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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 111887 (ALL)

PRAVEEN KUMAR TRIAPTHI v. STATE OF U.P.

ABAIL/12027/2024 · 2025-07-06

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:106560 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 12027 of 2024 Applicant :- Praveen Kumar Triapthi Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Amit Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक प्रववीर कक ममार गतपमाठवी ककी ओर सवे मक०अ०ससं० 24/2021, अन्रररर धमारमा 376, 354C, 323, 506 भमा.दसं.ससं. एवसं धमारमा 67A ससूचनमा प्रप्रौदद्योगरककी अधधगनयम, रमानमा रमानवीपकर, धजलमा मऊ मम अगग्रिम जममानर ककी ममॉर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार यद्योधजर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारवी ककी णसरगर मम आववेदक कद्यो जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे । 2. आववेदक कवे गवदमान अधधवकमा एवसं गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा कद्यो सकनमा ररमा पतमावलवी कमा पररशवीलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान अधधवकमा नवे रकर प्रसरकर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरद्योक धमारमाओसं मम दवेषवश रसंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आधलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसंकमा हहै गक उसवे उपरद्योक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध कद्योई गवश्वसनवीय समाक्ष्य नहहीं हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभवी कद्योई भवी बमाध्यकमारवी प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयवी हहै। आववेदक दमारमा ऐसमा कद्योई भवी अपरमाध कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै , जहैसमागक प्रमारगमककी मम उलवेधखिर हहै। प्ररम ससूचनमा ररपद्योरर मम घरनमा ककी गरधर एवसं समय कमा उलवेखि नहहीं गकयमा रयमा हहै। पवीगड़िरमा कवे करननों एवसं प्रमारगमककी मम परसपर गवरद्योधमाभमास हहै। आववेदक कद्यो रमागाँव ककी पमारर्टीबन्दवी कवे कमारर वररममान वमाद मम गमथ्यमारद्योगपर गकयमा रयमा हहै। पवीगड़िरमा 32 वषर्टीय शमादवीशकदमा मगहलमा हहै ररमा उसकवे दद्यो बच्चवे हह। आववेदक दमारमा पवीगड़िरमा कद्यो ण्डिरमा -धमकमाकर उसकवे समार रलर कक त्य कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै। कधरर ववीगण्डियद्यो ररकमॉगण्डिरर कवे ससंबसंध मम ऐसमा कद्योई भवी समाक्ष्य पतमावलवी पर उपलब्ध नहहीं हहै, धजससवे उपरद्योक आरद्योगपर अपरमाध बनरमा प्ररवीर हद्यो। पसूवर मम आववेदक कद्यो अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत ससं० 7930/2024, आदवेश गदनमासंगकर 18.03.2021 कवे दमारमा पकधलस दमारमा आरद्योपपत दमाधखिल गकयवे जमानवे रक अगग्रिम जममानर प्रदमान ककी जमा चकककी हहै। आववेदक दमारमा अपनवे पसूवर कवे आपरमाधधक इगरहमास कद्यो शपरपत प्रसरर ससं० 27 मम सपष्ट गकयमा रयमा हहै। उक वमाद मम आरद्योपपत प्रसरकर गकयमा जमा चककमा हहै ररमा आववेदक दमारमा न्यमागयक प्रगक्रियमा मम पसूरर सहयद्योर प्रदमान गकयमा जमा रहमा हहै ररमा पकननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जमॉच कवे दप्रौरमान सहयद्योर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जमॉच एजमसवी यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानसून ककी प्रगक्रियमा मम सहयद्योर करनवे कवे धलए रहैयमार हहै और जब भवी आवश्यकरमा हद्योरवी वह ईममानदमारवी सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खिकद कद्यो उपलब्ध करमाएरमा और उन सभवी शरर्दोसं कद्यो सववीकमार करनवे कवे धलए भवी रहैयमार हहै , जद्यो न्यमायमालय उस पर अधधरद्योगपर करवेरवी। 4. गवदमान अपर शमासककीय अधधवकमा दमारमा अगभयकक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरद्योध मम यह रकर प्रसरकर गकयमा रयमा गक इस ममामलवे मम अगभयकक ककी भसूगमकमा पररलगक्षिर हद्यो रहवी हहै ररमा इस घरनमा मम इनककी भसूगमकमा ससंभमाव्य हहै। इसधलए अगभयकक कद्यो अगग्रिम जममानर पर मकक न गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननवीय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय -गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कद्यो आरद्योपनों ककी प्रकक गर और रसंभवीररमा, आरद्योपवी ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कद्यो आरद्योपवी कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभवी समामग्रिवी कमा समावधमानवी सवे मसूल्यमासंकन करनमा चमागहए और आरद्योपवी ककी वमासरगवक भसूगमकमा पर भवी गवचमार करनमा चमागहए। 6. उभय पक्षि कवे रकर्दो एवसं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससंबसंधवी गवधध कवे सरमागपर धसद्धमासंरनों कद्यो ध्यमान मम रखिरवे हहए और पक्षिकमारनों कवे गवदमान अधधवकमाओसं कवे करननों , आरद्योपनों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भसूगमकमा और ममामलवे कवे सभवी रथ्यनों एवसं गवचमारर न्यमायमालय दमारमा गनयर गरधरयनों पर आववेदक कवे गनयगमर रूप सवे उपणसरर हद्योनवे , पररणसरगरयनों कद्यो ध्यमान मम रखिरवे हहए, ममामलवे कवे रकर-दद्योष पर गबनमा कद्योई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सववीकमार गकए जमानवे यद्योग्य हहै। 7. रद्नकसमार, यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सववीकमार गकयमा जमारमा हहै। 8. उपरद्योक मककदममा अपरमाध ससंख्यमा मम सणममधलर आववेदक ककी गररफ्रमारवी ककी दशमा मम , उसवे ससंबसंधधर गवचमारर न्यमायमालय ककी ससंरकगष्ट पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसंध पत एवसं उसवी धनरमागश कवे दद्यो प्रगरभसू प्रसरकर करनवे पर , सत परवीक्षिर कवे गनसरमारर हद्योनवे रक गनमन शरर्दो कवे अधवीन अगग्रिम जममानर पर मकक गकयमा जमाएरमा :- i) आववेदक अगभयद्योजन पक्षि कवे समाक्ष्यनों कवे समार छवेड़िछमाड़ि नहहीं करवेरमा। ii) आववेदक अगभयद्योजन पक्षि कवे रवमाहनों कद्यो धमकमाएरमा यमा परवेशमान नहहीं करवेरमा। iii) आववेदक गवचमारर न्यमायमालय दमारमा गनधमारररर गरधर एवसं समय पर उपणसरर हद्योरमा ररमा अनमावश्यक सररन नहहीं लवेरमा। iv) आववेदक उस अपरमाध कवे सममान कद्योई अपरमाध नहहीं करवेरमा, धजसकमा आरद्योप आववेदक पर लरमायमा रयमा हहै यमा धजसकवे गकए जमानवे कमा ससंदवेह हहै। v) आववेदक ममामलवे कवे रथ्यनों सवे पररगचर गकसवी व्यगक कद्यो प्रत्यक्षि यमा अप्रत्यक्षि रूप सवे कद्योई प्रलद्योभन, धमककी यमा वमादमा नहहीं करवेरमा धजससवे वह व्यगक न्यमायमालय यमा गकसवी पकधलस अधधकमारवी कवे समक्षि रथ्यनों कमा खिकलमासमा करनवे सवे गवमकखि हद्यो जमाए यमा समाक्ष्यनों कवे समार छवेड़िछमाड़ि करवे। 9. उपरद्योक उलवेधखिर शरर्दोसं मम सवे गकसवी भवी शरर कवे उलघसंन ककी णसरगर मम ससंबधधर गवचमारर न्यमायमालय आववेदक कद्यो प्रदत्त जममानर गनरसर करनवे हवेरक सवरसंत हहै। 10. रद्नकसमार वररममान अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत असंगरम रूप सवे गनसरमाररर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 7.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad