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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 111385 (ALL)

SANTOSH KUMAR GUPTA v. STATE OF U.P.

BAIL/45986/2024 · 2025-09-07

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 45986 of 2024 Court No. - 70 HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J. 1. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता, पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता एवं राज्य की तरफ से िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. वतर्मान दािण्डक प्रकीणर् जमानत प्राथर्ना पत्र आवेदक पवन कु मार की ओर से मु०अ०सं० 247/2024, अंतगर्त धारा 420, 406, 467, 468, 120बी, 471, 504, भा.दं.सं., थाना सदर बाजार, िजला शांहजहांपुर में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस्तुत िकया गया है। 3. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा पूरकशपथ पत्र दािखल िकया गया, इसे पत्रवाली पर रखा जाय। 4. आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् प्रस्तुत िकया िक इस वाद में न्यायालय के पूवर् आदेश िदनांक 29.07.2025 के द्वारा किथत िववािदत धनरािश सूचनाकतार् को छः सप्ताह में वापस करने के आधार पर आवेदक को अंतिरम जमानत पर मुक्त िकया गया था। आवेदक के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा अिग्रम कथन िकया गया िक उक्त आदेश के अनुपालन में िववािदत धनरािश िडमाण्ड ड्राफ्ट के माध्यम से आवेदक को दी जा चुकी है, िजसे िवचारण न्यायालय द्वारा सत्यािपत भी िकया जा चुका है तथा संबंिधत दस्तावेज/साक्ष्यों को अनुपालन शपथ-पत्र, िदनांिकत 08.09.2025 में संलग्न िकया गया है, िजससे यह स्पष्ट है िक आवेदक द्वारा िववािदत धनरािश सूचनाकतार् के खाते में जमा की जा चुकी है। इसिलए, आवेदक को िनयिमत जमानत पर मुक्त कर िदया जाए। 5. पिरवादी के िवद्वान अिधवक्ता द्वारा यह कथन िकया गया िक उक्त िववािदत धनरािश िडमाण्ड ड्राफ्ट के माध्यम से अिभयोगी को प्राप्त हो चुकी है। इसिलए, अिभयुक्त को िनयिमत जमानत पर मुक्त िकये जाने पर उन्हें कोई आपित्त नहीं है। 6. उभय पक्ष के िवद्वान अिधवक्तागण के तकोर्ं के पिरप्रेक्ष्य में पत्रावली पर उपलब्ध सारवान Versus Counsel for Applicant(s) : Atharva Dixit, Aushim Luthra, Raghuvansh Misra Counsel for Opposite Party(s) : Deepak Kumar Srivastava, G.A., Om Narayan Pandey Santosh Kumar Gupta .....Applicant(s) State of U.P. .....Opposite Party(s) तथ्यों एवं पिरिस्थितयों का समग्र रूप से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्रकृ ित और िकसी भी ठोस िवरोधात्मक सामग्री की अनुपिस्थित एवं उपलब्ध सामग्री से छेड़छाड़ की संभावना न होने के तथ्य को देखते हुए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त आधार है। 7. अतः वाद के गुण-दोष पर िबना कोई िटप्पणी िकए हुए आवेदक को उपरोक्त विणत अपराध में संबंिधत न्यायालय की संतुिष्ट पर व्यिक्तगत बंध-पत्र एवं उसी धनरािश के कोई भी दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर िनम्निलिखत शतोर्ं के साथ जमानत पर छोड़ िदया जाय। i. आवेदक िववेचना या परीक्षण के दौरान अिभयोजन साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा। ii. आवेदक अिभयोजन सािक्षयों व पीिड़ता/ िशकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं। iii. आवेदक न्यायालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्षण के दौरान िबना कोई अनावश्यक स्थगन िलए िनयत ितिथ पर न्यायालय में उपिस्थत होगा तथा परीक्षण में ईमानदारी से सहयोग करेगा। iv. आवेदक जमानत पर िरहा होने के बाद जमानत की स्वतंत्रता का दुरूपयोग नही करेगा और िकसी भी अपरािधक गितिविध में िलप्त नहीं होगा न कोई अपरािधक कृ त्य करेगा। v. आवेदक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी भी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को कोई प्रलोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, िजसके कारण उन्हें न्यायालय में तथ्यों को उजागर करने से िवरत रहना पडे़। 8. उपरोक्त शतोर्ं में से िकसी के उल्लंघन के मामले में, परीक्षण न्यायालय आवेदक की जमानत िनयमानुसार रद्द करने को स्वतंत्र है। September 8, 2025 CP.sahani BAIL No. 45986 of 2024 2 (Dr. Gautam Chowdhary,J.) Digitally signed by :- CHANDRA PRAKASH SAHANI High Court of Judicature at Allahabad