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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 111571 (ALL)

DR. SHAHEENA KHAN ALIAS SHAHEENA PARVEEN v. STATE OF U.P. AND 2 OTHERS

NABAIL/12001/2024 · 2025-09-25

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 12001 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. सूची पुनरीिक्षत वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् अिग्रम जमानत प्राथर्ना पत्र आवेिदका डा. शािहना खान उफर् शाहीना परवीन की ओर से मु०अ०स० 0229/2024 अन्तगर्त धारा 318/ 319/ 336/ 340 भा.दं.सं. एवं धारा 15(2) इंिडयन मेिडकल काउिन्सल एक्ट व धारा 22(3)/ 23 प्री नेटल डाइग्रािस्टक टेक्नीक्स , थाना गौराबादशाह, िजला जौनपुर में अिग्रम जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 2. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता की तरफ से िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 3. आवेिदका के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेिदका िनदोर्ष है, उसे उपरोक्त धाराओं में द्वेषवश तंग व परेशान करने की िनयत से आिलप्त िकया गया है, उसे आशंका है िक उसे उपरोक्त विणत मामले में िगरफ्तार िकया जा सकता है, जबिक उसके िवरूद्ध कोई िवश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। उनका यह भी कथन है िक आवेिदका के िवरुद्ध अभी तक कोई भी बाध्यकारी प्रिक्रया नहीं अपनाई गयी है एवं आवेिदका की ओर से यह भी आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतों को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। 4. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता द्वारा यह तकर् प्रस्तुत िकया गया िक अिभयुक्त द्वारा कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है तथा आवेिदका के िवरुद्ध पयार्प्त साक्ष्य के आधार पर पुिलस द्वारा आवेदक के िवरुद्ध संबंिधत िवचारण न्यायालय में आरोपपत्र प्रेिषत िकया गया है। इसिलए आवेिदका को अिग्रम जमानत पर मुक्त िकये जाने का कोई औिचत्य प्रतीत नहीं होता है। अतः अिभयुक्ता का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र िनरस्त िकया जाय। 5. यह कहा जा सकता है िक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, के मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय ने माना है िक अिग्रम जमानत पर िनणर्य करते समय Versus Counsel for Applicant(s) : Ashutosh Kumar Tripathi, Vijaya Nand Maurya Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Dr. Shaheena Khan Alias Shaheena Parveen .....Applicant(s) State Of U.P. And 2 Others .....Opposite Party(s) न्यायालय को आरोप की प्रकृ ित और गंभीरता, अिभयुक्त का पूवर्वृत्त, अिभयुक्त के न्याय से भागने की संभावना पर िवचार करना चािहए तथा न्यायालय को अिभयुक्त के िवरुद्ध उपलब्ध संपूणर् सामग्री का सावधानीपूवर्क मूल्यांकन करना चािहए तथा अिभयुक्त की सटीक भूिमका को भी ध्यान में रखना चािहए। 6. वतर्मान मामले में अिग्रम जमानत संबंधी िविध के स्थािपत िसद्धांतों को ध्यान में रखते हुए और पक्षकारों के िवद्वान अिधवक्ताओं के कथनों, आरोपों की प्रकृ ित, आवेिदका की भूिमका और मामले के सभी तथ्यों एवं पिरिस्थितयों को ध्यान में रखते हुए चूंिक संबंिधत िवचारण न्यायालय में आवेिदका के िवरुद्ध साक्ष्य पाये जाने के उपरान्त आरोप पत्र प्रेिषत िकया जा चुका है, अतः मामले के गुण-दोष पर िबना कोई िवचार व्यक्त िकए यह अिग्रम जमानत आवेदन पत्र स्वीकार िकए जाने योग्य नहीं है, तद्रुसार आवेिदका का अिग्रम जमानत आवेदन पत्र अस्वीकार िकया जाता है। 7. उपरोक्तानुसार वाद के गुण-दोष पर िटप्पणी िकये बगैर यह अिग्रम जमानत प्राथर्नापत्र िनरस्त िकया जाता है। 8. इस वाद में यिद कोई अंतिरम आदेश हो, तो वह स्वतः समाप्त समझा जाए। 9. कायार्लय को िनदेर्िशत िकया जाता है िक इस आदेश की प्रितिलिप संबंिधत िवचारण न्यायालय को अिवलम्ब प्रेिषत करें। September 26, 2025 S.Mishra NABAIL No. 12001 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad