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HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 45879 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.
1. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र, आवेदक की ओर से मु०अ०सं० 519/2024 अन्तगर्त धारा 406, 419, 420, 467, 468, 471, 120बी भारतीय दण्ड संिहता, थाना खलीलाबाद, िजला संत कबीर नगर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है।
2. आवेदक की ओर से विरष्ठ िवद्वान अिधवक्ता श्री वी०पी० श्रीवास्तव व उनके सहयोगी िवद्वान अिधवक्ता श्री प्रदीप चन्द्रा, एस०पी० पाण्डेय, पिरवादी की ओर से िवद्वान अिधवक्ता श्री िवजय प्रताप िसह एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया।
3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक आवेदक को इस प्रकरण में गलत एवं फजीर् ढंग से झूठा फं साया गया है। प्रश्नगत प्रकरण में प्रासंिगक तथ्य यह है िक आवेदन पत्र के अनुलग्नक-4 में लगे अनुबंध ज्ञापन (Memorandum of Understanding) के प्रस्तर-2 में यह विणत है िक "The First party i.e. Mr. Vaibhav Chaturvedi will become a 50% partner in Bajaj Showroom and workshop under New India Automobiles by paying 15,00000 to the second party Mr. Aftab Khan. The stake percentage of the first party will be reflected in the partnership deed and in the firm. The First party i.e. Mr. Vaibhav Chaturvedi will not be a partner in building, land, interior, exterior, equipment's and fixed assets." इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक उभय पक्ष के मध्य व्यापािरक लेन-देन पूवर् से ही चल रहा था, जबिक अिभयोगी द्वारा मुख्यतः आक्षेिपत िकया गया िक किथत अपराध भ्रिमत करके िकया गया है। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक अिभयोगी व उसके पुत्र को उक्त अनुबध ज्ञापन व उसमें विणत तथ्यों की पूणर् जानकारी थी, िकतु दुराशय के तहत आवेदक को Versus Counsel for Applicant(s) : Nanhe Lal Tripathi, Pratik Chandra, Sheetala Prasad Pandey, Sr.
Advocate Counsel for Opposite Party(s) : G.A., Vijay Pratap Singh Aftab Khan .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s)
इस मामलें में अिभयुक्त नािमत कर िदया गया। उनका कथन है िक आवेदक की ओर से यह आश्वासन िदया गया है िक वह कानून की प्रिक्रया में सहयोग करने के िलए तैयार है और जब भी आवश्यकता होगी वह ईमानदारी से िवचारण न्यायालय के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतोर्ं को स्वीकार करने के िलए भी तैयार है जो न्यायालय उस पर अिधरोिपत करेगी। आवेदक िनदोर्ष है तथा वह इस प्रकरण में िद० 03.11.2024 से कारागार में िनरुद्ध है, इसिलए आवेदक को जमानत पर छोड़ िदया जाय।
4. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने अिभयुक्त के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं का प्रबल िवरोध करते हुए तकर् प्रस्तुत िकया िक अिभयुक्त की सास श्रीमती कमलावती राय द्वारा द्वारा गाटा सं० 191, 192 का बैनामा िदनांक 19.09.2019 को अिभयोगी के पुत्र वैभव चतुवेर्दी के पक्ष में िनष्पािदत िकया गया तथा श्रीमती कमलावती राय के िनदेर्श के अऩुसार उक्त के क्रय धनरािश अिभयुक्त के फमर् न्यू इंिडया मचेर्ंट व इंिडया ऑटो मोबाइल में चेक के माध्यम भुगतान िकया गया, जबिक उपरोक्त गाटा सं० 191, 192 को पूवर् में ही एच०डी०एफ०सी० बैंक में लोन के एवज में गारण्टी के तौर पर जमा रखा गया था तथा गाटा सं० 127, 128 का बैनामा करने का वायदा करके अिग्रम धनरािश ले गयी, िकतु उसका बैनामा नहीं िकया गया तथा जब गाटा सं० 127, 128 इसके संबंध में जानकारी गयी तो पता चला िक गाटा सं० 127, 128 पहले से ही एच०डी०एफ०सी० बैंक में बंधक है। इसकी पिरपुिष्ट पूरक प्रितशपथ, िदनांिकत 25.08.2025 में अनुलग्नक-1 में संलग्न बैंक िववरण के अनुसार भी हो रहा है। इससे पिरलिक्षत हो रहा है िक अिभयुक्त द्वारा सुिनयोिजत तरीके से कू टरिचत प्रपत्रों के आधार पर छल करते हुए अिभयोगी के पुत्र से किथत धनरािश हड़प ली गयी। आवेदक द्वारा अन्य सहअिभयुक्तगण के साथ िमलकर कािरत अपराध गंभीर प्रकृ ित का है। इसिलए, अिभयुक्त को जमानत पर न छोड़ा जाय।
5. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्ता के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है।
6.
अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं
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करेगा। आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं।
2. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।
3. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी आपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा।
4. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़।
5. 7. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 9, 2025 CP.sahani BAIL No. 45879 of 2024 3 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad