्य नहीं है । अः अपील Xवीकार कर उसे दो्ቧमु्ሹ बिकया Bाये । 6. उ्ቈरवादी/शासन प्ቌ की ओर से उपቄኌXथ बिव्ቛान अतिIव्ሹा ने इस अपील का बिवरोI करे हुए क< बिकया है बिक अशिभयोBन साति्ቌयों ने पू्ቓ< रूप से अशिभयोBन मामले का समथ<न बिकया है जिBनपर अबिव्ቫास बिकये Bाने का कोई कार्ቓ नहीं है । बिवचार्ቓ न्यायालय का “्ቚ्቞ाIीन बिन्ቓ<य” साቌኚय की उतिच समी्ቌा पर आIारिर है । अशिभयोBन ने अपीलाथC के बिवरू्ሾ अपना मामला संदेह से परे ्ቚमाशि्ቓ बिकया है । अपीलाथC प्ቌ ्ቛारा अपील में उठाये गये क< Xवीकार योग्य नहीं है । अः अपील खारिरB बिकया Bाये । 7. उभयप्ቌ का क< सुना गया और अशिभलेख का सूቌኚमापूव<क परिरशीलन बिकया गया । 5 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 8. अशिभयोBन के ्ቚXु साቌኚय से यह ቄኌXथति Xप्ቖ है बिक अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) एक 30 व्ቧCय बिववाबिह मबिहला है जिBसके 02 '्ሴे भी हैं । वह उसी ्ቇाम- सूखापाली के शासकीय बिव्ቕालय में रसोईया का काम करने करी' 10:00 'Bे Bाी थी Bो मध्यान्ह भोBन 'नाी थी । उसी बिव्ቕालय में उसके '्ሴे भी अध्ययनर थे । वह दोपहर में वापस अपने घर भी आी थी और पुनः बिव्ቕालय Bाी थी । बिव्ቕालय से उसके घर की दूरी मा्ቔ ½ बिकलोमीटर की रही । यह ቄኌXथति Xप्ቖ होी है बिक अशिभयोक््ቔी के पति (अ०सा०-14) का भाई (अ०सा०- 15) है जिBसकी पत्नी (अ०सा०-3) हैं । दोनों भाईयों का आपस में 'ंटवारा हो चुका है । मकान का एक बिहXसा अशिभयोक््ቔी के पति (अ०सा०-14) को ो दूसरा बिहXसा अशिभयोक््ቔी के Bेठ (अ०सा०-15) को बिमला है, 'ीच में दीवार 'ायी गयी है । अशिभयोक््ቔी प्ቌ के मकान के बिहXसे में अशिभयोक््ቔी के पति ्ቛारा हालर बिमल भी चलाया Bाा है और दोनों भाईयों के बिहXसे के 'ीच में उनकी माँ (अ०सा०-2) को एक कमरा बिमला हुआ है । कशिथ घटना के समय अशिभयोक््ቔी की सास (अ०सा०-2) उस मकान के सामने ቄኌXथ अलेखराम के घर गई हुई थी । घटनाXथल वाले मकान की संपू्ቓ< ቄኌXथति पटवारी ्ቛारा ैयार नक्शा ्ቚदश< पी-4 से Xप्ቖ होा है । यह भी Xप्ቖ होा है बिक अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) के मकान के जिBस बिहXसे में घटना कारिर होना 'ाया गया है उससे लगा हुआ ही उसके Bेठ (अ०सा०-15) के मकान का बिहXसा है और उन दोनों के मकान के ीन रw अन्य लोगों के मकान है । अशिभयोक््ቔी के घटनाXथल वाले कमरे से तिच्ቤाने पर उसके Bेठ के मकान में भी सुनाई देगा था आस-पड़ोस में भी सुनाई देगा । यह ቄኌXथति भी Xप्ቖ है बिक कशिथ घटना के समय अशिभयोक््ቔी की Bेठानी (अ०सा०- 3) और Bेठ (अ०सा०-15) अपने बिहXसे के मकान में ही मौBूद थे । 6 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 9. A. No.-17 of 2007} 9. न्यायालयीन 'यान में अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) ने अपीलाथC के बिवरू्ሾ अशिभयोBन के मामले की पुबि्ቖ की है । .ॉक्टर Bय कु मार चौIरी (अ०सा०-9) ने अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) का घटना के दूसरे ही बिदन बिदनांक-05/08/2005 को .ॉक्टरी परी्ቌ्ቓ कर ्ቚतिवेदन ्ቚदश< पी-10 बिदया है । जिBसके अनुसार इस 'ा' बिनति‡ अशिभम नहीं आया है बिक कशिथ घटना के समय अशिभयोक््ቔी के साथ B'रन 'लात्संग हुआ हो । उसके शरीर पर बिकसी ्ቚकार के कोई चोट नहीं पाये गये हैं । मामले में अशिभयोक््ቔी के Xलाई. ैयार कर और उसके अंरवኚᮌों को Bब् कर रासायबिनक परी्ቌ्ቓ हेु भेBा गया है । रासायबिनक परी्ቌ्ቓ रिरपोट< ्ቚा्቎ भी हुई है, िሷकु उसे ्ቚदश< तिचन्हांबिक नहीं बिकया गया है । उस परी्ቌ्ቓ रिरपोट< के अनुसार वीय< था मानव शु्ቅा्ቓु पाये गये हैं, िሷकु उस Bांच रिरपोट< के 'ा' Iारा-313 द-. ्ቚबि्ቅया संबिहा के ह 'यान में अपीलाथC से कोई ्ቚ्቞ पूछकर उसका Xप्ቖीकर्ቓ नहीं लिलया गया है । अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) एक बिववाबिह मबिहला है और रिरपोट< के समय घर में उसके पति की भी उपቄኌXथति थी । ऐसी दशा में, B' अन्य कोई परी्ቌ्ቓ रिरपोट< नहीं है ' बिनति‡ रूप से यह नहीं कहा Bा सका बिक अशिभयोक््ቔी के Xलाई. या कपड़ों में पाया गया वीय< या मानव शु्ቅाु्ቓ अपीलाथC का ही हो । Iारा-313 द-. ्ቚबि्ቅया संबिहा के ह उ्ሹ परी्ቌ्ቓ रिरपोट< के 'ा' अपीलाथC से ्ቚ्቞ पूछ कर उसका कोई Xप्ቖीकर्ቓ नहीं लिलया गया है । इसलिलए भी उ्ሹ Bांच रिरपोट< को अपीलाथC के बिवरू्ሾ दो्ቧजिसति्ቍ का आIार नहीं 'नाया Bा सका । 10. अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) के सहम या असहम होने का ्ቚ्቞ है? इस सं'ंI में, अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1), उसकी Bेठानी (अ०सा०-3), Bेठ (अ०सा०-15) 7 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} एवं सास (अ०सा०-2) के 'यान से यह Xप्ቖ होा है बिक B' सास उस कशिथ कमरे में पहुंची ो उसने अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) के साथ अपीलाथC को संबिदग्I अवXथा में देख लिलया था । Bेठानी (अ०सा०-3) और Bेठ (अ०सा०-15) के अनुसार वे सास (अ०सा०-2) के तिच्ቤाने की आवाB सुनकर मौके पर पहुंचे थे । B'बिक Xवयं सास (अ०सा०-2) का कथन है बिक वह अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) के तिच्ቤाने पर मौके पर पहुंची थी । 11. सभी साति्ቌयों के 'यान को सम्ቇ रूप से देखे ो यह ቄኌXथति Xप्ቖ होी है बिक यबिद अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) ्ቚारंभ में ही आवाB देकर सहाया की मांग करी ो उसी घर के दूसरे बिहXसे में मौBूद Bेठानी (अ०सा०-3) और Bेठ (अ०सा०-15) पहले अशिभयोक््ቔी की आवाB सुनकर मौके पर पहुंच सके थे क्योंबिक उसकी सास (अ०सा०-2) बिकसी अन्य के मकान में सामने रw गई हुई थी । अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) ने यह भी 'ाया है बिक अपीलाथC ने उसका और Xवयं का कपड़ा उार बिदया था । उसकी Bेठानी (अ०सा०-3) के कथन में भी आया है बिक B' वह पहुंची ो देखी बिक अशिभयोक््ቔी और अपीलाथC पूरे कपड़े नहीं पहने थे । इसी ्ቚकार का कथन सास (अ०सा०-2) का भी रहा है । अशिभयोक््ቔी ने यह भी कहा है बिक अपीलाथC ने करी' 05 बिमनट क उसके साथ सं'ंI 'नाया था । कቄኌ-.का-22 में वह कही है बिक यबिद सास कमरे में नहीं आयी होी ो उ्ሹ सं'ंI और समय क चला या नहीं चला, इस बिव्ቧय में वह नहीं 'ा सकी । इसी ्ቚकार, उनके साቌኚय में यह थ्य भी आया है बिक घटना को B' सास और Bेठ- Bेठानी ने देख लिलया था अशिभयोक््ቔी के पति (अ०सा०-14) को सूतिच बिकया गया ' गांव में पंचाय की गई थी और पंचाय के प‡ा रिरपोट< दB< करवायी गई । 8 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 12. A. No.-17 of 2007} 12. इन स' अवXथाओं में B' अशिभयोक््ቔी ने यह Xवीकार बिकया है बिक अपीलाथC का उसके घर में पूव< से आना-Bाना था, जिBस थ्य को उसके परिरBनों ने पु्ቖ बिकया है । उस ቄኌXथति में, Bेठ और Bेठानी के इस कथन को देखे हुए बिक उन्होंने अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) के तिच्ቤाने की आवाB नहीं सुनी थी 'ቄኌ‹क सास (अ०सा०-2) के तिच्ቤाने की आवाB सुनकर मौके पर पहुंचे थे । सास (अ०सा०-2) ने कहा है बिक B' वह घर में पहुंची ो उसने अशिभयोक््ቔी (अ०सा०-1) और अपीलाथC को संबिदग्I अवXथा में देख लिलया था, Bो दोनों ही उस समय पूरे कपड़े नहीं पहने हुए थे । उस समय अपीलाथC को पकड़ने का ्ቚयास भी बिकया गया था, िሷकु वह भाग गया था । इसलिलए अशिभयोक््ቔी का यह कथन संदेह से परे बिव्ቫसनीय नहीं पाया Bाा बिक अपीलाथC ने उसके साथ उसकी इच्छा या सहमति के 'गैर 'लपूव<क शारीरिरक सं'ंI 'नाया था । 13. ऐसी दशा में, अपीलाथC की दो्ቧजिसति्ቍ Xप्ቖ, पया<्቎ और बिव्ቫसनीय साቌኚय पर आIारिर नहीं है । अशिभयोक््ቔी और उसके परिरBन साति्ቌयों का 'यान संबिदग्I होने के कार्ቓ अपीलाथC के बिवरू्ሾ मामला संदेह से परे ्ቚमाशि्ቓ नहीं है । ऐसी दशा में, “्ቚ्቞ाIीन बिन्ቓ<य” ቄኌXथर रखे Bाने योग्य नहीं पाया Bाा । 14. अः अपील Xवीकार की Bाी है । “्ቚ्቞ाIीन बिन्ቓ<य” अपाX बिकया Bाा है था अपीलाथC को संदेह का लाभ देे हुए आरोबिप अपराI से दो्ቧमु्ሹ बिकया Bाा है । 15. अपीलाथC को Bमान पर 'ाया गया है । द-. ्ቚबि्ቅया संबिहा, 1973 की Iारा-437 (क) के ह उसका Bमान-मुचलका और 06 माह के लिलए ्ቚभावशील रहेगा त्प‡ा् अन्य न्यायालय में उपቄኌXथ होने की आवश्यका ना रहने पर मु्ሹ समझा Bायेगा । 9 / 9 {Cr. A. No.-17 of 2007} 16. बिन्ቓ<य की ्ቚति के साथ बिवचार्ቓ न्यायालय को मूल अशिभलेख आवश्यक काय<वाही हेु सूचनाथ< एवं पालनाथ< शी्ቈापूव<क वापस ्ቚेबि्ቧ हो । सही/- (संBय कु मार Bायसवाल) न्यायाIीश पोमन