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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 110629 (ALL)
CHARAN SINGH v. STATE OF U.P.
NABAIL/11886/2024 · 2025-07-30
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 110629 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:128754
Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 11886 of 2024 Applicant :- Charan Singh Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Raghav Dwivedi Counsel for Opposite Party :- Aishwarya Krishna,G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत, आववेदक चरर सससिंह ककी ओर सवे ममु०अ०ससिं० 275 सनन् 2024, अन्रररर धमारमा 191(2)/ 115(2)/ 127(2)/ 351(2)/ 133/ 352/ 140(4)/ 61(2) बब.एन.एस., रमानमा जररयमा, सजलमा हमबरपमुर मम अगग्रिम जममानर ककी ममामाँर कररवे हहए इस प्रमाररनमा कवे समार दमायर गकयमा रयमा हहै गक गररफ्रमारब ककी णसरगर मम आववेदक कक जममानर पर ररहमा गकयमा जमा सकवे ।
2. आववेदक कवे गवदमान असधवकमा एवसिं गवदमान अपर शमासककीय असधवकमा कक समुनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन गकयमा।
3. आववेदक कवे गवदमान असधवकमा नवे रकर प्रसरमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकक धमारमाओसिं मम दवेषवश रसिंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आसलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशसिंकमा हहै गक उसवे उपरकक वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै जबगक उसकवे गवरूद्ध ककई गवश्वसनबय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक गकसब दमुष्प्रवेरर कवे षण्डियसिंत मम गकसब व्यगक कवे समार सणममसलर नहहीं हहआ हहै। उनकमा यह भब करन हहै गक आववेदक कमा ककई आपरमासधक इगरहमास नहहीं रहमा हहै और आववेदक कवे गवरूद्ध अभब रक ककई भब बमाध्यकमारब प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयब हहै। पमुननः उनकमा करन हहै गक आववेदक गवचमारर और जजॉच कवे ददौरमान सहयकर करनवे कमा वचन दवेरमा हहै गक वह जजॉच एजमसब यमा न्यमायमालय दमारमा अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा एवसिं आववेदक ककी ओर सवे यह आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमाननून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकर करनवे कवे सलए रहैयमार हहै और जब भब आवश्यकरमा हकरब वह ईममानदमारब सवे न्यमायमालय कवे समक्षि खमुद कक उपलब्ध करमाएरमा और उन सभब शरर्दोसिं कक सवबकमार करनवे कवे सलए भब रहैयमार हहै जक न्यमायमालय उस पर असधरकगपर करवेरब।
4. गवदमान अपर शमासककीय असधवकमा दमारमा अगभयमुक कवे अगग्रिम जममानर कवे गवरकध मम यह रकर प्रसरमुर गकयमा रयमा गक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध रसिंभबर प्रकक गर कमा हहै। ममामलवे कवे रथ्य
एवसिं पररणसरगरययों कक दृगष्टिरर रखरवे हहयवे अगभयमुक कक अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयवे जमानवे कमा पयमारप्त अधमार नहहीं हहै। अरनः अगभयमुक कक अगग्रिम जममानर पर न छकडमा जमायवे।
5.
यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre vs. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694 कवे ममामलवे मम ममाननबय उच्चरम न्यमायमालय दमारमा यह अवधमाररर गकयमा रयमा हहै गक अगग्रिम जममानर यमागचकमा पर न्यमाय गनररयन कररवे समय न्यमायमालय कक आरकपयों ककी प्रकक गर और रसिंभबररमा, आरकपब ककी न्यमागयक प्रगक्रियमा सवे भमारनवे ककी ससिंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए और यह गक न्यमायमालय कक आरकपब कवे गवरूद्ध उपलब्ध सभब समामग्रिब कमा समावधमानब सवे मनूल्यमासिंकन करनमा चमागहए और आरकपब ककी वमासरगवक भनूगमकमा पर भब गवचमार करनमा चमागहए।
6. उभय पक्षि कवे रकयों एवसिं वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर ससिंबसिंधब गवसध कवे सरमागपर ससद्धमासिंरयों कक ध्यमान मम रखरवे हहए और पक्षिकमारयों कवे गवदमान असधवकमाओसिं कवे करनयों , आरकपयों ककी प्रकक गर, आववेदक ककी भनूगमकमा और ममामलवे कवे सभब रथ्ययों एवसिं पररणसरगरययों कक ध्यमान मम रखरवे हहए, ममामलवे कवे रमुर-दकष पर गबनमा ककई गवचमार व्यक गकए अगग्रिम जममानर ककी प्रमाररनमा सवबकमार गकए जमानवे यकग्य हहै।
7. रद्नमुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत सवबकमार गकयवे जमानवे यकग्य हहै।
8. उपरकक ममुकदममा अपरमाध ससिंख्यमा मम सणममसलर आववेदक ककी गररफ्रमारब ककी दशमा मम , उसवे ससिंबसिंसधर रमानवे कवे भमारसमाधक असधकमारब ककी ससिंरमुगष्टि पर रू० 50,000/- कमा व्यगकरर बसिंध पत एवसिं उसब धनरमागश कवे दक प्रगरभनू प्रसरमुर करनवे पर , पमुसलस दमारमा आरकप पत दमासखल हकनवे रक गनमन शरर्दोसिं कवे अधबन अगग्रिम जममानर पर ररहमा गकयमा जमाएरमा :- 1- आववेदक, यगद आवश्यक हकरमा रक पमुसलस असधकमारब दमारमा जजॉच हवेरमु अपवेगक्षिर समय पर उपणसरर रहवेरमा। 2- आववेदक ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररगचर गकसब व्यगक यमा पमुसलस असधकमाररययों कक प्रत्यक्षि यमा परकक्षि रूप सवे ककई धमककी , वमादमा यमा प्रलकभन नहहीं दवेरमा सजससवे गक वह ऐसवे रथ्य कक न्यमायमालय कवे समक्षि यमा गकसब पमुसलस असधकमारब कवे समक्षि प्रकट न करनवे पर ममान जमाए। 3- आववेदक गवववेचनमा कवे ददौरमान सहयकर करमरवे और जममानर ककी सवरसिंतरमा कमा दमुरूपयकर नहहीं करवेरमा। उपरकक शरर्दोसिं कवे उलसिंघन ककी णसरगर मम गवववेचनमासधकमारब /अगभयकजन पक्षि कक, आववेदक कक
प्रदत्त अगग्रिम जममानर कवे गनरसरबकरर हवेरमु उपयमुक आववेदन प्रसरमुर करनवे ककी सवरसिंतरमा हकरमा।
9.
रद्नमुसमार यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत उपरकक गटप्पगरययों कवे समार असिंगरम रूप सवे गनसरमाररर गकयमा जमारमा हहै। Order Date :- 31.7.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad