Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 110606 (ALL)

JAVED v. STATE OF U.P.

ABAIL/12011/2024 · 2025-07-06

Gautam Chowdhary

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC:106604 Court No. - 70 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 12011 of 2024 Applicant :- Javed Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- D.M.Tripathi,Rahul Tiwari Counsel for Opposite Party :- G.A.,Raghuvansh Chandra,Ram Jee Saxena Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J. 1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर अगग्रिम जममानर प्रमाररनमा पत्र आववेदक जमाववेद ककी ओर सवे ममु०अ०स० 320/2024, अन्रररर धमारमा 452, 376, 323, 504, 506 भमा०ददं०गव०, रमानमा गकठठौर, जजलमा मवेरठ मम अगग्रिम जममानर पर ममुक्त करनवे हवेरमु प्रस्रमुर गकयमा रयमा हहै। 2. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा शश्री रमाहहल गत्रपमाठश्री एवदं गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा शश्री चदंदन जसदंह कको समुनमा ररमा पत्रमावलश्री कमा पररशश्रीलन गकयमा। 3. आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रमुर गकयमा गक आववेदक गनदर्दोष हहै , उसवे उपरकोक्त धमारमाओदं मम दवेषवश रदंर व परवेशमान करनवे ककी गनयर सवे आजलप्त गकयमा रयमा हहै , उसवे आशदंकमा हहै गक उसवे उपरकोक्त वगररर ममामलवे मम गररफ्रमार गकयमा जमा सकरमा हहै , जबगक उसकवे गवरूद्ध ककोई गवश्वसनश्रीय समाक्ष्य नहहीं हहै। आववेदक दमारमा ऐसमा ककोई भश्री कक त्य कमाररर नहहीं गकयमा रयमा हहै , जहैसमागक प्रमारगमककी मम उलवेजखिर हहै। आववेदक कवे गवदमान अजधवक्तमा दमारमा अपनवे पपूवर कवे आपरमाजधक इगरहमाससों कको शपरपत्र कवे प्रस्रर सदं० 23 मम स्पष्ट गकयमा रयमा हहै। अगग्रिम उनकवे दमारमा करन गकयमा रयमा गक उक्त वमाद मम आववेदक कवे गवरुद्ध आरकोपपत्र दमाजखिल गकयमा जमा चमुकमा हहै। उनकमा यह भश्री करन हहै गक आववेदक कवे गवरूद्ध अभश्री रक ककोई भश्री बमाध्यकमारश्री प्रगक्रियमा नहहीं अपनमाई रयश्री हहै एवदं आववेदक ककी ओर सवे यह भश्री आश्वमासन गदयमा रयमा हहै गक वह कमानपून ककी प्रगक्रियमा मम सहयकोर करनवे कवे जलए रहैयमार हहै और जब भश्री आवश्यकरमा हकोरश्री वह ईममानदमारश्री सवे न्यमायमालय कवे समक्ष खिमुद कको उपलब्ध करमाएरमा और उन सभश्री शरर्दोदं कको स्वश्रीकमार करनवे कवे जलए भश्री रहैयमार हहै जको न्यमायमालय उस पर अजधरकोगपर करवेरश्री। 4. गवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा दमारमा यह रकर प्रस्रमुर गकयमा रयमा गक अगभयमुक्त दमारमा कमाररर अपरमाध रदंभश्रीर प्रकक गर कमा हहै ररमा आववेदक कवे गवरुद्ध पयमारप्त समाक्ष्य कवे आधमार पर पमुजलस दमारमा आववेदक कवे गवरुद्ध सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय मम आरकोपपत्र प्रवेगषर गकयमा रयमा हहै। इसजलए आववेदक कको अगग्रिम जममानर पर ममुक्त गकयवे जमानवे कमा ककोई औगचत्य प्ररश्रीर नहहीं हकोरमा हहै। अरतः अगभयमुक्त कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र गनरस्र गकयमा जमाय। 5. यह कहमा जमा सकरमा हहै गक Siddharam Satlingappa Mhetre v. State of Maharashtra, (2011) 1 SCC 694, कवे ममामलवे मम ममाननश्रीय उच्चरम न्यमायमालय नवे ममानमा हहै गक अगग्रिम जममानर पर गनररय कररवे समय न्यमायमालय कको आरकोप ककी प्रकक गर और रदंभश्रीररमा, अगभयमुक्त कमा पपूवरवकत, अगभयमुक्त कवे न्यमाय सवे भमारनवे ककी सदंभमावनमा पर गवचमार करनमा चमागहए ररमा न्यमायमालय कको अगभयमुक्त कवे गवरुद्ध उपलब्ध सदंपपूरर समामग्रिश्री कमा समावधमानश्रीपपूवरक मपूल्यमादंकन करनमा चमागहए ररमा अगभयमुक्त ककी सटश्रीक भपूगमकमा कको भश्री ध्यमान मम रखिनमा चमागहए। 6. वररममान ममामलवे मम अगग्रिम जममानर सदंबदंधश्री गवजध कवे स्रमागपर जसद्धमादंरसों कको ध्यमान मम रखिरवे हहए और पक्षकमारसों कवे गवदमान अजधवक्तमाओदं कवे करनसों , आरकोपसों ककी प्रकक गर , आववेदक ककी भपूगमकमा और ममामलवे कवे सभश्री रथ्यसों एवदं पररणस्रगरयसों कको ध्यमान मम रखिरवे हहए चपूदंगक सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय मम आववेदक कवे गवरुद्ध समाक्ष्य पमायवे जमानवे कवे उपरमान्र आरकोपपत्र प्रवेगषर गकयमा जमा चमुकमा हहै , अरतः ममामलवे कवे रमुर -दकोष पर गबनमा ककोई गवचमार व्यक्त गकए यह अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र स्वश्रीकमार गकए जमानवे यकोग्य नहहीं हहै , रद्नमुसमार आववेदक कमा अगग्रिम जममानर आववेदन पत्र अस्वश्रीकमार गकयमा जमारमा हहै। 7. उपरकोक्तमानमुसमार वमाद कवे रमुर-दकोष पर गटप्परश्री गकयवे बरहैर यह अगग्रिम जममानर प्रमाररनमापत्र गनरस्र गकयमा जमारमा हहै। 8. इस वमाद मम यगद ककोई अदंरररम आदवेश हको, रको वह स्वरतः सममाप्त समझमा जमाए। 9. कमायमारलय कको गनदरगशर गकयमा जमारमा हहै गक इस आदवेश ककी प्रगरजलगप सदंबदंजधर गवचमारर न्यमायमालय कको अगवलम्ब प्रवेगषर करम। Order Date :- 7.7.2025 Pawan Kumar Digitally signed by :- PAWAN KUMAR High Court of Judicature at Allahabad